BREAKING NEWS

Post Top Ad

Your Ad Spot
�� Dabwali न्यूज़ है आपका अपना, और आप ही हैं इसके पत्रकार अपने आस पास के क्षेत्र की गतिविधियों की �� वीडियो, ✒️ न्यूज़ या अपना विज्ञापन ईमेल करें dblnews07@gmail.com पर अथवा सम्पर्क करें मोबाइल नम्बर �� 9354500786 पर

शनिवार, दिसंबर 07, 2013

मोदी, महंगाई, भ्रष्टाचार, आप ने दिल्ली में तय की कांग्रेस की हार

भाजपा 40 व कांग्रेस 20 के आंकड़े के पास

चुनाव विश्लेषक-
महावीर सहारण
मो. 93548-62355

15 साल से दिल्ली प्रदेश की सत्ता पर काबिज कांग्रेस की हार यकीनी तौर पर तय है। प्रदेश के मतदाताओं ने रिकार्ड तोड़ मतदान करके हालांकि चुनाव लड़ रहे विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की धड़कनों को बढ़ा दिया है। परंतु चुनाव प्रचार के शुरूआती दौर से ही पिछड़ी कांग्रेस मतदान तक संभल नहीं पाई। यहां उन्हें सत्ता से हटाने में अपनी परम्परागत विरोधी भाजपा से तो दो-दो हाथ करना ही पड़ा बल्कि अरविन्द केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को कम आंकने का खामियाजा हार के रूप में भुगतना पड़ सकता है। भाजपा की ओर से योजनाबद तरीके से गहन चुनाव प्रचार किया गया तथा उनके प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी का क्रेज दिल्ली के मतदाताओं पर स्पष्ट रूप से देखने को मिला। महंगाई व भ्रष्टाचार के मुद्दे को भाजपा के नेता जोरदार तरीके से भुनाने में पूरी तरह से सफल रहे। प्याज, टमाटर के आसमान छूते दामों ने कांग्रेस की हार की नींव तो प्रचार मुहिम के शुरूआती दौर में ही रख दी थी। आम मतदाताओं में अबकी बार शीला दीक्षित के फ्लाईओवर वाले विकास को तव्जों नहीं दी। महंगाई का मुद्दा दिल्ली के विकास पर स्पष्ट रूप से भारी पड़ा। रही सही कसर नरेन्द्र मोदी ने पूरी कर दी। उनकी जनसभाओं में जबरदस्त भीड़ उमड़ी। भाजपा द्वारा अपनी खास रणनीति के तहत विजय गोयल के स्थान पर साफ छवि के डॉ. हर्षवर्धन को मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी बनाना भी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ। भाजपा ने जातिगत समीकरणों के तहत टिकट वितरण करके मजबूत किलेबंदी पहले ही कर ली थी। टिकट वितरण में भाजपा के रणनीतिकारों ने अच्छा खासा होमवर्क किया महसूस हुआ। जिस कारण इक्का-दूक्का सीटों को छोड़कर पार्टी प्रत्याशियों को बगावत नहीं झेलनी पड़ी। दूसरी ओर कांग्रेस ने एकआध विधायक को छोड़कर अधिकांश को टिकट दिया तथा नए चेहरे उतारने का जोखिम नहीं उठाया तथा लंबे समय से सत्ता में रह रहे इन लोगों के खिलाफ एन्टी-इनकम्बैंसी फैक्टर काफी चला। चुनावी नतीजे को पूरी तरह से प्रभावित करने वाला फैक्टर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार रहे हैं। अरविन्द केजरीवाल की टीम विगत 6 माह से जमीनी स्तर पर काम कर रही थी तथा उन्होंने मध्यम वर्ग के साथ-साथ निम्न आर्थिक वर्ग में जबरदस्त सेंधमारी करके कांग्रेस की जीत के रास्ते बंद कर दिए। उल्लेखनीय है कि विगत चुनाव में कांग्रेस निम्र आर्थिक वर्ग पर अपनी मजबूत पकड़ रखती रही है हालांकि पिछले चुनाव में बसपा 14 