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बुधवार, नवंबर 25, 2009

झारखंड : फर्स्ट फेज की वोटिंग खत्म, राज्यपाल नहीं डाल पाए वोट



रांची. झारखंड में पांच चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण में आज 26 सीटों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हो गया और इस दौरान 45 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
क्षेत्नों के 6532234 मतदाताओं में से 45 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने 470 उम्मीदवारों के भाग्य को 8176 मतदान केन्द्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में बंद कर दिया।
इस बीच राज्य के पुलिस महानिदेशक बी डी राम ने बताया कि 26 विधानसभा क्षेत्नों का मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और कहीं से किसी अप्रिय घटना की अभी तक कोई सूचना नहीं है।
प्रथम चरण मे जिन प्रमुख उम्मीदवारों के भाग्य आज इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन में बंद हो गया उनमें झारखंड विधानसभा अध्यक्ष और कांग्रेस उम्मीदवार आलमगीर आलम, जनता दल यूनाईटेड के प्रदेश अध्यक्ष जलेश्वर महतो, झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्नी दुलाल भुईयां, कांग्रेस के उदय शंकर सिंह, पूर्व मंत्नी और कांग्रेस उम्मीदवार पुरकान अंसारी, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रघुवर दास, पूर्व मंत्नी थॉमस हांसदा, भाजपा के सी पी ¨सह, सरयू राय, फॉरवर्ड ब्लाक की अपर्णा सेन गुप्ता, झामुमो के सूरज मंडल और झारखंड विकास मोर्चा के प्रदीप यादव शामिल हैं।


राज्यपाल झारखंड के मतदाता नहीं, वोट डालने से वंचित रहे

झारखंड के राज्यपाल के शंकरा नारायण और उनकी पत्नी राधा शंकरा नारायणन राज्य के मतदाता नहीं बने और इस कारण आज यहां मतदान में भाग नहीं ले पाए। राज्य के प्रथम नागरिक श्री नारायणन ने केरल के मतदाता बने रहने में अपनी रुचि दिखाई और झारखंड के मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज नहीं कराया जिसके कारण वह झारखंड विधानसभा के प्रथम चरण के चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाए। नारायणन की पत्नी ने भी राज्य की प्रथम महिला होने के बावजूद यहां की मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज नहीं कराया।


बिजली की मांग को लेकर चुनाव बहिष्कार

झारखंड में देवधर विधानसभा क्षेत्न के तीन गांव के आदिवासी मतदाताओं ने बिजली की मांग को लेकर आज चुनाव का बहिष्कार किया। देवघर मुख्यालय से करीब चार किलोमीटर दूर खीरवासराय, पेशरपुर और पदनबौना गांव के ५९१ मतदाताओं ने चुनाव का बहिष्कार किया। मतदाताओं का आरोप है कि राजनीतिक दलों ने चुनाव से पूर्व उन्हें राजीव गांधी ग्रमीण विद्युतीकरण योजना के तहत गांव में बिजली मुहैया कराने का आश्वासन दिया था।

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