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मंगलवार, मई 06, 2014

किराया बढ़ाया तो नगर परिषद के खिलाफ उतरे दुकानदार

डबवाली।
 नगर परिषद ने गत माह एक अप्रैल से दुकानों के किराया राशि में 25 प्रतिशत की वृद्धि कर दी है।
प्रत्येक माह का अग्रिम किराया सात तारीख तक जमा करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि सात दिन से एक दिन की भी देरी हुई तो आठ दिन का जुर्माना 400 रुपये व 30 दिन की देरी हुई तो जुर्माना 1500 रुपये और यदि 60 दिन की देरी हुई तो जुर्माना 3000 रुपये और 12 प्रतिशत ब्याज सहित नगर परिषद को अदा करना होगा। नगर परिषद किराएदार यूनियन के अध्यक्ष व हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष बख्तावर मल दर्दी ने बताया कि वह 70 से 80 वर्षों से नगर परिषद के किराएदार हैं।
इससे पूर्व नगरपालिका की ओर से 3-4 वर्ष बाद 15 से लेकर 25 प्रतिशत तक वृद्धि की जाती थी परंतु अब उच्च न्यायालय के आदेशानुसार हर पांच वर्ष के पश्चात किराए में 20 प्रतिशत वृद्धि की जाती है। पहले एक वर्ष का किराया चार तिमाही किश्तों में भरते थे। प्रत्येक तिमाही के पूरे होने के बाद देरी होने पर 50 पैसे प्रतिदिन के हिसाब से किश्त की राशि के साथ भरने पड़ते थे। बाद में प्रत्येक माह की सात तारीख तक किराया भरना अनिवार्य कर दिया गया था। किराएदार यूनियन के विरोध करने पर नपा ने 50 रुपये जुर्माने की शर्त हटा दी परंतु देरी होने पर 12 प्रतिशत ब्याज किरायेदारों से वसूला जाता रहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2009 के पुराने आदेशपत्र के अनुसार किराएदारों पर 25 प्रतिशत वृद्धि और 50 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना फिर से थोप दिया गया है। उन्होंने कहा कि यूनियन की ओर से महंगाई को देखते हुए 25 प्रतिशत वृद्धि को तो सहर्ष स्वीकार कर लिया लेकिन किराए की अग्रिम राशि पर जुर्माना व ब्याज लगाया जाना न्यायसंगत नहीं है। यूनियन इसे अदा करने को तैयार नहीं हैं। 80 प्रतिशत यूनियन के सदस्यों ने सात तारीख से पहले किराया अदा कर दिया है। उन्होंने आशंका जताई कि नपा अधिकारी हरियाणा सरकार को बदनाम करने के लिए कानून लागू कर रहे हैं।
एक तरफ अग्रिम किराया तथा उस पर भारी भरकम जुर्माने व ब्याज का नियम बना दिया है तो दूसरी तरफ प्रॉपर्टी का धंधा मंदी होने के बावजूद कलेक्टर रेट 50 से 60 प्रतिशत बढ़ा दिए गए हैं। किराएदारों और प्रॉपर्टी डीलर का एक शिष्टमंडल ने एसडीएम सतीश कुमार से मुलाकात की थी। उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई, अब किराएदार यूनियन सदस्यों की एक बैठक बुलाकर आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।
एक अप्रैल से नगर परिषद ने तय किए हैं नए नियम
अब दुकानों का किराया लेट किया तो देना होगा ज्यादा ब्याज और जुर्माना

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