BREAKING NEWS

Post Top Ad

Your Ad Spot
�� Dabwali न्यूज़ है आपका अपना, और आप ही हैं इसके पत्रकार अपने आस पास के क्षेत्र की गतिविधियों की �� वीडियो, ✒️ न्यूज़ या अपना विज्ञापन ईमेल करें dblnews07@gmail.com पर अथवा सम्पर्क करें मोबाइल नम्बर �� 9354500786 पर

गुरुवार, मार्च 19, 2015

बेसहारा पशुओं ने किसानों की उड़ाई रातों की नींद


 
फसलों को चट कर रहे पशु, किसान हो रहे परेशान 
 डबवाली
गांव बिज्जूवाली के खेतों में विचरते अवारा पशु। 
उपमंडलके शहर के साथ लगते दूर दराज के गांवों के खेतों में पशुओं की भरमार हो गई है। इससे दिन रात को विचरते हुए फसलों को खराब कर रहे हैं, जिससे किसान परेशान हैं। पशुओं से बचाव के लिए किसान अब खेतों में पहरा दे रहे हैं लेकिन रात को पशुओं का झुंड किसान पर हमला कर देता है। जिससे जानमाल के नुकसान की आशंका है।
इससे परेशान किसानां ने प्रशासन से पशुओं को गोशाला वनों में भिजवाने की मांग की है। किसान जसवीर सिंह, राजेंद्र सिंह, शेरगढ़, भागीरथ, आत्मप्रकाश, हरबंश, कालु राम, तेजभान, प्रेमकुमार, जगदीश, कृष्ण कुमार, पप्पूराम हीरालाल सहित अन्य किसानों ने बताया कि शहर के साथ लगते गांवों शेरगढ़, अलीकां, सकताखेड़ा, लोहगढ़, जोतांवाली तथा गोरी वाला क्षेत्र के गांव बिज्जूवाली, अहमदपुर दारेवाला, गोदीकां, रिसालियाखेड़ा, मुन्नावाली रामगढ़ क्षेत्र में दिन या रात को खेतों में आवारा पशुओं का झुंड विचरता रहता है। इससे पशुु आपस में दौड़ते झगड़ते हुए फसल को तहस-नहस कर देते हैं। किसानों ने बताया कि पिछले माह से इन पशुओं की संख्या बढ़ रही है, ऐसे में अकेला किसान इन पशुओं को खेत से खदेड़े भी नहीं सकता है रात को कई बार तो पशुओं को खेत से खदड़ने के दौरान किसानों को पशु सींग से मारने के लिए दौड़ते हैं। किसानों ने बताया कि वे पिछले काफी सालों से आवारा पशुओं की ओर से उजाड़ी जा रही फसल के कारण नुकसान का दंश झेल रहे हैं, लेकिन समय की सरकारें इस समस्या के हल के लिए आश्वासन देती रही है, परंतु इन पशुओं का कोई पुख्ता इंतजाम करने में किसानों के अभी तक नाकामी ही हाथ लगी है। किसानों का आरोप है कि एक ओर जहां केंद्र प्रदेश सरकार किसानों को बढ़िया फसल बुआई के लिए प्रोत्साहित करती हैं, जिसके तहत करोड़ों रुपयों की योजनाएं भी चलाई जाती हैं, वहीं दूसरी तरफ क्षेत्र में आवारा पशुओं के कारण फसलों को हो रहे नुकसान पर ध्यान देकर सरकार उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। प्रशासन से मांग की है कि सरकार की और से गोरक्षा के लिए बनाई गई नीति के तहत शत प्रतिशत गोवंश को गोशालाओं में रखने का प्रबंधन किए जाए ताकि किसानों को नुकसान से बचाने के साथ गोवंश की भी रक्षा हो।

कोई टिप्पणी नहीं:

Post Top Ad

पेज