Young Flame Young Flame Author
Title: तकनीकी स्टाफ होगा जांच में शामिल
Author: Young Flame
Rating 5 of 5 Des:
#dabwalinews.com  परिषद के घोटालों की जांच का भूत पिंड छोड़ने को तैयार नहीं है। एडीसी ऑफिस से जारी हुई राशि से हुए विकास कार्यों में गड़...
#dabwalinews.com
 परिषद के घोटालों की जांच का भूत पिंड छोड़ने को तैयार नहीं है। एडीसी ऑफिस से जारी हुई राशि से हुए विकास कार्यों में गड़बड़झाले की जांच कर रही टीम ने एक सप्ताह तक नगर परिषद के एक पूर्व एमई तथा दो जेई को जांच का हिस्सा बनाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
नारनौल में कार्यरत जेई सुरेंद्र कुमार ने जांच टीम के आगे पंचायत चुनाव में व्यस्तता का राग अलापा था। दूसरी ओर कालांवाली नगर पालिका के एमई फूल सिंह ने भी जांच से किनारा करते हुए अपनी व्यस्तता दर्शाई थी। मार्केटिंग बोर्ड के जेई महेंद्र कुमार भी जांच से बचते-बचते नजर आ रहे थे। तीनों तकनीकी विशेषज्ञों पर शिकंजा कसने के लिए टीम एडीसी शरणदीप कौर बराड़ से मुलाकात करेगी। एडीसी की मार्फत टीम उपरोक्त तीनों की व्यस्तता खत्म करवाने के लिए एक सप्ताह तक जांच में सहयोग करने की मांग करेगी। चूंकि जांच टीम को रिकॉर्ड के अवलोकन से ऐसे तथ्य मिले हैं, जो तकनीकी विशेषज्ञों को सलाखों के पीछे धकेलने के लिए काफी हैं। बिना तारीख के ही बिल पास किए हुए हैं। यहां तक की सरकार द्वारा निर्माण सामग्री के तय मूल्य से ज्यादा कीमत पर सामान खरीदा हुआ है। जांच टीम का कहना है कि कुछ पेमेंट एडीसी कार्यालय से हुई हैं। वे सभी कागजात कब्जे में कर लिए गए हैं। कुछ पेमेंट नगर परिषद ने अपने स्तर पर कर रखी है, वह रिकॉर्ड भी तलब कर लिया है। लेकिन जांच को आगे बढ़ाने तथा नतीजे पर पहुंचाने के लिए कम से कम सात दिनों का समय चाहिए। इसके लिए उपरोक्त तकनीकी विशेषज्ञों का साथ होना बेहद जरूरी है।
डबवाली पहुंची जांच की आंच
सिरसा नगर परिषद में हुए घपलों में की जांच की आंच डबवाली पहुंच गई है। सोमवार को एडीसी कार्यालय के एपीओ सुनील जाखड़ तथा रिटायर्ड एसडीई राजा राम ने कबीर बस्ती तथा प्रेमनगर में गलियों की जांच करके काफी अनियमिताएं पाई थी। प्रेमनगर की एक गली में बिछाई गई सीवरेज लाइन की गहराई काफी कम मिली थी। जबकि कागजात में यह गहराई काफी अधिक दशाई हुई है। टीम पिछले पांच वर्षों का रिकॉर्ड खंगाल रही है। इस दौरान करीब ढाई करोड़ रुपये नगर परिषद को प्राप्त हुए थे।
अब तक हुई जांच का खुलासा नहीं कर सकता। नियमित जांच के लिए संबंधित तकनीकी विशेषज्ञों का होना जरूरी है। उनकी उपस्थिति का प्रयास किया जा रहा है।
राजा राम, तकनीकी विशेषज्ञ, जांच टीम
प्रतिक्रियाएँ:

About Author

Advertisement

एक टिप्पणी भेजें

 
Top