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बुधवार, नवंबर 17, 2010

लुधियाना को बनाया जाएगा सोलर सिटी

लुधियाना-केंद्र सरकार ने प्रदेश के 3 जिलों लुधियाना, अमृतसर जालंधर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। यहां सोलर एनर्जी पैदा करने की संभावनाओं का पता लगाने के लिये 90 लाख रुपये भी दिये जा चुके हैं। यह सर्वेक्षण छह माह में मुकम्मल किया जाना है।
यह जानकारी पंजाब एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी के संयुक्त निदेशक इंजी. रविंदर सिंह ने दी। पीएचडी चैंबर, रिन्यूवेबल एनर्जी केंद्र सरकार व पंजाब एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (पेडा) के सहयोग से रिन्युवेबल ऑप्शन फॉर इंडस्ट्रियल यूनिट विषय पर आयोजित सेमीनार को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब, सोलर एनर्जी के प्रयोग के मामले में हरियाणा से काफी पीछे है।
सभी व्यवसायिक केंद्रों, होटलों, अस्पतालों इत्यादि में सोलर ऊर्जा का उपयोग किया जाना आवश्यक है। इस संबंध में 2006 में नोटिफिकेशन भी जारी हो चुका है। रिहायशी निर्माण में भी सोलर ऊर्जा के उपयोग को आवश्यक बताया गया है, लेकिन स्थानीय निकाय विभाग इसे लागू नहीं करवा पाया।
उन्होंने बताया कि जवाहर लाल नेहरू नेशनल सोलर मिशन के तहत राज्यों को सोलर ऊर्जा जनरेशन व सोलर वाटर हीटिंग के लिये लक्ष्य निर्धारित किये गए हैं। जिसके तहत प्रदेश में 30 फीसदी सब्सिडी की व्यवस्था भी की गई है। गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारण व फिरोजपुर जिलों में सब्सिडी सीमा 90 फीसदी रखी गई है। उक्त जिलों के गांव में स्ट्रीट लाइटें लगवाने इत्यादि के लिये 5.5 करोड़ रुपये भी जारी हो चुके हैं। इस दौरान सोलर वाटर हीटिंग प्रोजेक्ट भारत सरकार के प्रोजेक्ट मैनेजर अजीत गुप्ता ने कहा गैर रिवायती ऊर्जा स्तोत्रों का इस्तेमाल कर वातावरण को दूषित होने से बचाया जा सकता है। उन्होंने उद्यमियों से कहा कि वे सरकार की स्कीमों का लाभ उठाकर बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो सकते हैं।
डॉ. संत राम ने कहा कि औद्योगिक संस्थायें रूफ टॉप फोटो वालटिक एनर्जी का प्रयोग कर बिजली का उत्पादन कर सकती हैं। लुधियाना जैसे नगर में सोलर ऊर्जा का प्रयोग कर 30 से 40 फीसदी ऊर्जा की बचत की जा सकती है। इस दौरान पेडा के जीएम अनुपम नंदा ने बताया कि वाटर हीटर के लिये 30 फीसदी सब्सिडी और गोबर गैस प्लांट स्थापित करने में 22 हजार रुपये की लागत में से 8 हजार रुपये सब्सिडी दी जाती है। जिससे रोजाना 6 क्यूबिक मीटर गैस तैयार होती है। जो एक सिलंडर के बराबर है। यह ग्रामीण क्षेत्रों के लिये काफी लाभदायक है। इस दौरान पीएचडी चैंबर के कनवीनर उपकार सिंह आहूजा, जिला उद्योग केंद्र के जीएम विश्वबंधु सहित कई लोग उपस्थित रहे।

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