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मंगलवार, फ़रवरी 03, 2015

ग्रामीणों के आपसी प्रेम-भाव के लिए खतरा बने आवारा पशु

40 आवारा पशुओं को अगले गांव भगाने पर दीवार बन कर खड़े हुए चार गांवों के किसान
-गांव मौजगढ़ और मटदादू के मध्य आधे-आधे पशु बांटने पर बनी सहमति 

डबवाली 
खेत में विचरते आवारा पशु। 



ग्रामीण भाईचारे व आपसी प्रेम-भाव में बेजुबान और बेसहारा आवारा पशु खतरा बनने लगे हैं। शनिवार रात अज्ञात ट्रक द्वारा गांव मौजगढ़ में छोड़े लगभग 40 आवारा पशुओं को आगे भगाने को लेकर चार गांवों के किसान गांव मौजगढ़ के किसानों के आगे दीवार बन कर खड़े हो गए।
इस मामले को लेकर डबवाली-जीवन नगर रोड पर गांव मटदादू और मौजगढ़ की सीमा पर दोनों पक्ष दिन भर आमने-सामने डटे रहे। उनके मध्य फंसे बेवस बने आवारा पशु कई घंटों तक जूझते रहे। घटना की सूचना पाकर डबवाली सदर पुलिस और सिविल प्रशासन से रैवन्यू विभाग के पटवारी इत्यादि मौके पर पहुंच गए।
लाठियों से लेस ग्रामीण।
डबवाली क्षेत्र के गांव मौजगढ़ के किसानों द्वारा लगभग 40 आवारा पशुओं को गांव मटदादू की तरफ भगाने की सूचना मिलने पर गांव मौजगढ़, झुट्टीखेड़ा, गोरीवाला और लंबी के दर्जनों किसान गांव मौजगढ़ की सीमा पर आकर डट गए और आवारा पशुओं को वापिस गांव मौजगढ़ की तरफ भगा दिया।
ब्लाक समिति सदस्य सतपाल, निर्मल सिंह मटदादू, सुखराज सिंह, बलजिन्दर सिंह, गुरप्यार सिंह, जगदेव सिंह निवासी मटदादू, सुरिन्दर गोरीवाला, इन्द्रसेन झुट्टीखेड़ा, मन्दर सिंह झुट्टीखेड़ा, भूप सिंह गोरीवाला, हंसराज गोरीवाला और कृष्ण समेत अन्य किसानों ने बताया कि पहले से ही काफी संख्या में आवारा पशु उनकी फसलों के दुश्मन बने हुए हैं। बीती रात एक ट्रक द्वारा गांव मौजगढ़ में छोड़े आवारा पशुओं को वहां के किसानों ने पुलिस की मदद से उनके गांवों की तरफ भगा दिया। जिनको रोकनो के लिए वह प्रात: 6-7 बजे यहां डटे हुए हैं। उन्होने कहा कि पुलिस द्वारा एक गांव की मदद कर अगले गांवों की तरफ पशुओं को भगाने में सहायता करना बेइंसाफी है। किसान गुरप्यार सिंह ने कहा कि पुलिस की गाड़ी पशु छुडवाने के लिए आई थी परन्तु किसानों के विरोध के चलते पुलिस मामले से पीछे हट गई। आवारा पशुओं को लेकर दोनों पक्षों के मध्य सायं करीब 4 बजे तक खींचतान चलती रही। इसी दौरान सदर पुलिस के एएसआई कृष्ण कुमार और पटवारी विश्वामित्र के प्रयासों से दोनों गांवों के किसानों के मध्य आधे-आधे पशु बांटने पर राजीनामा हुआ। पटवारी विश्वामित्र ने कहा कि डबवाली और गांव अबुबशहर की गऊशालों के प्रबंधकों ने 15 -15 गऊऐं संभालने के लिए सहमति दी गई है। जब कि सांड दोनों गांव को आपस में बांटने पड़ेंगे।

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