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मंगलवार, जनवरी 29, 2013

मेरी पोती के कातिलों को फांसी पर लटका दो

राजीव वढेरा, डबवाली
पीड़ित परिवार को सांत्वना देते पुलिस कप्तान
एसी पी साहिब मेरी पौती के हत्यारों को कभी माफ मत करना, मेरी मासूम सी बच्ची को मुझसे छीनने वालों को फांसी पर चढ़ा दो। हृदय को वेदती यह करूणामयी पुकार चार वर्षीय महक की दादी कृष्णा ने मातमपुर्सी पर पहुंची जिला पुलिस कप्तान डा. राजश्री सिंह से की। कृष्णा देवी ने रोते बिलखते हुए कहा कि मेरी कोमल सी बच्ची ने किसी का क्या बिगाड़ा था जो दरिंदों ने उसे मुझसे छीन लिया। मेरी पौती के कातिलों को मैं काफी माफ नहीं करुंगी। खून का बदला खून होना चाहिए। एसपी ने परिजनों को सांत्वना देते हुए आश्वासत किया कि आरोपियों के साथ कोई रिआयत नहीं बरती जायेगी और उन्हें जल्द न्याय दिलाने के लिए भी प्रयास किये जायेगा। अगर संभव हुआ तो ये मामला फास्ट ट्रेक कोर्ट में भी चलाया जायेगा। इस मौके पर उन्होंने पीडि़त परिवार को जिला रेडक्रास सोसायटी की ओर 50 हजार रुपये का चैक भी सौंपा।
वहीं शुक्रवार को कबीर बस्ती से गायब हुई चार वर्षिय महक का शव रविवार को 12 घंटों के सर्च अभियान के बाद देर रात डिस्पोजल तालाब से बरामद करने उपरांत डबवाली के सामान्य अस्पताल में डा. अमरदीप कौर जस्सी और डा. नरोत्तम गोयल पर आधारित मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया। पोस्टमार्टम के दौरान बालिका से यौन दुराचार का प्रयास करने के बाद पानी में डूबने से मौत होने की रिपोर्ट चिकित्सकों के बोर्ड द्वारा देने के उपरांत पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ योन शोषण करने की धारा भी अपहरण करने के बाद हत्या किये जाने की धारा जोड़ दी है।

 गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कारं बालिका महक का स्वर्गभूमि रामबाग में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। आंखों में आंसू लिये हजारों लोगों की उपस्थिति में उसे परिजनों द्वारा धार्मिक रिवायत के मुताबिक दफनानया गया। मृतक बच्ची के संस्कार पर जिला पुलिस कप्तान राज श्री सिंह अपने दलबल सहित पहुंची हुई थी।
इस मौके पर माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि लड़की की नृत्शंस हत्या के रोष से भड़के लोगों ने जिला पुलिस कप्तान का घेराव करने की कोशिश की। जिससे वहां मौजूद पुलिस तंत्र में खलबली मच गई और पुलिस प्रशासन के अधिकारी ने फूर्ती से काम लेते हुए जिला पुलिस कप्तान वहां से निकाल कर ले गए। उक्त भड़के हुए लोग मासूम बच्ची के हत्यारों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग कर रहे थे। इस घटनाक्रम के पश्चात शहर के कबीर बस्ती क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। इससे पूर्व मृतक बच्ची का शव बरामद होने उपरांत भड़के हुए लोगों ने आरोपी चिल्ला के घर पर पथराव किया। कल देर शाम से दोनों आरोपियों के घर ताले लगे हुए है और उनके परिवारिक सदस्य भी फरार है।

