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बुधवार, अप्रैल 07, 2010

सकते में आया केंद्र बदलेगा रणनीति

नई दिल्ली-दंतेवाड़ा के नक्सली हमले में 76 जवानों को गंवाने के बाद सकते में आई केंद्र सरकार अब संयुक्त अभियान की रणनीति बदलने पर विचार को मजबूर हो गई है। आंतरिक सुरक्षा तंत्र को मानना पड़ा कि नक्सलियों के खिलाफ इस ऑपरेशन में खामी के चलते जवानों को जान से हाथ धोना पड़ा। अब तक के सबसे बड़े नक्सली हमले के बाद केंद्र सरकार को सख्त कार्रवाई का संकेत देने में ही छह घंटे से ज्यादा लग गए। प्रधानमंत्री निवास पर हुई राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद ही केंद्र सरकार नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब देने का ऐलान कर सकी। नक्सलियों के अब तक के सबसे बड़े हमले के बाद देश का पूरा आंतरिक सुरक्षा तंत्र ही नहीं, प्रधानमंत्री कार्यालय भी सकते में आ गया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गृह मंत्री पी. चिदंबरम को फोन कर घटना की पूरी जानकारी ली। इसके बाद शाम को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक भी हुई, हालांकि बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि बैठक पहले से निर्धारित थी और इसमें चीन के साथ सीमा पर बुनियादी ढांचा तैयार करने पर चर्चा हुई, लेकिन इस बैठक के बाद ही केंद्र सरकार नक्सलियों के खिलाफ आक्रामक तेवरों में दिखाई पड़ी। बैठक के बाद गृह सचिव जीके पिल्लै ने दो टूक कहा कि सरकार इस हमले का मुंहतोड़ जवाब देगी। नक्सली हत्यारे हैं और उन पर किसी तरह की मुरव्वत नहीं की जाएगी। गृह मंत्री, रक्षा मंत्री, थल व वायु सेना अध्यक्ष और सुरक्षा सलाहकार सहित वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस बैठक से पहले गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री व अधिकारियों से बात कर इस संयुक्त अभियान में चूक की बात स्वीकारी। इस घटना के बाद सरकार संयुक्त अभियान की मौजूदा रणनीति पर दोबारा विचार करने को मजबूर हो गई है। सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद गृह सचिव जीके पिल्लै ने इस तरफ इशारा भी किया। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन में कोई बड़ी चूक हुई है, जिसके चलते हमें इतने जवानों से हाथ धोना पड़ा। सूत्रों के अनुसार, संयुक्त अभियान को ज्यादा अचूक बनाने के लिए केंद्र अब हथियारों के साथ-साथ सर्विलांस उपकरणों पर ज्यादा जोर देगा। गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, नक्सल विरोधी अभियान में शामिल बलों के पास हथियारों की कमी नहीं है। जरूरत सर्विलांस सिस्टम को और मजबूत बनाने की है। इसके तहत साउंड सेंसर, नाइट विजन उपकरण, इंफ्रारेड डिवाइस जैसे साजो-सामान से सुरक्षा बलों को लैस किया जाएगा। फिलहाल नक्सल विरोधी अभियान में लगे सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट भी जारी कर दिया गया है। पीएमओ के प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंहन को इस घटना से गहरा दु:ख व आघात पहुंचा है।

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