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Title: आधे स्कूल खुले, कइयों में रही छुट्‌टी
Author: Young Flame
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स्कूलों में बिना विभागीय निर्देश के ही कर दी गई बच्चों की छुट्टी, कई जगह नहीं पहंुचे कर्मचारी भी   असमंजस के बीच विभाग ने मांगी है र...

स्कूलों में बिना विभागीय निर्देश के ही कर दी गई बच्चों की छुट्टी, कई जगह नहीं पहंुचे कर्मचारी भी 

असमंजस के बीच विभाग ने मांगी है रिपोर्ट 

 
#dabwalinews.com 
भारतरत्न मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के निधन पर सोमवार को स्कूल खुलने और अवकाश को लेकर असमंजस रहा। इससे समय और जरूरत से बढ़कर काम करने वाले पूर्व राष्ट्रपति को भविष्य के वैज्ञानिक काम करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित नहीं कर पाए। असमंजस के बीच बना आदेश के अवकाश करने वाले स्कूल हैड से शिक्षा विभाग ने रिपोर्ट मांगी है। ऐसे में बचाव के लिए भी स्कूल हैड मिसाइल मैन के संदेश की तरह खुद की गलती को स्वीकार करने की बजाय एक झूठ को छुपाने के लिए कई झूठ बनाने की तैयारी में जुट गए हैं।
मंगलवार को सुबह से सभी कार्यालयों में शोक स्वरूप अवकाश होने की अफवाह रही। इससे कई कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे लेकिन सरकारी कार्यालयों से पहले खुलने वाले राजकीय स्कूलों में इसको लेकर ज्यादा असमंजस रहा। इससे शहर के दोनों राजकीय सीनियर सेकंडरी स्कूलों में सुचारू तौर पर पढ़ाई कराई गई जबकि गांवों में भी कई स्कूलों में सभी कक्षाएं लगाई गई लेकिन बाकी स्कूलों ने बिना किसी अधिकारी के आदेश के स्कूलों में अवकाश कर दिया। इससे अपने जीवन में अंतिम समय तक काम करने वाले पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का सपना पूरा करने में हजारों बच्चे सीधे ही पिछड़ गए। हालांकि सरकारी कार्यालय खुलने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी की ओर से स्कूलों में अवकाश नहीं होने का मैसेज जारी होने के बाद स्टाफ ने पढ़ाई शुरू कराई। साथ ही बंद स्कूलों की रिपोर्ट तलब किए जाने से बिना आदेश के छुट्टी करने वाले स्कूल हैड ने अपनी गलती छुपाने की कवायद शुरु करते हुए स्टाफ को नसीहत देनी शुरू कर दी है।
सुबह से स्कूल खुलने को लेकर बच्चों स्टाफ में 7 दिवसीय शोक के पहले दिन अवकाश होने की अफवाह के चलते कई स्कूलों में बच्चे स्टाफ कम पहुंचे। जिसके बाद कई स्कूलों ने अवकाश होने का ऐलान कर दिया। जिससे बच्चे स्कूलों से वापस घर लौट गए। गांव अहमदपुर दारेवाला के सीनियर सेकंडरी प्राथमिक स्कूल, बिज्जूवाली, रिसालियाखेड़ा, गोदिकां अन्य गांवों के राजकीय स्कूलों से लाैटे बच्चाें ने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति की याद में शोक पर राष्ट्रीय अवकाश का हवाला देते हुए स्टाफ ने उन्हें घर भेज दिया है।
कलाम को सलाम करते हुए कराई पढ़ाई
इसीबीच शहर के 100 वर्ष पुराने राजकीय सीनियर सेकंडरी ब्वॉयज स्कूल में प्रिंसिपल सुरजीत सिंह मान ने प्रार्थना सभा में बच्चों स्टाफ सहित 2 मिनट का मौन रखकर भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को नमन किया।इस दौरान प्रिंसिपल सुरजीत सिंह मान ने बच्चों स्टाफ से आह्रान किया कि आज पूर्व राष्ट्रपति के सपनों को सलाम करते हुए रोजाना से ज्यादा लग्न से पढ़ाई करनी है। इसके बाद स्कूल समय तक सभी कक्षाएं लगाई गई जबकि प्रार्थना सभा में बच्चाें को भारत रत्न डॉ. अवुल पकीर जैनाब्दुल अब्दुल कलाम के जीवन से परिचित कराया गया। इसी प्रकार राजकीय सीनियर सेकंडरी कन्या स्कूल में भी राेजाना की तरह पूरी कक्षाएं लगाई गईं।
डबवाली। राजकीय स्कूल में परीक्षा देते चौथी कक्षा के विद्यार्थी।
इस बारे में गांव अहमदपुर दारेवाला स्थित राजकीय सीनियर सेकंडरी स्कूल के प्रिंसिपल भागराम ने बताया कि हमाने स्कूल में कोई अवकाश नहीं किया और पूरा स्टाफ बच्चे दिनभर स्कूल में रहे थे। इसी प्रकार उनके तहत आने वाले गांव के प्राथमिक स्कूल में छुट्टी नहीं की गई थी। उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्कूल की रिपोर्ट दिन में ली थी।
इस बारे में बीईओ संतकुमार बिश्नोई ने कहा कि मंगलवार को अवकाश का कोई आदेश किसी स्कूल अथवा स्टाफ को नहीं दिया गया है।बावजूद इसके ग्रामीण क्षेत्र में कई स्कूल बंद होने की सूचना मिली है। जिससे सभी स्कूल मुखियाओं से इसको लेकर जवाब मांगा गया है। बुधवार को सभी स्कूलों से मिलने वाले जवाब की रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी के मारफत हैडक्वार्टर में भेजी जाएगी। गलत सूचना देने वाले स्कूल मुखियाओं पर भी जांच कर दोहरी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए स्टाफ बच्चों के अलाव ग्रामीणों से भी फीडबैक मिला है। 
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