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Title: आजादी से पहले बनी पाठशाला का अस्तित्व खतरे में
Author: Young Flame
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पाठशाला में जमा हुआ दो से ढाई फुट पानी, बच्चों की हुईं छुट्टियां सीनियर सेकेंडरी स्कूल का कमरा भी धंसा, जोहड़ ओवरफ्लो होने से बढ़ी दिक्...
पाठशाला में जमा हुआ दो से ढाई फुट पानी, बच्चों की हुईं छुट्टियां
सीनियर सेकेंडरी स्कूल का कमरा भी धंसा, जोहड़ ओवरफ्लो होने से बढ़ी दिक्कतें
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डबवाली। गांव मांगेआना में देश की आजादी से पहले बनी प्राथमिक पाठशाला का अस्तित्व खतरे में है। बरसाती पानी की निकासी न होने के कारण पाठशाला में घुटनों तक पानी जमा हो गया है। तकनीकी विशेषज्ञ का कहना है कि 48 घंटों के भीतर पानी नहीं निकाला गया तो भवन गिर सकता है। शिक्षा विभाग संसाधन न होने की दुहाई देकर अपने हाथ खड़े कर रहा है। दूसरी ओर प्रशासन इसे गांव स्तर की समस्या बताकर अपना पिंड छुड़ा रहा है। सवाल उठता है कि अगर भवन गिर गया तो पाठशाला में पढ़ने आने वाले 171 बच्चों का भविष्य कहां संवरेगा?
बारिश की वजह से गांव मांगेआना में बाढ़ जैसी स्थिति है। राजकीय प्राथमिक पाठशाला के पास बना जोहड़ ओवरफ्लो होने से पानी पाठशाला में घुस गया है। पानी घुटनों तक जमा हो गया है। एहतियात के तौर पर बच्चों की छुट्टियां कर दी गई हैं। पाठशाला में खड़े वृक्ष तक गिर गए हैं। वर्ष 1947 से पहले बनी पाठशाला के भवन को खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीण दरबारा सिंह, जसवीर सिंह, जगतार सिंह, कुलदीप सिंह ने बताया कि करीब 23 वर्ष पहले बरसात से ऐसे हालात हुए थे। अब बरसाती पानी से कुआं भी भर गया। जोहड़ों के साथ लगते घरों में दरारें आ गई हैं।
सीनियर सेकेंडरी स्कूल में भी खतरा
प्राइमरी पाठशाला के साथ-साथ बरसाती पानी ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बने तीन कमरों की नींव में पानी घुसने के कारण एक कमरा जमीन में धंस गया है। कमरा किसी भी समय गिर सकता है। एसएमसी प्रधान दीवान चंद के अनुसार उपरोक्त कमरे में नौवीं की कक्षा लगती थी। कमरे में नए साइकिल खड़ा करने के कारण बच्चों की कक्षाएं लगनी बंद हुई थी। जैसे ही कमरा धंसा तो धमाके के साथ छत टूटकर गिरने लगी। कमरा कभी भी गिर सकता है। निर्माण तीन वर्ष पहले ही करवाया था।
वहीं, खुद ग्रामीण खेतों से आ रहे पानी को बंद करवाने को कई बार मुनादी करवा चुके हैं। किसानों से पानी रोकने की मांग कर रहे हैं। पूर्व फौजी गुरादित्ता सिंह ने सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पानी घुसने से रोकने के लिए ढाई सौ ईंटें दी हैं।

हमारे पास कोई संसाधन नहीं
बरसाती पानी को निकालने के लिए हमारे पास कोई संसाधन नहीं हैं। पानी निकालने का इंतजाम प्रशासन कर सकता है। हम बात करेंगे।
-संत कुमार बिश्नोई, बीईओ, डबवाली
गांव स्तर की है समस्या
मैं मीटिंग में हूं। गांव मांगेआना में खेतों का पानी आने से समस्या आई है। मुझे ज्ञात है। लेकिन यह गांव स्तर की समस्या है। ग्रामीणों को खुद देखनी चाहिए।
-सुरेश कस्वां, एसडीएम, डबवाली
बीईओ से जानकारी मिलने के बाद मैंने पाठशाला का निरीक्षण किया है। पाठशाला में घुटनों तक पानी जमा है। अगर दो दिन तक पानी जमा रहा तो भवन खतरे में आ जाएगा। वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में नींव में पानी भरने के कारण नुकसान हुआ है।
-चेतन कुमार, कनिष्ठ अभियंता, एसएसए, डबवाली
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