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Title: हजारों रूपए की राशि खर्च कर प्रशासन के लाप्रवाह अधिकारियों को दिखिया आईना
Author: Young Flame
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बठिंडा चौक में नहीं जमा होगा अब बरसाती पानी डबवाली ( यंग फ्लेम ) पिछले 10 वर्षों से शहरवासियों के लिए बरसाती पानी की निकासी म...
बठिंडा चौक में नहीं जमा होगा अब बरसाती पानी
डबवाली (यंग फ्लेम) पिछले 10 वर्षों से शहरवासियों के लिए बरसाती पानी की निकासी मुसिबत का कारण बनी है वहीं इस समस्या का हल निकालने के लिए प्रशासन ने एड़ी चोटी का भी जोर लगा लिया मगर वह अपने इस प्रयास में फैल ही साबित हुआ। इस समस्या के समाधान के लिए शहर के एक नौजवान व्यापारी ने अपनी जैब से हजारों रूपए की राशि खर्च कर प्रशासन के लाप्रवाह अधिकारियों को आईना दिखाने का कार्य किया।
राजस्थान पंजाब व हरियाणा को आपस में जोडऩे वाले शहर डबवाली का बठिंडा चौक जो कि राष्ट्रीय राजमार्ग नं. 10 पर स्थित है जहां पर बरसात के दिनों में राहगीरों व वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है क्योंकि शहर में हलकी सी भी बरसात होने पर बठिंडा चौक में पानी एकत्रित हो जाता है इस बरसाती पानी की समस्या से छुटकारा पाने के लिए युवा व्यापारी विकास सिंगला ने हजारों रूपए खर्च कर जमीन में एक 9 ईंच का बोर करवाकर बरसाती पानी की धरती में निकासी करवाने का फैंसला लिया। पिछले तीन-चार दिनों से बठिंडा चौक में बरसाती पानी को जमीन में डालने के लिए बोर करने का कार्य जोरों पर चल रहा है। इस कार्य को पूर्ण होने में करीब एक सप्ताह का समय लगेगा। जब हमारे संवादाता ने विकास सिंगला से बात की तो उन्होंने बताया कि बरसात के दिनों में गोल चौक का एरिया एक जोहड़ का रूप धारण कर लेता है व प्रशासन तो इस समस्या का कोई हल नहीं कर पाया तो उन्होंने अपने तौर पर इस समस्या का हल ढूढंने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि जहां एक और चौक के दुकानदारों व राहगीरों को इस बरसाती पानी से राहत मिलेगी वहीं दूसरी और यह बरसाती पानी धरती में समा कर गिर रहे जल स्त्तर को बढ़ाने में मद्दगार होगा। उन्होंने कहा कि सरकार की और से अब बड़े शहरों के घरों व बड़ी इमारत बनाने में बरसाती पानी की निकासी जमीन में करवाने को जरूरी किया गया है। जहां इससे वाटर रिचार्ज भी हो जाता है वहीं सीवरेज सिस्टम भी बरसाती पानी के बोझ से बच जाता है।
श्री सिंगला ने बताया कि इस बोर को खुदवाने में उनकी लगभग 20 हजार रूपए की राशि खर्च होगी तथा इस बोर पर एक चैम्बर बनाया जाएगा। जिसमें मिट्टी आदि कणों को अंदर प्रवेश न करने का प्रबंध किया जाएगा।
अब प्रशासन इस और ध्यान दें तो शहर के अन्य निचले इलाकों में भी ऐसे ही बोर करवाकर उनकी पानी निकासी की समस्या से निजात दिला सकता है।




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