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बुधवार, जुलाई 15, 2015

खट्टर सरकार का खटारा ट्रांसफॉर्मर फेल ,चार गांवों सहित शहरवासियों का बिजलीघर पर हंगामा

खटारा ट्रांसफॉर्मर से खटाई में बिजली आपूर्ति
#dabwalinews.com
खट्टर सरकार का खटारा ट्रांसफॉर्मर फेल होने पर मंगलवार को शहर सहित चार गांवों के किसानों ने बिजली निगम कार्यालय में जमकर हंगामा किया। किसानों के गुस्से को शांत करने के चक्कर में एचवीपीएन तथा डीएचबीवीएन के अधिकारी आपस में उलझ गए। शहरवासियों और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें बिजली नहीं मिली तो वे बिजली बिलों का बहिष्कार करके बिजलीघर पर ताला जड़ देंगे। बिजली निगम किसानों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर रहा है, अगर कोई किसान ऐसा कदम उठाता है तो इसकी जिम्मेवारी बिजली निगम की होगी। आठ जुलाई 2015 को ठप हुए ट्रांसफॉर्मर की जगह एचवीपीएन ने पॉली स्टील बिजलीघर हिसार से खटारा ट्रांसफार्मर फिट किया है। छह दिन तक युद्ध स्तर पर चले कार्य के दौरान जैसे ही ट्रांसफॉर्मर पर लोड डाला गया तो एकदम से ट्रिप हो गया। शहर के अधिकतर हिस्से के साथ-साथ एपी फीडरों की बिजली एक बार फिर गुल हो गई। बुधवार को गांव मसीतां, जोगेवाला, मांगेआना, डबवाली के साथ-साथ डबवाली के जीटी रोड़ क्षेत्र के दुकानदार 132केवी सबस्टेशन में पहुंच गए। किसानों ने एसएसई आरएस ढुल से जवाब-तलबी की। एसएसई ने कहा कि दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की वजह से ट्रांसफॉर्मर बार-बार ट्रिप हो रहा है। पहले वाला ट्रांसफॉर्मर जलने का कारण भी उपरोक्त विभाग है। किसानों ने डीएचबीवीएन के जेई गुरबख्श सिंह को भी मौका पर बुला लिया। दोनों में तकरार शुरू हो गई। जेई गुरबख्श ने दोष एचवीपीएन पर मढ़ दिया। एसएसई उसे फीडरों के पास ले गए। उन्होंने जेई को आइना दिखाते हुए कहा कि उन्होंने बिजली छोड़ रखी है। इन पर कोई लोड नहीं आ रहा। जेई निरुत्तर होकर चलते बने। किसानों ने दो टूक लफ्जों में कहा कि दोनों विभागों के बीच वे फुटबॉल बन गए हैं। उनकी धान तथा नरमा की फसल जल रही है। अगर किसी किसान ने बिजली निगम कार्यालय में आकर आत्महत्या कर ली, तो इसका जिम्मेवार बिजली निगम होगा। इसी दौरान एक बिजली कर्मचारी ने किसानों को भड़काने का प्रयास किया। किसानों को ट्रांसफॉर्मर पर पत्थर बरसाने के लिए कहा। जिस पर किसानों को गुस्सा आ गया। किसानों तथा बिजली कर्मचारी के बीच हाथापाई होते-होते रह गई।
बिजलीघर बंद करने को बाध्य होंगे
हलका डबवाली इनेलो के अध्यक्ष सर्वजीत सिंह मसीतां, गांव डबवाली के बलराज सिंह, पूर्व सरपंच मनजीत सिंह दलेह ने बताया कि बिजली न मिलने के कारण धान की फसल सूखने लगी है। बिजली के लिए वे संपर्क साधते हैं। निगम कार्यालय को मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिलता है और लैंडलाइन फोन मिलता ही नहीं। पिछले करीब एक सप्ताह से निगम अधिकारी ट्रांसफॉर्मर खराब होने की बात कहकर जल्द बिजली देने का आश्वासन दे रहे थे। नए वाले ट्रांसफॉर्मर की हालत पहले वाले से भी दयनीय है। खटारा ट्रांसफॉर्मर अभी से ट्रिप होना शुरू हो गया है। अगर उन्हें पूरी बिजली नहीं मिली तो वे बिजलीघर बंद करने को बाध्य होंगे।
9 वर्ष पुराना है ट्रांसफॉर्मर
132 केवी सबस्टेशन में स्थापित किया खस्ताहाल ट्रांसफॉर्मर करीब नौ वर्ष पुराना है। जोकि दो बार रिपेयर हो चुका है। फिट करते ही रेडिएटर से ऑयल टपकने लगा था। इसकी भी निगम ने सुध नहीं ली।
भीतर की वायर नई होने की ब्यानबाजी करने लगा। सोमवार शाम को ट्रांसफॉर्मर की पोल खुल गई। इससे पहले भी डबवाली में 1996 में निर्मित हुआ ट्रांसफॉर्मर लगाया गया था। जो पहले दो बार रिपेयर हो चुका था।
लाइन ठीक करवाई जा रही है
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की वजह से ट्रांसफॉर्मर बार-बार ट्रिप हो रहा है। विभाग के कर्मचारी अपनी लाइनें दुरुस्त करने में नाकाम हैं। पहले वाला ट्रांसफॉर्मर भी निगम की नाकामी की वजह से जला था। डीएचबीवीएन को लाइनें ठीक करने के लिए कहा गया है।
आरएस ढुल, एसएसई, एचवीपीएन, डबवाली
एचवीपीएन गुमराह कर रहा है
एचवीपीएन गुमराह कर रहा है। ट्रांसफॉर्मर खराब होने की वजह से बिजली नहीं दे रहा। दोष हमारे पर मढ़ रहा है।
-एमआर सचदेवा
कार्यकारी अभियंता, डीएचबीवीएन, डबवाली
एचवीपीएन और डीएचबीवीएन के अधिकारी आपस में टकराए, एक-दूसरे पर लगाया आरोप
किसान बोले हमें फुटबॉल मत बनाओ, आत्महत्या कर ली तो जिम्मेवार बिजली निगम होगा 

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