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Title: भतीजी व भानजी ने दी पार्थिव शरीर को मुखाग्नि
Author: Young Flame
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डबवाली- अपने बुजुर्गों की अर्थी को महिलाओं द्वारा कंधा देने की डेरा सच्चा सौदा की मुहिम शहरों के बाद अब गांवों में भी पहुंच गई है। उपमंडल ...
डबवाली-
अपने बुजुर्गों की अर्थी को महिलाओं द्वारा कंधा देने की डेरा सच्चा सौदा की मुहिम शहरों के बाद अब गांवों में भी पहुंच गई है। उपमंडल डबवाली के गांव देसूजोधा में रविवार को एक 90 वर्षीय बुजुर्ग को अपनी भतीजी व भानजी का कंधा नसीब हुआ। यही नही बुजुर्ग के पुत्र के साथ-साथ भतीजी व भानजी ने बुजुर्ग के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि देकर एक नई परंपरा की शुरूआत भी की।
मिली जानकारी के मुताबिक गांव देसूजोधा में एक बुजुर्ग तेजा सिंह का शनिवार को करीब 90 वर्ष की आयु में देहांत हो गया। तेजा सिंह ताउम्र अविवाहित रहे थे। उन्होंने अपने भाई राजेंद्र सिंह के पुत्र गुरमेल इंसा को गोद लिया हुआ था। तेजा सिंह का पूरा परिवार डेरा सच्चा सौदा से जुड़ा हुआ है। ऐसे में डेरा सच्चा सौदा की मुहिम से प्रेरित होकर घर की बेटियों को भी अर्थी को कंधा देने के लिए कहा गया।
स्व. तेजा सिंह की बड़ी उम्र को देखते हुए उनकी अर्थी पर गुब्बारे आदि भी लगाए गए और अर्थी को उनकी भतीजी सुखपाल कौर इंसा व भानजी छिंद्र कौर ने कंधा देकर बुजुर्ग तेजा सिंह को अंतिम विदाई दी। गांव के श्मशानघाट में स्व. तेजा सिंह के पार्थिव शरीर को उनके दत्तक पुत्र गुरमेल इंसा के साथ-साथ भतीजी सुखपाल कौर इंसा व भानजी छिंद्र कौर इंसा ने भी मुखाग्नि दी।
इस प्रकार महिलाओं को पुरूषों के बराबर हक दिलाने के लिए डेरा सच्चा सौदा द्वारा शुरू की गई उपरोक्त मुहिम की साध संगत व अन्य लोगों ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की। ुजुर्ग तेजा सिंह के मरणोपरांत नेत्रदान करवाकर उनके परिजनों ने एक मिसाल भी कायम की। पुत्र गुरमेल इंसा व अन्य परिजनों की इच्छा पर सिरसा से शाह सतनाम अस्पताल की टीम ने गांव में पहुंचकर नेत्रदान का पुनीत कार्य संपन्न करवाया। इस प्रकार स्व. तेजा सिंह की आंखें उनके मरणोपरांत भी इस दुनियां के रंग देखेंगी।
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