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सोमवार, फ़रवरी 02, 2015

सबसे पुराने सरकारी स्कूल के शताब्दी समारोह में नाचे 97 साल के 'स्टूडेंट'



समाराेह| राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ने मनाई गोल्डन जूबिली, सबसे पुराने छात्रों को किया सम्मानित 

राजकीयवरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में स्कूल स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर शताब्दी वार्षिक समारोह रविवार को आयोजित किया गया। समारोह में वर्ष 1914 से विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने वाले 97 वर्षीय इंद्र सिंह सेठी सहित प्रथम 30 पूर्व छात्रों को सम्मानित किया गया। स्कूल में सहपाठी रहे बुजुर्ग जब मंच पर एकत्रित हुए तो पुराने दिनों की याद कर आंखें नम हो गई। इस दौरान रंगकर्मी संजीव शाद ने जब गुरदास मान का गीत बैके वेख जवाना, बाबे भंगड़ा पोंदे ने चलवाया तो इंद्र सिंह सेठी, मदन सेठी, ओम प्रकाश गर्ग, हरबंस सिंह सेठी, रामलाल बागड़ी, रामनाथ जिंदल, नत्थू राम, लायक राम सहित अन्य बुजुर्ग अपनी खुशी का इजहार करने से खुद को रोक नहीं पाए। हाथों में पकड़ी छड़ी के सहारे उठकर जब वे नाचे तो समारोह में मौजूद हर शख्स ने खड़े होकर बुजुर्गों के जज्बे को सलाम किया। स्कूल के पूर्व छात्र गोभक्त रामलाल बागड़ी ने स्कूल में स्थापित की गई शहीद-ए-आजम भगत सिंह की प्रतिमा का अनावरण भी किया।
समारोह में पेट्रो डीलर सुशील कुमार बांसल मुख्यातिथि थे। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल के इस समारोह ने उन सब लोगों की बचपन की वो यादें ताजा कर दी है जो कभी यहां पढ़े हैं। खासकर बुजुर्गों का तो जैसे बचपन ही लौट आया है। प्रिंसीपल सुरजीत सिंह मान ने स्कूल की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट पढ़ी भावी योजनाओं के बारे में बताते हुए आर्थिक सहयोग करने वाले महानुभावों का आभार जताया। उन्होंने घोषणा की कि आगामी वर्ष 100 पूर्व छात्रों को वार्षिक समारोह में सम्मानित किया जाएगा। इस दौरान स्कूल के विद्यार्थियों ने भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर यह साबित किया कि सरकारी स्कूल के बच्चे किसी भी मामले में प्राइवेट विद्यालयों के बच्चों से कम नहीं है।

बेटी बचाअो-बेटी पढ़ाओ का संदेश

रंगकर्मीसंजीव शाद अमन धालीवाल द्वारा निर्देशित शहीद भगत सिंह पर आधारित कोरियोग्राफी को लोगों ने खूब पसंद किया। छात्राओं द्वारा की गई संगीतमय प्रस्तुति धीयां ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं का संदेश दिया। अध्यापिका नवजोत ऋषि द्वारा निर्देशित कोरियोग्राफी 'भारत दर्शन भी आकर्षण का केंद्र थी। मंच संचालन एनसीसी अधिकारी जितेंद्र शर्मा ने किया। इस मौके पर शिक्षाविद आत्माराम अरोड़ा, वियोगी हरि शर्मा, केशव शर्मा, सतीश जग्गा, गुरदीप कामरा, पवन शारदा, कालू राम मेहता, एसएस जोड़ा, नरेश शर्मा, राजेंद्र गर्ग अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
बैक देख जवाना, बाबे भंगड़ा पोंदे ने। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के शताब्दी वार्षिक समारोह में रंग कर्मी संजीव शाद के साथ गुरदास मान के गीत पर नाच कर खुशी का इजहार करते वर्षों पूर्व स्कूल के छात्र रहे बुुजर्ग।
स्कूल के शताब्दी समारोह में धीयां की मनमोहक प्रस्तुति देती छात्राएं।

...लगता है जैसे कि मैं अब भी बच्चा हूं

वर्ष 1929 में मैने शहर के इस राजकीय स्कूल में 5वीं कक्षा उतीर्ण की थी। इतने वर्षों बाद जब मुझे स्कूल के शताब्दी समारोह का निमंत्रण मिला तो में गदगद हो गया। मंच पर मिले सम्मान वहां बच्चों द्वारा शहीद भगत सिंह बेटियों पर दी गई प्रस्तुति को देखकर मेरी आंखें नम हो गई। मैं समारोह के बाद स्कूल की उस कक्षा में भी गया जहां वर्षों पूर्व बैठकर मैने पढ़ाई की थी। इस दौरान सहपाठियों की याद भी आई और स्कूल समय की कई यादें ऐसे ताजा हो गई जैसे कि मैं अब भी बच्चा हूं।''






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