प्रतिशत वोट प्राप्त करके इस वर्ग में कांग्रेस का वर्चस्व तोडऩे में कुछ हद तक सफल        रही थी। अबकी बार बसपा का अच्छा खासा वोट आप के पक्ष में गया है। उधर कांग्रेस का चुनाव प्रचार भाजपा के मुकाबले  कहीं नहीं ठहर पाया। कांग्रेस के बड़े नेताओं की जनसभाएं भी हाजरी के लिहाज से फीकी रही। आखिर में तो ये लगा कि शीला दीक्षित ही जैसे तैसे प्रचार की औपचारिकता पूरी कर रही है। आप ने सत्ता विरोधी वोट अधिकांश रूप से (जैसा की अनुमान है) संभवता हासिल कर लिया है। हालांकि आप भाजपा के वोट बैंक में कोई बड़ा डैंट नहीं लगा पाई। लेकिन उसके द्वारा कांग्रेस के वोट का एक हिस्सा ले जाने से भाजपा की जीत का रास्ता उन सीटों पर साफ हो गया जहां पर भाजपा के प्रत्याशी विगत चुनाव में थोड़े मतांतर से हारते रहे हैं। इस प्रकार आप का उभार भाजपा के लिए कोई नुक्सान देह साबित नहीं हुआ है।
भाजपा के कुलवंत राणा (रिठाला), आजाद सिंह(मुंडका), जय भगवान अग्रवाल (रोहिणी), रविन्द्र बांसल (शालिमार बाग), श्याम गर्ग (शकूर बस्ती), अशोक गोयल (मॉडल टाऊन), नीलदमन खत्री (नरेला), सूरेन्द्र रातावाल (करोल बाग), सुभाष सचदेवा (मोती नगर), राजीव बब्बर (तिलक नगर), जगदीश मुखी (जनकपूरी), धर्मदेव सोलंकी (पालम), करण सिंह तंवर (दिल्ली कैंट), अजय मल्होत्रा (ग्रेटर कैलास), प्रवेश वर्मा (महरोली), ब्रह्म तंवर (छतरपुर), रमेश विदूड़ी (तुगल्काबाद), सुनील वैद्य (त्रिलोकपुरी), नकुल भारद्वाज (पटपर गंज), डॉ. हर्षवर्धन (कृष्णा नगर), नरेश गौड (बाबरपुर), रणजीत कश्यप (गोकुलपुर), जगदीश प्रधान (मुस्तफाबाद), मोहन सिंह बिस्ट (करवाल नगर), अनिल झा (किरारी) यानि 25 सीटों पर स्पष्ठ बढ़त बनाए हुए है तथा राम किशन सिंगल (आर्दश नगर), कृष्ण कुमार (बुरारी), अनिश शर्मा (आरके पुरम), मनोज शौकिन (नांगलोई), सतप्रकाश राणा (बिजवासन), नंद गर्ग (त्रिनगर),  कृष्ण गहलोत (विकास पुरी), जयप्रकाश (सदर बाजार), मोती लाल सोढी (बली मारान), मन्जिदर सिरसा (राजौरी गार्डन), आरती मैहरा (मालवीय नगर), जितेन्द्र शंटी (शादरा), साहब चौहान (गौंडा), शिखा राय (कस्तूरबा नगर), डॉ. एससी गुप्ता (संगम बिहार), राजेश गहलोत (मटीयाला), रजनी अभी (तिमारपुर), गुगन सिंह (बवाना), महेन्द्र नागपाल (वजीरपुर), सुमन गुप्ता (चांदनी चौक), श्याम शर्मा (हरि नगर), प्रद्युमन राजपूत (द्वारका) सहित 23 में  से अधिकांश प्रत्याशी भाजपा का परचम लहराते हुए लग रहे हैं। इन 23 सीटों पर मुकाबला काफी कड़ा हुआ है फिर भी इनमें से कम से कम 15 सीटें भाजपा को मिलनी तय है तो आंकड़ा 40 पर पहुंच रहा है।  तथा कांग्रेस यकीनी तौर पर 20 से नीचे सिमटती हुई लग रही है। और जिसमें नईं दिल्ली की विधानसभा सीट पर शीला दीक्षित, अरविन्द केजरीवाल व बिजेन्द्र गुप्ता में कड़ा मुकाबला है तथा परिणाम हैरानी जनक होने की पुरी गुजाईश है। आप को मत प्रतिशत तो अच्छा खासा मिल रहा है लेकिन चुनाव जीताऊ उम्मीदवार न होने का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा। तथा आप, बसपा, जनता दल (यू), इनेलो दस के आंकड़े के पास पहुंच रहे हैं।      

कोई टिप्पणी नहीं:

Post Top Ad

पेज