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मंगलवार, फ़रवरी 12, 2013

रिहायशी एरिया से चल रहा नशीली दवाओं का कारोबार

मेडिकल स्टोर और घर में मिला नशीली दवाओं का जखीरा, सप्लाई के लिए हैंड बैग में भरकर रखी थी नशीली गोलियां और पाउडर, कारिंदा गिरफ्ता



डबवाली--अलीकां रोड पर रविवार रात्रि को छापेमारी के बाद सील किए गए जीएस फार्मा होलसेल मेडिकल स्टोर पर सोमवार सुबह जांच शुरू हुई। जिला औषधी नियंत्रक विजया राजे के नेतृत्व में टीम ने स्टोर में पड़े नशीली दवाओं के जखीरे को बरामद कर विभागीय कार्रवाई की। इस दौरान थाना प्रभारी रवि खुंडिया के नेतृत्व में पुलिसबल भी मौके पर तैनात रहा।
सुबह 10 बजे ड्रग इंस्पेक्टर विजया राजे ने स्टोर में पड़ी दवाओं की जांच शुरू की। मेडिकल के साथ बने घर में अवैध रूप से दवाओं का स्टॉक रखा मिला। पीछे बने घर की अलमारी व संदूक में भी नशीली गोलियों और पाउडर से भरे हैंड बैग मिले। जिसे देखकर यह स्पष्ट प्रतीत होता है कि वे दवाएं सप्लाई के लिए तैयार करके रखी गई थी। पूरी कार्रवाई में करीब 6 घंटे का समय लगा। जांच के दौरान टीम को एक किलो 100 ग्राम सफेद नशीला पाउडर, लोमिटेल की एक लाख 22 हजार गोलियां, एमकोड 69 हजार गोलियां, आल्टो 38 हजार गोलियां, माइडोटिल 85 हजार गोलियां, अलप्राजोलम 19 हजार 200 गोलियां, क्रोमोजोल 12 हजार गोलियां, पोरपस्पास 5 हजार 600 गोलियां, स्पाजमोसिप 3 हजार 760 गोलियां, लुपीजेसिंक 675 इंजेक्शन व प्रोक्सिवन और रेसकोफ आदि सीरप की भी बड़ी खेप बरामद की गई है। विभागीय टीम को अन्य ऐसे ठिकानों के भी सुराग मिले हैं जिससे इसका व्यापक तौर पर खुलासा होने की उम्मीद है।
ड्रग इंस्पेक्टर विजया राजे राठी ने बताया कि मेडिकल संचालक गुरमेल सिंह के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज कराया गया है। उसका होलसेल मेडिकल स्टोर का लाइसेंस भी रद्द किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि गुरमेल सिंह के खिलाफ वर्ष 2011 में भी नशीली दवाएं मिलने पर केस दर्ज हुआ था। रविवार शाम को डीएसपी पूर्णचंद पंवार ने जीएस फार्मा में नशीली दवाएं होने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग के डॉ. भारतभूषण के साथ मौके पर छापा मारा।

नहीं थम रहा नशे का कारोबार

करीब 6 माह पहले स्टेट ड्रग कंट्रोलर ने मेडिकल एसोसिएशन के नशे के खिलाफ हुए कार्यक्रम में दावा किया था कि उन्होंने हरियाणा में सबसे बड़े स्तर पर मेडिकल नशे की मंडी में इस कारोबार को थामने में सफलता हासिल कर ली है। लेकिन सोमवार को हुई जांच के बाद यह दावा हवाई साबित हुआ है। वर्ष 2012 में भी फरवरी- मार्च में नशे के कारोबारियों के खिलाफ मुहिम चलाई गई थी जो जून-जुलाई में दम तोड़ गई।
तब दर्जनों मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी कर नशीली दवाएं बरामद की थीं, वहीं कई अवैध गोदाम भी पकड़े थे। इस दौरान जीएस फार्मा के संचालक गुरमेल सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई हुई थी लेकिन गुरमेल पर इसका कोई असर नहीं हुआ और न ही विभाग ने नशे के इस कारोबारी पर कोई नजर रखी। जिससे ऐसा परिणाम सामने आया है। शहरवासियों को प्रशासन से अब भी उम्मीद है कि विभागीय स्तर कड़ी कार्रवाई और अभियान चलाते हुए डबवाली से नशे के कारोबार को समाप्त करने के लिए सार्थक प्रयास किए जाएंगे। बीते माह कबीर बस्ती में महक हत्याकांड के बाद भी आमजन ने मेडिकल नशे के कारोबार पर रोक लगाने की मांग की थी।

कड़ाई से जांच होगी

डीएसपी पूर्ण चंद पंवार व शहर थाना प्रभारी रवि खुंडिया ने बताया कि एनडीपीए एक्ट के तहत मेडिकल संचालक गुरमेल सिंह निवासी पे्रमनगर व उसके कारिंदे गोरव उर्फ गौरा सिंह पुत्र बलबीर निवासी अलीकां के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। गोरा सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है जबकि गुरमेल सिंह की तलाश की जा रही है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को गोरा सिंह को अदालत में पेश कर रिमांड मांगा जाएगा।

बाइकर्स में मची खलबली

अलीकां रोड पर जीएस फार्मा में छापेमारी के बाद रविवार शाम से ही इस रोड व आसपास के क्षेत्र में बाइकर्स की मौजूदगी एकाएक बढ़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अक्सर इस रोड पर संदिग्ध प्रकार के युवा बाइकर्स का आना जाना होता था लेकिन किसी ने गौर नहीं किया। रविवार रात्रि को मेडिकल स्टोर पर छापेमार कार्रवाई के बाद इन बाइकर्स में खलबली मची हुई थी। इसमें अधिकतर बाइकें बिना नंबर या राजस्थान व पंजाब नंबर की देखी गई। इधर उधर बार-बार दौड़ते बाइकर्स मोबाइल पर बातें कर रहे थे। सोमवार को जीएस फार्मा में जांच के दौरान भी कई संदिग्ध लोग वहां आए।




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