BREAKING NEWS

Post Top Ad

Your Ad Spot
�� Dabwali न्यूज़ है आपका अपना, और आप ही हैं इसके पत्रकार अपने आस पास के क्षेत्र की गतिविधियों की �� वीडियो, ✒️ न्यूज़ या अपना विज्ञापन ईमेल करें dblnews07@gmail.com पर अथवा सम्पर्क करें मोबाइल नम्बर �� 9354500786 पर

रविवार, मार्च 15, 2015

बेटी के लिए न्याय मांगने गए पिता को महिला एडीसी ने नहीं घुसने दिया


 
शिक्षित नारी-सभ्य समाज कार्यक्रम में बड़ी-बड़ी बातें, धरातल पर सब जीरो 
डबवाली
चौहान नगर स्थित दीपांजलि केंद्र में शनिवार को महिला दिवस के उपलक्ष्य में दीपांजलि संस्था की ओर से शिक्षित नारी सभ्य समाज समारोह हुआ। इसमें एडीसी शरणदीप कौर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। एडीसी ने कहा कि समाज और सभ्यता का विस्तार नारी से ही होता है। इसलिए महिलाएं कभी खुद को कम समझें। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या दहेज प्रथा को रोकने में महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। चूंकि वे ही जननी यानी मां, बुआ, चाची, दादी, ननद और बेटी ही नहीं डॉक्टर भी होती हैं। इसलिए कतई ऐसा स्वीकार नहीं करें कि कोई गर्भ में बच्चे की जांच कराए या बेटी को प्रताड़ित करें। उन्होंने कहा कि बेटियों के प्रति समाज में भी हर स्तर पर सम्मान है और कुछ समाजकंटक है जिन्हें सलाखों के पीछे भेजने के लिए प्रशासन गंभीरता से काम कर रहा है। उन्होंने सभी महिलाओं से शिक्षित जागरूक होकर आगे बढ़ने का आहवान किया। उन्होंने वादा किया कि इसके लिए प्रशासन की ओर से सभी योजनाओं के तहत व्यापक सहयोग महिलाओं को उपलब्ध कराया जाएगा। प्रधान सुखरीता सुखजीत कौर ने बताया कि संस्था का उद्देश्य गांवों में महिलाओं को जागरूक करते हुए जन जन तक संदेश भेजना है कि हमें बेटा बेटी में भेदभाव नहीं रखना चाहिए। बेटियों को भी बेटों की तरह बेहतर परवरिश देकर शिक्षित बनाना चाहिए। बेटियों की तरह बेटों को भी संस्कारित करें। गीतांजलि केंद्र में जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाई कराई जा रही है।

छेड़छाड़ से रेप तक की शिकायतों पर नहीं सुनाई
पीड़ितपिता ने बताया कि उसकी बेटी से रेप की घटना होने के बाद प्रशासन ने कोई गौर नहीं की। आरोपित युवक के परिवार के लोगों की ओर से उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। इससे उसने बेटी से छेड़छाड़ की घटना होने के दौरान से अब तक लगातार शिकायतें कर पुलिस को अवगत कराया है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। अभी भी पिछले माह खुद डीएसपी ने शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई करने से इंकार कर दिया वहीं मौजूदा समय में शहर थाना में पहुंची जांच को भी रफा दफा किया जा रहा है। इसलिए जिला प्रशासन से गुहार है कि उसे उसकी बेटी को न्याय मिले। 

महिलाओं से आगे बढ़ता है समाज
 
मां साथ हो तो कोई मंजिल दूर नहीं : एडीसी 
डबवाली-शहर के दीपांजलि केंद्र में महिलाओं के उत्थान और उन्हें सशक्त बनाने को लेकर महिला एडीसी शरणदीप कौर महिलाओं को संबोधित कर रहीं थी तो बाहर एक पिता अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए पुलिस वालों की ही मिन्नतें कर रहा था। जैसे-तैसे अपनी बात एडीसी तक पहुंचाई भी लेकिन महिला अधिकारी ने उससे मिलने तक की जरूरत नहीं समझी। िजस तरह के आश्वासन उसे महीनों से पुलिस देती रही है, वैसा ही जवाब पुलिस कर्मियों से उसे फिर मिला। बोले-सोमवार को जाना एडीसी से मिलवा देंगे।
पीड़ित ने बताया कि जब वह समारोह स्थल पर पहुंचा तो काफी देर इंतजार किया। जिसके बाद एडीसी शरणदीत कौर बराड़ वहां पहुंची। थोड़ी देर बाद उसने इस बारे में शिकायत करने के लिए एडीसी से मिलने की इजाजत मांगी। लेकिन एडीसी के साथ आए पुलिसकर्मियों ने उन्हें मुलाकात कराने से मना कर दिया। पीड़ित ने बताया कि उसकी बेटी का पुलिस डॉक्टरों ने मिलीभगत कर समय पूर्व प्रसव कराया है। जिससे पहले दिन पुलिस ने बिना उसकी सहमति के बेटी को घर से उठाकर बेवजह मेडिकल कराकर परेशान किया। वहीं प्रसव के दौरान भी गायनी डॉक्टर ने लापरवाही बरती। जिससे उसके बच्चे की प्रसव के दौरान मौत हो गई। इसके बाद भी उसे सही उपचार नहीं दिया गया है और बेटी आज भी बीमार है। जिसका उपचार नहीं हो रहा है। साथ इससे संबंधित शिकायतों पर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इसलिए उसने महिला एडीसी होने के नाते उसका दर्द समझने की उम्मीद से शिकायत करने की सोची लेकिन उससे भी मिलने नहीं दिया गया है।
एडीसी शरणदीप कौर ने बताया कि वह भी पंजाब के गांव में गरीब परिवार में जन्मी थीं। शिक्षा के दौरान अपने इरादे मजबूत किए। परिजनों को साथ मिलने से उच्च शिक्षा हासिल की। लगातार लगन से पढ़ाई कर आईएएस बनी हैं। उनकी सफलता में मां का महत्वपूर्ण साथ है। इसी प्रकार प्रत्येक बेटी या बेटे की सफलता के लिए मां का साथ होना जरूरी है। चूंकि महिला ही मां होती है। इसलिए बेटियों को कतई पीछे नहीं रखें। उन्होंने बेटियों से आह्वान किया कि वे अपने परिजनों का विश्वास टूटने दें और दृढ़ता से लक्ष्य को हासिल करें। एडीसी ने बताया कि कुछ समय पहले वह अपनी बीमार मासी से मिलने पहुंचीतो देखा की उनकी बेटी ही सबसे अधिक सेवा कर रही थी। महिला जागृति का संदेश देते हुए नाटक गीत महिलाओं ने प्रस्तुत किए और पूरे कार्यक्रम का संचालक महिला टीम ने किया। मौके पर शहर गांवों से सैकड़ों महिलाएं, समाजसेवी युवतियां, संस्था सदस्य तथा विद्यार्थी मौजूद थे। 


कोई टिप्पणी नहीं:

Post Top Ad

पेज