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गुरुवार, मार्च 12, 2015

सर्वश्रेष्ठ पंचायत सरपंच के चुनाव लड़ने पर छह साल का प्रतिबंध



डबवाली - पंचायती रिकॉर्ड जलाने के आरोप में मनरेगा तथा निर्मलता के मामले में उत्तर भारत की सर्वश्रेष्ठ पंचायत गांव कालूआना के सरपंच जगदेव सहारण को उपायुक्त निखिल गजराज ने दोषी करार देते हुए चुनाव लड़ने पर छह वर्षों का प्रतिबंध लगा दिया है। उधर जगदेव सहारण ने जिला उपायुक्त के आदेश को तथ्यों से परे बताते हुए अदालत में चैलेंज करने की बात कही है।
अतिरिक्त उपायुक्त ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि 18 अप्रैल 2011 को गांव कालूआना निवासी विजेंद्र सिंह ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत ग्राम पंचायत कालूआना का वर्ष 2005 से मार्च 2011 तक का सभी स्कीमों में ग्राम पंचायत द्वारा करवाए गए विकास कार्यों का लेखा जोखा मांगा था। 30 जून 2011 को सरपंच ने रिकॉर्ड को फोटो स्टेट करवाने के लिए अपने भतीजे लीलाधर पुत्र घीसाराम निवासी कालूआना तथा रोजगार सहायक प्रेमकुमार को अपनी कार पर डबवाली भेजा था, जोकि संदेहजनक प्रतीत होता है। चूंकि गांव कालूआना व उसके आसपास गांव गोरीवाला, बिज्जूवाली आदि गांवों में भी फोटो स्टेट की मशीन है। उपरोक्त गांव लगभग 10-12 किलोमीटर की दूरी पर हैं। जबकि डबवाली की दूरी करीब 30-32 किलोमीटर है। रिकॉर्ड की फोटो स्टेट करवाने के बाद चालक कार को डबवाली से ऐलनाबाद मुख्य रोड की अपेक्षा लिंक रोड डबवाली से गांव गंगा की तरफ ले गया। बाया अबूबशहर होकर जाना भी संदेहजनक है। चूंकि अबूबशहर से गंगा लिंक रोड़ बिल्कुल सुनसान रोड है। इस रोड़ पर रात्रि के समय ट्रेफिक नहीं होता। पुलिस ने अपनी रपट नं. 11, दिनांक 30 जून 2011 की तफ्तीश में दुर्घटनाग्रस्त कार में गैस किट लगा बताया गया है। जबकि उक्त कार अल्टो एचआर20जी-8102 की पंजीकृत प्रमाण पत्र का अवलोकन करने से पाया गया है कि कार में गैस किट बारे मान्यता पंजीकृत नहीं है। कार में सवार सरपंच के भतीजे लीलाधर तथा रोजगार सहायक प्रेम कुमार को दुर्घटना के समय चोटें न आने से यह प्रदर्शित होता है कि 30 जून 2011 को गांव गंगा के पास अबूबशहर-गंगा लिंक रोड़ पर घटित दुर्घटनाग्रस्त कार को जानबूझकर जन सूचना अधिकार अधिनियम से वांछित ग्राम पंचायत कालूआना के रिकॉर्ड को जलाने के उद्देश्य से दुर्घटना की गई है ।
उत्तर भारत की सर्वश्रेष्ठ पंचायत है कालूआना
भारत सरकार साल 2006 में मनरेगा कानून लेकर आई थी। जिसका हर पांच वर्ष बाद मूल्यांकन होता है। मूल्यांकन के आधार पर ही राष्ट्रीय स्तर पुरस्कार दिये जाते हैं। इस कार्य को केंद्र स्तर की टीम देखती है। साल 2010 में भारत सरकार के रूरल डिवेल्पमेंट के सचिव बीके सिन्हा, आनंद मोहन शरण, हरियाणा के वित्तायुक्त पी. राघवेंद्र राव सहित केंद्रीय तथा प्रदेश स्तरीय संयुक्त टीम ने गांव कालूआना का दौरा किया था। टीम ने मनरेगा मजदूरों से विचार-विमर्श करते हुये कार्यों की समीक्षा की थी। टीम की रिपोर्ट के आधार पर साल 2011 में दिल्ली में आयोजित हुये राष्ट्रीय स्तरीय पंचवर्षीय सम्मेलन में गांव कालूआना की पंचायत को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सम्मानित किया था।
जिला उपायुक्त ने सरपंच जगदेव सहारण को पद से हटा ंदिया है। आगामी छह वर्षों के लिए चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य करार दे दिया है। कार्यवाहक सरपंच चुनने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
-राजेश कुमार, बीडीपीओ, डबवाली
जिला उपायुक्त का फैसला तथ्यों से परे है। बिना रिकॉर्ड जांचे कुछ नेताओं तथा गांव के कुछ लोगों के कहने पर फैसला दिया गया है। मैं इसके खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाऊंगा।
-जगदेव सहारण, गांव कालूआना   

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