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रविवार, दिसंबर 23, 2012

मासूमों को बचाने संजय ने लगाई जान की बाजी


डबवाली अग्निकांड
डबवाली अग्निकांड में अपनी जान की बाजी लगाकर मासूम बच्चों को राजीव मैरिज पैलेस से बाहर निकालने वाले युवा समाजसेवी संजय ग्रोवर की याद नए साल के साथ ही लोगों की जेहन में आ जाती है। 23 दिसंबर के अग्निकांड में झुलसे संजय का 1 जनवरी, 1996 को देहांत हो गया था।
संजय ग्रोवर का जन्म 6 दिसंबर 1965 को मंडी डबवाली में श्री प्यारे लाल ग्रोवर के घर हुआ। बचपन से ही समाजसेवा, धार्मिक कार्यो में रुचि रखने वाले संजय ने अपने छात्र जीवन में वर्ष 1981 में हरियाणा के बहादुरगढ़ में हरियाणा राज्य विज्ञान प्रदर्शनी में दूसरा स्थान हासिल किया। वर्ष 1985 में गुरु नानक कॉलेज किल्लियांवाली की तरफ से डलहौजी में आयोजित यूथ लीडरशिप ट्रेनिंग कैंप में 'बेस्ट कैंपर' का खिताब प्राप्त किया। बीए करने के बाद अपने कारोबार के साथ-साथ युवा रक्तदान सोसाइटी के संस्थापक सुरेद्र सिंगला की प्रेरणा से संजय ने 19 बार रक्तदान भी किया।
हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा की एक पहाड़ी पर स्थित माता जयंती मंदिर के लिए सीढिय़ों के निर्माण कार्य और सिरसा में घग्गर में आई बाढ़ के समय लंगर बनवा कर बाढ़ में फंसे लोगों तक पहुंचाना, सहारा वेलफेयर क्लब द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह, श्री वैष्णो माता मंदिर के निर्माण आदि के लिए यथासंभव राशि देने वाले संजय कई संस्थाओं के पदाधिकारी और रोट्रैक्ट क्लब के सेक्रेटरी और अध्यक्ष भी रहे।
समाजसेवी के साथ ही संजय एक अच्छे हास्य कलाकार भी थे। श्री गुरू नानक कालेज द्वारा वर्ष 1984-85 में उन्हे बेस्ट एक्टर घोषित किया गया। उन्होंने जंगी राम की हवेली, स्योंक, शरीफजादे, बुड्ढा वियाहिया गया आदि नाटकों में प्रशंसनीय भूमिका निभाई। गत 23 दिसंबर 1995 को राजीव मैरीज पैलेस में डीएवी पब्लिक स्कूल के समारोह में हुए भयंकर अग्निकांड में फंसे मासूम बच्चों को बचाने के लिए आग में कूद गया। कई बच्चों को बचाते हुए खुद झुलस गया। वह 9 दिन तक लुधियाना के डीएमसी में उपचाराधीन रहे जहां 1 जनवरी, 1996 को अपने प्राण त्याग दिए।
इस दौरान डीएमसी लुधियाना में पहुंचे हरियाणा के तत्कालीन कृषि मंत्री हरपाल सिंह को लुधियाना के तत्कालीन डीसी अरूण गोयल ने जब ग्रोवर की बहादूरी बताई तो तुरंत सरकार द्वारा उन्हे सम्मानित करने की घोषणा की। उन्हे मरणोपरांत म्रेड एंड व्हाईट कंपनी द्वारा बहादुरी पुरस्कार और भारत सरकार द्वारा कोलकाता में आयोजित एक समारोह में प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

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