बेबस नजर आया प्रशासन और डेरा प्रेमियों ने संभाली कमानमहक का शव डिस्पोल के तलाब में होने की जानकारी मिलने के उपरांत पुलिस ने शव ढूंढने के प्रयास आरंभ तो कर दिये लेकिन विशाल सिवरेज के पानी के तलाब से शव को निकालने में उनके प्रयास सिरे चढ़ते नजर नहीं आये। ऐसे में कबीर बस्ती निवासी उत्साही नौवानों धौलिया, नत्थूराम, सीलिया व अन्य युवकों ने अपने स्वास्थ्य व जान की परवाह न करते हुए 8 फीट गहरे गंदे पानी में छलांग लगा दी। बाद में यह कमान डेरा सच्चा सौदा की शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर फार्स के सदस्य ने संभाल ली। तकरीबन 12 घंटों तक लगातार चले सर्च अभियान में दुर्गंध युक्त ठंडे पानी में डेरा सच्चा सौदा की शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर फार्स के सदस्य खुशवीर सिंह, जगदीश, गुरसाबह अलीकां, अनील कुमार, बिन्दर डबवाली, लाभा किलियांवाली व जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी सुरेश, गोपाल, सोनू तब तक महक को खोजते रहे जब तक वह मिल नहीं मिली। आखिरकार उनक प्रयास सिरे चढ़े और रात करीब दस बजे महक का शव मिला। डेरा प्रेमियों द्वारा खोज बीन में लगे स्वयं सेवकों के लिए चाय पानी और आग के अलाव का प्रबंध किया गया था। इस सर्च अभियान में एक स्वयं सेवक गुरसाहब की तबीयत भी बिगड़ गई थी। घबराहट होने की शिकायत पद उसे तुरंत सामान्य अस्पताल ले जाया गया। जहां पर उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।
कोमल ने पहुंचाया आरोपियों को सलाखों के पीछेडबवाली शहर के माथे पर कलंक बने इस शर्मनाक घटना के आरोपियों को सलांखों के पीछे पहुंचाने में मृतका की बुआ की लड़की 7 वर्षीय कोमल ने अहम भूमिका निभाई। जिसकी शिनाख्त पर पुलिस के हाथ आरोपी विक्की व चिल्ला के गिरेबान तक पहुंचे। इस घटना का एक पहलू यह भी है कि हत्याकांड में आरोपी विक्की खुद भी दो वर्षिय बच्ची का पिता है। जबकि दूसरा आरोपी चिल्ला तलाक शुदा है।
नशे ने बनाया कातिलमासूम महक की अस्मत से खेल कर उसे असमय मौत के आगोश में धकेलने वाले विक्की और चिल्ला दोनों नशे के आदि है हलांकि उनका इससे पूर्व कोई अपराधिक पुलिस रिकार्ड नहीं है लेकिन दोनों सुलफे के नशे के शोकीन है। शराब और पोस्त उनकी रोजाना की खुराक है। विक्की का घर महक के घर के बिल्कुल सामने है और चिल्ला भी इसी गली का निवासी है। पड़ोस के युवक होने के कारण पहले तो किसी का शव उन पर नहीं गया। पुलिस ने एक बार उनसे पूछताछ के लिए उन्हें ले भी गई लेकिन मुहल्ले के लोग ही उन्हें बेकसूर बता कर दोनों को पुलिस हिरासत से वापिस ले आये थे। लेकिन कोमल द्वारा विक्की की शिनाख्त करने के उपरांत दोबारा पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ की और पुलिस के सामने उसने सच उगल दिया। संभवत: नशे की लत ने दोनों युवकों को इंसान से हैवान बना दिया।
कैसे हो बचावइस तरह के मामलों की पुर्नवृति रोकने के लिए जिला पुलिस कप्तान डा. राजश्री सिंह ने उपाय सुझाऐं है
1-जब छोटे बच्चे घर से बाहर खेले तो उनकी निगरानी करें
2-मुहल्ले के बिगडैल युवक जब आस पास हो तो उन पर निगाह रखे।
3- मुहल्ले में असामाजिक गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दे।
4-घर का युवक किसी भी तरह की गलत आदतों का शिकार है तो उसे सुधारने के प्रयास करे और उसकी गतिविधियों पर अंकुश लगाये।
5- संदिग्ध व्यक्ति या महिला गली मुहल्ले में दिखे तो उससे वहां आने का कारण जाने।

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