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Title: मांगेआना फार्म के प्लांट से तैयार कर रहे मदर प्लांट
Author: Young Flame
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पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कृषि विश्वविद्यालयों में पहुंचे पौधे #dabwalinews.com  इंडो-इजरायल प्रोजेक्ट के तहत गांव मांगेआना में ...

पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कृषि विश्वविद्यालयों में पहुंचे पौधे
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 इंडो-इजरायल प्रोजेक्ट के तहत गांव मांगेआना में स्थापित प्रदेश का एकमात्र फल उत्कृष्टता केंद्र अब हरियाणा, पंजाब तथा राजस्थान के कृषि विश्वविद्यालयों के लिए वरदान साबित होने लगा है। तीनों प्रदेशों के कृषि विश्वविद्यालयों ने नींबू तथा अनार प्रजाति के पौधे लेकर मदर प्लांट तैयार किए हैं। कृषि वैज्ञानिक अब इन प्लांट के जरिए विद्यार्थियों को शिक्षा देंगे। वर्ष 2009 में करीब दस करोड़ रुपये की लागत से फल उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना की गई थी। केंद्र में इजरायली पद्धति पर आधारित वहां के नींबू प्रजातिया पौधे लगाए गए थे। इजरायली पौधों को भारतीय जलवायु रास आ गई है। प्रबंधन में भी यह केंद्र नाम कमा रहा है।
राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड ने प्लांट को फोर स्टार रैंकिंग दी है। जिसके चलते केंद्र अब विभिन्न राज्यों के विश्वविद्यालयों की नजर में आ गया है। हरियाणा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के साथ-साथ पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी ने उपरोक्त केंद्र से पौधे लगाकर मदर प्लांट तैयार किए हैं। ताकि बच्चे नई किस्मों का अध्ययन कर सकें। इसके साथ-साथ अब राजस्थान की बीकानेर स्थित एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी ने भी मांगेआना का रुख किया है। इस यूनिवर्सिटी ने उपरोक्त प्लांट से किन्नू की किस्म हेमलीन (स्वीट), जाफा माल्टा, ब्लड रेड, वेलेंशियल ओलिंडा, कागजी लेमन, ग्रेड फ्रूट डकन, रूबी रेड के साथ-साथ अनार की भारतीय वेराइटी भगवा, मृदुला तथा गणेशा-137 के पौधे लिए हैं।
पंजाब और राजस्थान के केंद्रों में भी प्लांट
करीब तीन वर्ष पूर्व पंजाब के खनूरा में स्थापित हुए फल उत्कृष्टता केंद्र के साथ-साथ वर्ष 2014 में कोटा में स्थापित केंद्र में संतरा की किस्म न्यू हॉल नेबल, डेजी, मालटा की किस्मत वाशिंगटन नेबल, वेलिंशया ओलिंडा, फ्री माउंट फेर चिल्ड नामक किस्म भी लगाई गई थी।
पंजाब और राजस्थान के फल उत्कृष्टता केंद्र भी उठा रहे हैं फायदा
फल उत्कृष्टता केंद्र लाभदायक साबित हो रहा है। प्लांट की एडवांस बुकिंग हो रही है। हरियाणा, पंजाब तथा राजस्थान में स्थित कृषि विश्वविद्यालय ने भी प्लांट का रुख किया है। यह शुभ संकेत हैं।
अमर सिंह पूनियां,
प्रोजेक्ट इंचार्ज

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