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Title: कांग्रेस-इनेलो फिर टकराव के रास्ते पर!
Author: Young Flame
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डबवाली (यंग फ्लेम) ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला के 11 जून को सिरसा बंद कराने के ऐलान के साथ ही इनेलो-कांग्रेस में फिर से टकराव की स्थि...
डबवाली (यंग फ्लेम) ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला के 11 जून को सिरसा बंद कराने के ऐलान के साथ ही इनेलो-कांग्रेस में फिर से टकराव की स्थिति बन गई है। 11 जून को ही मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का सिरसा आने का कार्यक्रम है। जिले में बढ़ रही आपराधिक वारदातों व ऐलनाबाद में दादी-पोती हत्याकांड की गुत्थी न सुलझाने से आहत इनेलो ने 11 जून को सिरसा जिला बंद कराने की घोषणा की है। इससे पहले भी अभय सिंह चौटाला के नेतृत्व में इनेलो नेताओं ने एसपी से मुलाकात की थी और हत्यारों को जल्द पकडऩे की मांग की गई थी और सात दिन का अल्टीमेटम दिया था मगर अभी तक पुलिस इस मामले में कुछ नहीं कर पाई है। इसलिए अभय सिंह ने 11 जून को मुख्यमंत्री के सिरसा आने की सूरत में बंद की चेतावनी दी है। बता दे कि 3 अप्रैल 2010 को भी जब मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सिरसा आए थे, तब इनेलो ने सिरसा बंद कराया था। बंद के दौरान इनेलो नेताओं व गृहराज्यमंत्री गोपाल कांडा तथा गोबिंद कांडा के बीच मारपीट की घटना हुई थी। यह मामला पूरे प्रदेश में सुर्खियों में आ गया था। इनेलो ने राज्यपाल से मिलकर गृहमंत्री को पद से हटाने की मांग भी की थी। अब फिर से कांडा बंधुओं के खास निमंत्रण पर मुख्यमंत्री के 11 जून को सिरसा आने का कार्यक्रम बना हुआ है। यदि मुख्यमंत्री 11 जून को सिरसा आते हैं, तथा इनेलो भी जिला बंद कराने की अपनी चेतावनी पर कायम रहता है तो इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि दोनों के बीच किसी प्रकार का टकराव नहीं होगा। इस संभावित टकराव की आशंका ने प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। जिला प्रशासन इस मामले में गंभीरता से विचार कर रहा है कि आखिर क्या किया जाए जिससे टकराव की स्थिति न बन पाए। पिछला अनुभव देखा जाए तो इस बात में कोई शक नहीं है कि बंद सफल नहीं होगा। जब भी इनेलो ने सिरसा या पूरा जिला बंद कराने की घोषणा की है, तो बंद सफल रहा है। इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि मुख्यमंत्री के आगमन पर इनेलो वर्कर अपने गुस्से का इजहार नहीं करेंगे। जाहिर है, जब मुख्यमंत्री के आगे इनेलो नेता प्रदर्शन करेंगे तो पुलिस को बीच में आना पड़ेगा और यदि पुलिस या अधिकारियों ने कोई ज्यादती की तो फिर क्या होगा, इसकी अभी सिर्फ कल्पना ही की जा सकती है। उम्मीद करनी चाहिए कि इनेलो का बंद व मुख्यमंत्री का कार्यक्रम, दोनों ही शांति से निपट जाए ताकि जिले के लोगों का आपसी भाईचारा कायम रह सके।
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