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Title: लावारिस पशु से टकराई कार डबवाली इंस्पेक्टर की मौत
Author: Young Flame
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नहीं रुक रहा लावारिस पशुओं से हादसों का सिलसिला, अब तक जा चुकी हैं 16 जानें, वर्ष 2010 में हरियाणा पुलिस में हुआ था चयन 2013 में प्रमोश...

नहीं रुक रहा लावारिस पशुओं से हादसों का सिलसिला, अब तक जा चुकी हैं 16 जानें, वर्ष 2010 में हरियाणा पुलिस में हुआ था चयन

2013 में प्रमोशन देकर सिरसा किया गया था तबादला,अपनी कार में सिरसा से मधुबन में आयोजित सम्मेलन में जा रहे थे इंस्पेक्टर अनिल कुंडू । 
डबवाली । जिले में लावारिस पशुओं से होने वाले हादसों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा। जहां इससे पहले 16 की जानें जा चुकी हैं, वहीं नेशनल हाईवे नंबर नौ स्थित डेथ प्वाइंट मोरीवाला के पास शुक्रवार देर रात लावारिस बैल से कार टकराने से डबवाली शहर थाना प्रभारी अनिल कुंडू की मौत हो गई। हालांकि पुलिस का दावा है कि पहले कार अज्ञात वाहन से टकराई, फिर लावारिस पशु से। डिंग थाना के गश्ती दल ने क्षतिग्रस्त कार को देखा तो अनिल कुंडू को मृत हालत में पाया। पुलिस कर्मचारियों ने वीटी पर सूचना जारी करके आला पुलिस अधिकारियों को घटना की सूचना दी। सूचना मिलने पर डीएसपी और जिले के सभी थानों से प्रभारी मौके पर पहुंचे। इंसपेक्टर अनिल कुंडू अपनी निजी कार में सवार होकर डबवाली से मधुबन के लिए रवाना हुए थे।
जानकारी के अनुसार करनाल निवासी इंस्पेक्टर अनिल कुंडू को पिछले माह डबवाली शहर थाना प्रभारी नियुक्त किया गया था। इससे पहले वे सिरसा शहर थाना के प्रभारी थे। शुक्रवार रात करीब साढ़े 12 बजे तक वह डबवाली शहर क्षेत्र में गश्त करते रहे। इसके बाद उन्होंने भोजन किया और फोन पर परिजनों से बात की। उन्होंने शनिवार दोपहर मधुबन में मादक पदार्थ अधिनियम पर आधारित एक दिवसीय सेमिनार में भाग लेने जाना था। सेमिनार में प्रदेश से इंस्पेक्टर और डीएसपी रैंक अधिकारी को शिरकत करनी थी। उन्होंने सुबह रवाना होने की बजाए समय पर करनाल पहुंचकर थोड़ा समय परिवार वालों के साथ बिताने की सोची। इसी के चलते उन्होंने सवा एक बजे थाने में मुंशी से अपनी मधुबन की रवानगी करवाई। वे अपनी निजी कार में सवार होकर डबवाली से रवाना हो गए।
ओआरपी पाने वाले पहले अधिकारी
करनाल निवासी अनिल कुंडू का जन्म 15 जुलाई 1982 को जींद जिले के एक गांव हुआ था। वर्ष 2010 में उनका चयन हरियाणा पुलिस में इंसपेक्टर के तौर पर हो गया। नियुक्ति के बाद तीन साल की ट्रेनिंग पीरियड होता है और जो इस दौरान लायक पाया जाता है, तभी उसे इंस्पेक्टर रैंक का तीसरा स्टार लगाया जाता है। अनिल कुंडू ने ट्रेनिंग पीरियड दौरान करनाल सीआईए स्टाफ में रहकर डकैती की कई वारदातों को अंजाम दे चुके गिरोह को मुठभेड़ के दौरान काबू किया। पुलिस विभाग ने उनकी प्रतिभा को देखते हुए वर्ष 2013 में उन्हें ऑन रैंक प्रमोशन दी। हरियाणा पुलिस में चयन होने के बाद इतनी कम अवधि में ओआरपी पाने वाले अधिकारियों की संख्या बहुत कम है। 2010 बैच में भर्ती पुलिस अधिकारियों में अनिल कुंडू पहले पुलिस अधिकारी बने, जिन्हें विभाग ने ओआरपी दी।

अनियंत्रित कार गुरुद्वारे की दीवार से टकराई
नेशनल हाईवे नौ पर स्थित यातायात पुलिस द्वारा घोषित डेथ प्वाइंट मोरीवाला के पास एक लावारिस बैल कार के आगे आ टकराया। इस कारण कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित गुरुद्वारे की दीवार से जा टकराई। सिर पर गहरी चोट लगने से इंस्पेक्टर अनिल कुंडू की मौके पर ही मौत हो गई। नेशनल हाईवे पर गश्त कर रही पुलिस टीम ने दुर्घटनाग्रस्त कार की तुरंत वीटी पर घटना की सूचना जारी कर दी, जिसने वीटी पर संदेश सुना, वही पुलिस अधिकारी घटनास्थल की ओर रवाना हो गया। पुलिस अधिकारियों ने मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दी और शव को पोस्टमार्टम हेतु सामान्य अस्पताल भिजवाया। अल सुबह ही परिजन सिरसा पहुंच गए थे। शनिवार सुबह साढ़े नौ बजे शव का पोस्टमार्टम सामान्य अस्पताल में किया गया। इस दौरान डीएसपी सिरसा, डबवाली, ऐलनाबाद सहित जिले के सभी थानों के इंचार्ज मौजूद थे। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को करनाल ले गए और वहां पूरे पुलिस सम्मान के साथ अनिल कुंडू को अंतिम विदाई दी गई। अनिल कुंडू दो बच्चों के पिता थे और उनके पिता खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से सेवानिवृत्त है।
डेथ प्वाइंट मोरीवाला के पास हुआ हादसा


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