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गुरुवार, जुलाई 23, 2015

बारिश से रात में ढही स्कूल की छत

#dabwalinews.com

डबवाली । तेज बारिश के चलते मंगलवार रात राजकीय प्राथमिक पाठशाला की जर्जर इमारत के एक कमरे की छत ढह गई। इससे अलमारी में मौजूद डेस्क और अलमारियों को नुकसान पहुंचा। इमारत गिरने की आशंका के चलते तीन दिन पूर्व ही स्कूल कमेटी ने यहां क्लॉस बंद कराई थी।
बुधवार सुबह जैसे ही पाठशाला खुली तो तीसरी कक्षा के कमरे में डेस्कों की जगह छत पड़ी थी। अलमारियां भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, ब्लॉक समिति सदस्य राजपाल, पंचायत सदस्य सुक्खा सिंह तथा खुशकरण सिंह ने बताया कि पाठशाला को बने हुए करीब 63 वर्ष बीत चुके हैं। नौ कमरे जर्जर हालत हैं। एसएमसी कई बार जर्जर कमरों को गिराने के लिए शिक्षा विभाग को लिख चुकी है। आज तक विभाग ने इस बारे में संज्ञान नहीं लिया। यहां तक की पाठशाला में पढ़ाने वाले अध्यापक भी उनकी बात का विरोध जता रहे थे। इसके बावजूद तीन दिन पूर्व ही उपरोक्त जर्जर भवन से कक्षाएं बंद करवाई थी। अन्यथा बड़ा हादसा हो जाता। शेष आठ कमरों में दरारें गहरी हो चुकी हैं। दीवारें गिरने की हालत में हैं। पाठशाला इंचार्ज छिंद्रपाल कौर ने बताया कि नौ कमरे खस्ताहाल हैं। वह अपने स्तर पर कई बार विभाग को लिख चुकी है। अभी तक इमारत कंडम घोषित नहीं की थी। एसएमसी कमेटी ने कक्षाएं बंद करवाई थी। अन्यथा बड़ा हादसा हो जाता। पाठशाला में बच्चों की संख्या करीब साढ़े चार सौ है। छह नए बने कमरों में बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।
63 साल पुराना है स्कूल भवन
इमारत को कंडम घोषित करने के लिए प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। कुछ स्कूलों की इमारतों को कंडम करार दिया गया है। खंड की सभी स्कूली इमारतों की जांच करवाई जाएगी। कंडम कमरों में कक्षाएं न लगाने के लिए संबंधित इंचार्ज को आदेश दिए जाएंगे।
-संत कुमार, बीईओ, डबवाली
गर्मी का बहाना करके कंडम रूम छोड़ने के लिए विरोध करने वाली टीचर हालात देखकर आज एसएमसी का शुक्रिया कर रही हैं। विभाग ने पाठशाला को कंडम घोषित करके नहीं गिराया तो कमेटी विरोध में उतरने को मजबूर होगी। चूंकि तीन बार विभाग को लिखा जा चुका है। इसके बावजूद कोई अधिकारी मुआयना करने मौका पर नहीं पहुंचा।

-सुरेंद्र, अध्यक्ष, एसएमसी

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