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Title: पंजाब के पानी ने डूबोई सत्तर एकड़ फसल
Author: Young Flame
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डबवाली -हरियाणा को डूबोने के लिए पंजाब ने एक बार फिर शरारत करते हुए डबवाली डिस्ट्रीब्यूटरी में 200 क्यूसिक अतिरिक्त पानी रातों-रात छो...

डबवाली -हरियाणा को डूबोने के लिए पंजाब ने एक बार फिर शरारत करते हुए डबवाली डिस्ट्रीब्यूटरी में 200 क्यूसिक अतिरिक्त पानी रातों-रात छोड़ दिया। जिससे गांव डबवाली तथा मसीतां के पास डिस्ट्रीब्यूटरी टूट गई। दोनों गांवों की सत्तर एकड़ नरमा की फसल में चार-चार फुट पानी भर गया।
गांव डबवाली का किसान रिछपाल सिंह मंगलवार सुबह करीब 6 बजे अपने खेत की संभाल करने के लिए घर से खेत में आया। उसने देखा कि उसका खेत पानी से लबालब है। डबवाली डिस्ट्रीब्यूटरी टूटी हुई है, जिसका बहाव उनके खेतों की ओर है। रिछपाल सिंह उल्टे पांव गांव में लौट आया। गांव के गुरूद्वारा से डिस्ट्रीब्यूटरी टूटने की सूचना गांव को दी। इस ग्रामीण टूटी डिस्ट्रीब्यूटरी को भरने के लिए मौका पर पहुंच गए। पानी का बहाव इतना तेज था कि कोई भी व्यक्ति इस बहाव के आगे ठहर नहीं सकता था। यह पानी सिर तक आ रहा था। किसानों ने इसकी सूचना तत्काल सिंचाई विभाग हरियाणा के कनिष्ठ अभियंता एसपी मैहता को दी।
किसान जगदीश सिंह, गुरमीत सिंह, रिछपाल सिंह, मुख्तियार सिंह, मोहन सिंह, सरदूल सिंह काला सिंह आदि ने बताया कि जब वह मौके पर पहुंचे तो उन्होंने पाया कि डिस्ट्रीब्यूटरी में करीब बीस फुट लम्बी सेंध लग चुकी है। किसानों ने आरोप लगाया कि जब उन्हें पानी की जरूरत होती है तो पंजाब पानी नहीं छोड़ता। लेकिन बरसात के दिनों में जब पानी ओवरलोड हो जाता है, तो उन्हें डूबोने के लिए पंजाब के सिंचाई अधिकारी इस नहर में पानी छोड़ देते हैं। पिछले साल भी पंजाब ने ऐसा ही किया था।
डिस्ट्रीब्यूटरी टूटने की सूचना पाकर मौका पर डबवाली के तहसीलदार राजेंद्र कुमार, कानूनगो हरदयाल सिंह, हरकिरत सिंह, पटवारी अमी लाल बिश्नोई, हरियाणा सिंचाई विभाग के कनिष्ठ अभियंता एसपी मैहता, अंकुर चौपड़ा मौका पर पहुंचे।
जेई ने बंद कराया पानी
मौका पर पहुंचे हरियाणा नहरी विभाग के कनिष्ठ अभियंता एसपी मैहता ने बताया कि डबवाली डिस्ट्रीब्यूटरी में पंजाब के साथ लगते हरियाणा के गांव देसूमलकाना से निकलती है। सोमवार रात को पंजाब सिंचाई विभाग ने बिना कोई सूचना दिए भाखड़ा नहर की कोटला ब्रांच के कोटबख्तू हैड से 200 क्यूसिक पानी देसूजोधा हैड की ओर धकेल दिया। इस माईनर की क्षमता 100 से लेकर 115 क्यूसिक पानी की है। पहले से ही इसमें 112 क्यूसिक पानी चल रहा था। लेकिन 200 क्यूसिक पानी अचानक छोड़े जाने से पानी का बहाव इतना बढ़ गया कि डबवाली और मसीतां के पास यह डिस्ट्रीब्यूटरी दो स्थानों पर टूट गई। उन्हें जैसे ही इसकी सूचना मिली वे तुरंत वे पंजाब के कोटबख्तू हैड पर पहुंचे वहां पर मौजूद पंजाब सिंचाई विभाग के कर्मी गीता राम तथा देवराज से पानी के बहाव को कम करवाया। इधर देसूजोधा हैड पर गेट गिरा दिए।
कनिष्ठ अभियंता ने बताया कि गांव मसीतां के पास डिस्ट्रीब्यूटरी की दरार को भर दिया गया है। जबकि गांव डबवाली के पास इसे भरने का प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए पीछे से पानी बंद करवा दिया गया है और जेसीबी मशीन लागकर काम को गति दी जा रही है।
नुक्सान का होगा सर्वे
किसानों की फसल का जो नुक्सान हुआ है। उसका सर्वे करने के लिए तहसीलदार राजेंद्र कुमार को निर्देश दे दिए गए हैं। उनकी रिपोर्ट आते ही उपायुक्त सिरसा को भेज दी जाएगी।
-डॉ. मुनीश नागपाल, एसडीएम डबवाली
किसान को प्रति एकड़ आठ हजार का नुक्सान
किसान को प्रति एकड़ करीब आठ हजार रूपए का नुक्सान हुआ। किसानों के अनुसार उन्होंने प्रति एकड़ चार हजार रूपए कीमत के तीन पैकेट बीज, 1000 रूपए डीजल, दो हजार रूपए खाद तथा एक हजार रूपए लेबर का नुक्सान उठाना पड़ा है। उनके अनुसार पानी के घुस जाने से खेतों की जमीन दलदल बन गई है। शीघ्र न तो फसल की बिजाई हो पाएगी, जिससे उन्हें अपनी इस फसल से पूरी तरह हाथ धोना पड़ सकता है। जो नुक्सान आगे चलकर कई लाख रूपए में बदल जाएगा।
शरारत से बाज नहीं आता पंजाब
हरियाणा सिंचाई विभाग रोड़ी मण्डल के एसडीई बलवंत राम का कहना है कि पंजाब कई सालों से बरसात के दिनों में बिना सूचना दिए कोटला ब्रांच के कोटबख्तू हैड से अतिरिक्त पानी हरियाणा की ओर छोड़कर हरियाणा के किसानों को नुक्सान पहुंचाता आ रहा है। इस संबंध में पंजाब सिंचाई विभाग के आला अफसरों से कई बार पत्र व्यवहार किया जा चुका है और अभी भी जारी है। लेकिन पंजाब के अधिकारियों के कान पर कोई जूं नहीं रेंगती। शरारत के मद्देनजर पंजाब के अधिकारियों ने सोमवार रात को भी बिना सूचना दिए कोटला ब्रोच के कोटबख्तू हैड से 200 क्यूसिक अतिरिक्त पानी हरियाणा की ओर छोड़कर डबवाली डिस्ट्रीब्यूटरी में उफान मचा दिया। जिससे गांव डबवाली और मसीतां के किसानों को नुक्सान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि पंजाब की यह शरारत सीमा से अधिक हो चुकी है। हरियाणा के किसानों के हितों को देखते हुए इस मामले को सिंचाई विभाग मुख्यमंत्री स्तर पर उठाएगा।

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