Young Flame Young Flame Author
Title: मिड-डे मील में खिला रहे सड़ा चावल
Author: Young Flame
Rating 5 of 5 Des:
 डबवाली में एसएमसी कमेटी ने मिड-डे मील रूम पर जड़ा ताला, बीईओ ने सैंपल भरवाने के लिए डीईओ को लिखा पत्र #dabwalinews.com डबवाली । खंड...
 डबवाली में एसएमसी कमेटी ने मिड-डे मील रूम पर जड़ा ताला, बीईओ ने सैंपल भरवाने के लिए डीईओ को लिखा पत्र
#dabwalinews.com

डबवाली। खंड डबवाली के 134 सरकारी विद्यालयों में मिड-डे मील के लिए सड़ांध वाला चावल सप्लाई करने से बवाल खड़ा हो गया है। मंगलवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की एसएमसी ने मिड-डे मील रूम पर ताला जड़ दिया। एसएमसी कमेटी की मांग पर बीईओ ने चावल की जांच करवाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डबवाली की एसएमसी कमेटी प्रधान सुखबीर सिंह, उपप्रधान तरसेम सिंह, सदस्य राधा, रचना, धर्मवीर रंगीला, रचना निरीक्षण के लिए विद्यालय में आए हुए थे। इसी दौरान मिड-डे मील के चावल लेकर हैफेड कर्मचारी आ गए। 35 बैग में भरे 16 क्विंटल 93 किलो 300 ग्राम चावल उतरते ही बवाल खड़ा हो गया। कमेटी सदस्यों ने चावल की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए। चावल में आ रही सडांध से कमेटी सदस्यों का गुस्सा उफन गया। प्रिंसिपल सुरजीत सिंह मान को ए ग्रेड चावल कहकर सप्लाई किए गए फोर ग्रेड चावल दिखाए गए। उनके सामने ही सदस्यों ने मिड-डे मील रूम को ताला जड़ दिया। शिकायत लेकर एसएमसी बीईओ संत कुमार बिश्नोई के कार्यालय में पहुंचे। कमेटी ने मामले की जांच करवाने की मांग की। बीईओ ने हैफेड के राजेंद्र कुमार तथा प्रकाश को मौका पर बुलाकर चावलों की गुणवत्ता दिखाई। हैफेड कर्मचारियों ने जवाब दिया कि चावल को भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) से उठाया गया है। खंड स्तर पर बनी तीन सदस्यीय कमेटी चावल को पास करती है। हैफेड कर्मचारियों ने मामले की गंभीरता को समझते हुए चावल वापस उठाने की बात कह डाली। जिसका एसएमसी ने विरोध किया। एसएमसी ने सैंपल लेकर जिला प्रयोगशाला में जांच करवाने की मांग की। हैफेड कर्मचारी मौके से खिसक गए। कमेटी की शिकायत पर बीईओ ने चावल की जांच करवाने का आश्वासन देते हुए डीईओ को लिखा है।
850 क्विंटल चावल की आपूर्ति
जिस चावल को ए ग्रेड बताकर खंड डबवाली के 134 सरकारी स्कूलों में भेजा गया है, वह फोर ग्रेड का है। चावल पर 2014-15 का स्टीकर चस्पा है। पूरे खंड में हैफेड ने करीब 850 क्विंटल चावल की आपूर्ति की है। अगर सड़ांध वाला चावल बच्चों को खाने के लिए दिया जाएगा तो बच्चों को फूड प्वाइजनिंग का खतरा है।
जांच की जाएगी
स्कूलों में वितरण से पहले बीईओ कार्यालय का प्रतिनिधि, हैफेड तथा एफसीआई मैनेजर चावल के स्टेग का निरीक्षण करते हैं। सडांध वाला चावल मिलने के संबंध में शिकायत आई है। मैंने एफसीआई के क्वालिटी इंस्पेक्टर ज्ञान सिंह को बुलाया है। जांच की जाएगी।
-छबील दास, मैनेजर, हैफेड
हम कोई एक्सपर्ट नहीं
हम कोई एक्सपर्ट नहीं, जो चावल देखते हैं। हमारा नुमाइंदा राशन को सही जगह पर पहुंचाने के लिए जाता है। चावल की जांच करवाई जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद कोई फैसला लिया जाएगा। इसके लिए मैंने डीईओ को पत्र लिखा है।
-संत कुमार, बीईओ, डबवाली
मामला बेहद गंभीर है। मिड-डे मील के रूप में गंदा चावल परोसकर बच्चों के स्वास्थ्य के साथ सरासर खिलवाड़ हो रहा है। यह किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। एसएमसी ने मिड-डे मील रूम पर तालाबंदी की है। बच्चों को चावल तभी परोसे जाएंगे, जब इसकी रिपोर्ट आएगी।
-सुखबीर सिंह, प्रधान
एसएमसी
प्रतिक्रियाएँ:

About Author

Advertisement

एक टिप्पणी भेजें