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Title: जिसकी पेमेंट की, उसकी निशानदेही तक नहीं करा सकी 'गली गायब''
Author: Young Flame
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एडीसी कार्यालय से आई दो सदस्यीय टीम ने की जांच जांच टीम से भिड़ते नजर आए ठेकेदार, एक सप्ताह में आएगी रिपोर्ट #dabwalinews.com  ड...
एडीसी कार्यालय से आई दो सदस्यीय टीम ने की जांच
जांच टीम से भिड़ते नजर आए ठेकेदार, एक सप्ताह में आएगी रिपोर्ट
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 डबवाली नगर परिषद में हुए घोटाले की परत धीरे-धीरे खुलती जा रही हैं। सोमवार को एक बार फिर एडीसी कार्यालय की टीम जांच करने के लिए नगर परिषद कार्यालय में पहुंची। गलियों से शुरू हुई जांच खेल स्टेडियम में बने ओपन एयर थियेटर तक पहुंच गई। ठेकेदारों तथा जांच टीम में कई जगहों पर कहासुनी हुई। टीम एक सप्ताह में अपनी जांच रिपोर्ट पेश करेगी।
सोमवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे पूर्व एसडीओ राजाराम तथा एडीसी कार्यालय सिरसा के एपीओ सुनील जाखड़ टीम के रूप में नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। पिछले पांच वर्षों में एडीसी कार्यालय से करीब ढाई करोड़ रुपये की राशि जारी हुई है। नगर परिषद में तकनीकि विशेषज्ञ एमई फूल सिंह, जेई सुरेंद्र कुमार तथा जेई महेंद्र कुमार ने अपना पक्ष रखा। गलियों का चुनाव करने के बाद जांच के लिए टीम उपरोक्त स्टॉफ को लेकर कबीर बस्ती में पहुंची। जेई महेंद्र कुमार से एमबी में भरी एक गली के बारे में पूछा है, लेकिन जेई कुछ नहीं बता सके। जिस गली का बिल हुआ है, उस नाम की गली कबीर बस्ती में मौजूद नहीं था। रविदास मंदिर के नजदीक एक गली में सीवरेज बिछाने का बिल दिखाया गया है। जबकि गली प्रेमनगर में मंदर मिस्त्री वाली है। मौके पर पहुंची टीम को गली का माप करने के बाद 100 फुट पाइप गायब मिली। जेई महेंद्र से पाइप के बारे में पूछा तो वह कुछ नहीं बोला। बार-बार बीच में टोका-टोकी करके जांच को प्रभावित कर रहे ठेकेदार मुनीष जैन से भी टीम की भिड़ंत हुई।
टीम के चुप रहने की नसीहत के बाद भी उस पर असर नहीं हुआ। आखिरकार जांच करती हुई टीम वार्ड नंबर 18 की गली गुरजंट प्रेमी वाली में पहुंची। टीम ने इंटर लॉकिंग टाइल से निर्मित गली का निरीक्षण किया। निर्माण सामग्री पर संतोष जाहिर किया। इसके बाद टीम स्टेडियम में बने ओपन एयर थियेटर में पहुंची। जेई सुरेंद्र कुमार एमबी में दर्ज थियेटर का माप दिखा पाने में असफल साबित हुआ। टीम ने थियेटर की फर्श के नमूनें भरे। जिन्हें प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। टीम संबंधित तकनीकी विशेषज्ञों के ब्यान दर्ज करना चाहती थी, इसी दौरान ठेकेदार मुनीष जैन मौका पर आ गया। उसने कर्मचारियों को अपने मुताबिक ब्यान दर्ज करवाने के लिए कहा। पुन: टीम की झड़प ठेकेदार से हुई।
टीम ने संबंधित पक्षों को बीडीपीओ कार्यालय में आकर ब्यान दर्ज करवाने के लिए कहा। करीब पौना घंटा टीम प्रतीक्षा करती रही, कोई कर्मचारी मौका पर नहीं आया। टीम वापिस सिरसा लौट गई।

मुझ पर अधिकारी शिकायत वापस लेने का दबाव डाल रहे हैं। इसी नगर परिषद में आवाज उठाने पर मेरे थप्पड़ पड़े हैं। मैं शिकायत वापस क्यों लूं। मुझे जांच टीम पर पूरा भरोसा है। दूध का दूध तथा पानी का पानी होगा। जांच में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
-गोपाल मित्तल, शिकायतकर्ता
यह तो साबित हो चुका है कि सरकार द्वारा तय राशि से ज्यादा मूल्य पर सामान खरीदकर नगर परिषद के कार्य करवाए गए हैं। जोकि नियमों के विपरीत है। कर्मचारी निर्माण कार्यों की निशानदेही करवाने में नाकाम साबित हुए हैं। जांच रिपोर्ट में करीब एक सप्ताह लगेगा।
-राजा राम, तकनीकी विशेषज्ञ जांच टीम 
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