BREAKING NEWS

Post Top Ad

Your Ad Spot
�� Dabwali न्यूज़ है आपका अपना, और आप ही हैं इसके पत्रकार अपने आस पास के क्षेत्र की गतिविधियों की �� वीडियो, ✒️ न्यूज़ या अपना विज्ञापन ईमेल करें dblnews07@gmail.com पर अथवा सम्पर्क करें मोबाइल नम्बर �� 9354500786 पर

गुरुवार, फ़रवरी 12, 2015

13 साल से अल्ट्रासाउंड मशीन खा रही जंग, डेढ़ माह से एक्स-रे रूम पर ताला


 

अव्यवस्था| सामान्य अस्पताल में कई पद खाली, लोगों को निजी अस्पतालों में खर्च करने पड़ रहे पैसे 

रवि मोंगा | डबवाली
शहरके सामान्य अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन तो है पर 13 साल से स्टोर रूम में पड़ी जंग खा रही है। वहीं, एक्स-रे रूम पर डेढ़ माह से ताला लटका हुआ है। मरीज रोज सुबह एक्स-रे रूम के बाहर ये सोच कर जाते हैं कि आज ताला नहीं लगा होगा। वहीं अस्पताल प्रशासन केवल एक ही जवाब देता है कि रेडियोलोजिस्ट नहीं है। इस वजह से मरीजों को मोटी रकम देकर निजी अस्पतालों की तरफ रुख करना पड़ रहा है।
चौटाला रोड पर बने सामान्य अस्पताल में स्टाफ की भी कमी है। बता दें कि पहले डीसी रेट पर सुनील नाम का रेडियोग्राफर था। अक्टूबर 2014 में भिवानी से रेडियोग्राफर सुभाष का तबादला यहां कर दिया तो सुनील को हटा दिया। 31 दिसंबर 2014 को सुभाष का यहां से भी तबादला हो गया और तब से पद खाली है। अस्पताल में दो हड्डी रोग विशेषज्ञ डाॅ. प्रमोद डा. सौरभ हैं और उनके पास प्रतिदिन करीब 50 मरीज आते हैं। इनमें 15 से 20 मरीजों को एक्स-रे की जरूरत पड़ती है।
सरकारी अस्पताल में मुख्यमंत्री द्वारा एक वर्ष पूर्व शुरू की गई योजना के तहत निशुल्क एक्स-रे हो सकता है लेकिन उन्हें बाहर स्थित प्राइवेट लोगों को 300 रुपए देकर एक्स-रे करवाना पड़ता है।
अस्पताल में जांच के लिए आए गुरजीत सिंह ने बताया कि उसकी टांग में फ्रेक्चर था। इसके लिए उसने पहले भी बाहर से एक्स-रे करवाया और आज जांच के लिए भी बाहर 300 रुपए देकर एक्स-रे करवाया है। गुरदयाल सिंह, रमन, शिमला देवी भूरो देवी आदि ने भी बाहर से एक्स-रे करवाने की बात कही और कहा कि यदि यहां एक्स-रे ही नहीं होता तो इतने बड़े अस्पताल का फायदा क्या है।
2002 के बाद नहीं किया रेडियोलोजिस्ट नियुक्त
वर्ष2002 से पहले रेडियोलोजिस्ट डाॅ. राकेश गर्ग आए थे और एक साल से भी कम समय तक यहां रहे। उनके तबादले के बाद मशीन को स्टोर में रख दिया गया। तब से लेकर मशीन स्टोर में धूल खा रही है।
सर्जन है, फिजिशियन 
एसएमओसहित 11 चिकित्सक हैं लेकिन इनमें दो हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों के अलावा कोई अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। एसएमओ का तबादला कर दिया था जो कई दिन पहले रूका है। सर्जन फिजिशियन नहीं हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. पंकज गुप्ता 31 मार्च तक ट्रेनिंग पर हैं। दंत रोग विशेषज्ञ राहुल गर्ग को सिरसा में डिप्टी सीएमओ का कार्यभार दे रखा है। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए भी आंखों की जांच सरकारी अस्पताल से करवानी होती है। नेत्र रोग विशेषज्ञ होने से जांच नहीं हो रही। चार वार्ड सर्वेंट्स, 4 एएनएम कम हैं। सफाई के लिए एक सफाई कर्मचारी है और तीन डीसी रेट पर हैं। चार और सफाई कर्मचारियों की जरूरत है।
डबवाली। सामान्य अस्पताल में एक्स-रे रूम पर लगा ताला
^रेडियोग्राफर होने से एक्स-रे रूम बंद है। रेडियोग्राफर, रेडियोलोजिस्ट चिकित्सकों के पद भरने के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी है। सरकारी योजना के तहत केवल गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड बाहर से निशुल्क करवाने की सुविधा दी जा रही है। '' डा.एमके भादू, एसएमओ, सामान्य अस्पताल, डबवाली

कोई टिप्पणी नहीं:

Post Top Ad

पेज