BREAKING NEWS

Post Top Ad

Your Ad Spot
�� Dabwali न्यूज़ है आपका अपना, और आप ही हैं इसके पत्रकार अपने आस पास के क्षेत्र की गतिविधियों की �� वीडियो, ✒️ न्यूज़ या अपना विज्ञापन ईमेल करें dblnews07@gmail.com पर अथवा सम्पर्क करें मोबाइल नम्बर �� 9354500786 पर

शुक्रवार, मार्च 20, 2015

उपभोक्ताओं से ठगी कर रही गैस एजेंसी की कालाबाजारी साबित


 
डबवाली एसडीएम ने जांच रिपोर्ट डीसी को सौंपी, एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई के लिए कंपनी को लिखा 

 कालांवाली
कालांवाली। बंद पड़ी विवादों में रही कर्ण गैस एजेंसी। 
अक्सरविवादों में रहने वाली कालांवाली की कर्ण गैस एजेंसी को कैंसिल किया जा सकता है। डीसी निखिल गजराज सिंह ने एजेंसी के खिलाफ भारत पेट्रोलियम कॉरपरेशन लिमिटेड के चेयरमैन मैनेजिंग डायरेक्टर को पत्र लिखा है। जिसमें कहा गया है कि कर्ण गैस एजेंसी पर सैकड़ों उपभोक्ताओं ने धांधली करने के आरोप लगा रखे थे। जिसकी जांच करवाई गई तो उसमें अधिकतर उपभोक्ताओं की शिकायत सही पाई गई।
डबवाली एसडीएम के नेतृत्व में करवाई गई इस जांच रिपोर्ट के आधार पर गैस एजेंसी संचालक मैनेजर दोषी साबित होते हैं। इसलिए इस एजेंसी के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाए। यहां बता दें कि कर्ण गैस एजेंसी के खिलाफ पहले भी बहुत आरोप लगते रहे हैं। इसलिए एक बार यह सील भी की जा चुकी है। अब डीसी द्वारा इसकी रिपोर्ट भेजने के बाद यह गैस एजेंसी रद्द की जा सकती है। इस गैस एजेंसी के करीब 11 हजार गैस उपभोक्ता है। जो यहां से गैस सप्लाई लेते हैं।
उपभोक्ता बोले, मनमानी करते हैं एजेंसी संचालक 
वार्डनंबर आठ के जगदीश कुमार ने बताया कि वह पिछले पांच महीने से गैस एजेंसी के चक्कर लग रहा है। उसे रिफिल नहीं दिया गया। जिसके कारण उसका आर्थिक मानसिक शोषण हुआ है। इस बारे एजेंसी के प्रबंधक हरमेल सिंह ने भी अपने बयान में माना कि उसके कागजात में कोई कमी नहीं थी। इस पर अधिकारियों ने एजेंसी के खिलाफ उपभोक्ता को जानबूझकर प्रताड़ित करने की रिपोर्ट पेश की है। वहीं वार्ड नंबर 11 के भूषण जिंदल ने बताया कि उसे एक महीने से रिफिल नहीं दिया गया है और उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया है। गदराना के चरणजीत सिंह ने बयान दिया कि उसके कनेक्शन के साथ छेड़छाड़ करके उसके हिस्से आने वाले सात सिलेंडरों को ब्लेक में बेच दिया गया है। इसकी जांच की गई तो उसके आरोप सही पाए गए। गैस उपभोक्ता भूपिंद्र सिंह ने बताया कि उसकी ब्ल्यू बुक में नाम बिंद्र सिंह लिखा हुआ है। उसका नाम ठीक करवाने के लिए गैस एजेंसी वाले 2300 रुपये मांग रहे हैं। उनके दुर्व्यवहार से भी परेशान हैं। 
101उपभोक्ताओं ने करवाए बयान दर्ज 
डीसीनिखिल गजराज द्वारा कर्ण गैस एजेंसी के खिलाफ लगे सभी आरोपों की जांच करवाने के लिए एसडीएम डबवाली के नेतृत्व में एक कमेटी गठित की थी। जिसमें डीएफएससी हंसराज भादू, बीपीसी के टेरिटरी मैनेजर योगेश चंद्र पांडे सहित अन्य अधिकारी नियुक्त किए गए थे। उन्होंने 4 नवंबर 2014 को कर्ण एजेंसी पर जाकर जांच की जहां पर करीब 65 शिकायतकर्ताओं ने अपने बयान दर्ज करवाएं। जिन्होंने इस एजेंसी के संचालक और मैनेजर के खिलाफ धांधली करने के आरोप लगा रखे थे। उसके बाद दूसरी बार यह टीम 12 नवंबर 2014 को फिर कालांवाली पहुंचे। उस समय 36 शिकायतकर्ताओं ने एजेंसी के खिलाफ बयान दर्ज करवाए। इस प्रकार कुल 101 लोगों के बयान दर्ज किए गए। जो सभी उसके खिलाफ पाए गए। उसके बाद जांच टीम ने 6 फरवरी को अपनी फाइनल रिपोर्ट डीसी को सौंप दी। डीसी ने उसके बाद अपने स्तर पर इसकी जांच की। उसके बाद उन्होंने कर्ण गैस एजेंसी के प्रबंधन को गलत माना और शिकायत को सही मानते हुए एजेंसी के खिलाफ भारत पेट्रोलियम कॉरप्रेशन लिमिटेड के चेयरमैन मैनेजिंग डायरेक्टर को पत्र लिखकर कार्रवाई करने की बात लिखी है।
कालांवाली की कर्ण गैस एजेंसी पर सख्त कार्रवाई करने के लिए कंपनी को पत्र लिखा गया है। वहीं जिले की सभी गैस एजेंसियों की जांच करवाई जाएगी। कालाबाजारी धांधली करने वालों पर सख्ती से निपटा जाएगा।'' निखिलगजराज सिंह, डीसी
आरोप निकले सही 
{कईमहिनों तक नया गैस कनेक्शन देना
{कॉपी किसी अन्य व्यक्ति के नाम बनाकर उसे ठीक करवाने के नाम पर पैसे ऐंठना
{कॉपी में रिफिल की संख्या कम दर्ज करना और ऑनलाइन बुकिंग में अधिक करना।
{खत्म होने पर भी ब्ल्यू बुक दोबारा बनाना और उसके 50 रुपये वसूलना
{होम डिलीवरी देना
{केवाईी के लिए मूल दस्तावेज एजेंसी द्वारा अपने पास रखना
{मैनेजर का अभद्र व्यवहार और लड़ाई झगड़ा करना
{नाम में गलती सुधारने के नाम पर 1750 रुपये की मांग करना 

कोई टिप्पणी नहीं:

Post Top Ad

पेज