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Title: पट्टे की जमीन पर कब्जा दिलाने का आरोप, कार्रवाई की मांग
Author: Young Flame
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कालांवाली (यंग फ्लेम) कालांवाली मंडी निवासी विजय कुमार मोदी पुत्र राधेश्याम ने एसपी सिरसा को एक शिकायत पत्र देकर कालांवाली के नायब तहसीलदार ...
कालांवाली(यंग फ्लेम) कालांवाली मंडी निवासी विजय कुमार मोदी पुत्र राधेश्याम ने एसपी सिरसा को एक शिकायत पत्र देकर कालांवाली के नायब तहसीलदार पर कार्रवाई करने की मांग की है। अपनी शिकायत में उन्होंने लिखा है कि 23 नवंबर 1990 को विजय कुमार ने लीलावती पत्नी सुंदरपाल से 4 कनाल 6 मरला भूमि 99 साल के पट्टे पर ली थी और जमीन की पर्चा रजिस्ट्री भी हो गई थी। विजय कुमार ने जमीन का इंतकाल कराने के लिए उस समय के हलका पटवारी को सभी दस्तावेज उपलब्ध करवा दिए थे। विजय कुमार का कहना है कि लीलावती की साल 2009 में मौत हो गई थी और मरने से पहले लीलावती ने अपनी संपत्ति पौत्र प्रिंस के नाम करवा दी थी। कहा गया है कि प्रिंस ने विजय कुमार से पट्टे पर दी गई जमीन वापस देने की मांग की तो दोनों के बीच सौदा तय हो गया। जब विजय कुमार अपने वकील सुखविंद्र पाल के साथ हलका पटवारी से जमाबंदी की नकल मांगी तो पता चला कि पट्टेनामे का इंतकाल ही दर्ज नहीं किया गया था। इतना ही नहीं, यह भी सामने आया कि जिस जमीन का विजय कुमार को 99 साल का पट्टा दिया गया था उसी जमीन को उसी दिन यानि 23 नवंबर 1990 को रूलदू राम के नाम बैय कर दी थी। उन्होंने इसकी शिकायत नायब तहसीलदार से की तो तहसीलदार ने लिखित शिकायत पर हलका पटवारी के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। आरोप है कि नायब तहसीलदान ने हलका पटवारी पर कोई कार्रवाई करने की बजाय पट्टावाली जमीन का कब्जा ही प्रिंस शर्मा को करवा दिया। इसलिए उन्होंने एसपी से मांग की है कि नायब तहसीलदार ने नियमों का उल्लंघन किया है, लिहाजा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
नहीं करवाया कब्जा
नायब तहसीलदार संजय चौधरी ने इन आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने उक्त जमीन का कोई कब्जा नहीं करवाया। साथ ही कहा कि जब विजय कुमार ने उक्त जमीन को पट्टे पर लिया था तो कब्जा नहीं लिया था,इसलिए इंतकाल दर्ज नहीं हुआ। वर्तमान में भी विजय कुमार का उक्त जमीन पर कब्जा नहीं है। उन्होंने पटवारी की रिपोर्ट पर एसडीएम से दिशा-निर्देश मांगे थे। एसडीएम ने नायब तहसीलदार को ही इस दिशा में कोई फैसला लेने को कहा है। संजय चौधरी का कहना है कि अब रूलदू राम के नाम जो रजिस्ट्री हुई थी उसे देखा जाएगा कि उसमें पट्टे का जिक्र है या नहीं। उसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।








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