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बुधवार, नवंबर 25, 2009

ओबामा रात्रिभोज: अमेरिकी राष्ट्रति ने हिंदी में बोल समां बांधा


बुधवार, वाशिंगटन, 25 नवंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के स्वागत में आयोजित रात्रिभोज में अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हिंदी में कहा, "आपका स्वागत है।"

व्हाइट हाउस के साउथ लॉन्स में लगाए गए श्वेत रंग के भव्य तंबू में दाल के बेहद शौकीन ओबामा ने हिंदी में प्रधानमंत्री का स्वागत कर लंबे अर्से से प्रतीक्षित उस रात्रिभोज का समां बांध दिया जिसे विश्व के दो महान लोकतंत्रों के बीच मैत्री के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा था।

करीब 300 मेहमानों के सामने ओबामा ने कहा, "तारों की छांव में आज हम भारत और अमेरिका की दोस्ती का जश्न मना रहे हैं। हम भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती सहभागिता का उत्सव मना रहे हैं।"

ओबामा के प्रथम राजकीय भोज में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जो बिडेन, विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन , रक्षा मंत्री राबर्ट गेट्स और ओबामा के विश्वसनीय सहायक रैम इमैनुएल तथा वालेरी जैरेट सहित सभी शीर्ष नेता उपस्थित थे।

भारतीय उद्योगपति रतन टाटा और मुकेश अंबानी , पेप्सीको कंपनी की भारतीय मूल की मुख्य कार्यकारी अधिकारी इंद्रा नूयी, आध्यात्मिक गुरु दीपक चोपड़ा, अनीश गोयल,अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के दक्षिण एशिया विशेषज्ञ रजत गुप्ता भी रात्रिभोज में उपस्थित थे।

व्हाइट हाउस में दीवाली और गुरु नानक जयंती मनाने वाले ओबामा ने अमेरिका में जीवन के हर हिस्से को समृद्ध बना रहे 20 लाख से अधिक भारतीयों की प्रशंसा की।

महात्मा गांधी के प्रशंसक ओबामा ने भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु को याद करते हुए कहा कि, "उनके शब्द आज रात हमसे कुछ कहते हैं।"

मनमोहन सिंह ने तालियों के बीच व्हाइट हाउस तक के ओबामा के सफर की प्रशंसा करते हुए कहा कि आपके सफर ने लाखों भारतीयों की कल्पनाओं को प्रभावित किया है।

जहां ओबामा ने गांधी और नेहरु को याद किया वहीं सिंह ने अपने से 30 वर्ष छोटे व्यक्ति के अमेरिका के पहले अफ्रीकी-अमेरिकी राष्ट्रपति बनने की प्रशंसा में अब्राहम लिंकन के शब्दों का उल्लेख करते हुए कहा, "अंत में यह मायने नहीं रखेगा कि आप कितने वर्ष जिए, बल्कि यह अहम होगा कि इन वर्षो में कितना जीवन था।"

सिंह ने नोबेल पुरस्कार हासिल करने के लिए भी ओबामा की प्रशंसा की।

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