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Title: वर्ल्ड बैंक की ग्रांट का दुरुपयोग बिना अनुमति खर्चे लाखों रुपये
Author: Young Flame
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सीएम फ्लाइंग -एडीसी कार्यालय के अलावा नपा के खिलाफ तीसरी जांच शुरू #dabwalinews.com डबवाली । वर्ल्ड बैंक से मिली ग्रांट का दुरुपयोग हो...
सीएम फ्लाइंग -एडीसी कार्यालय के अलावा नपा के खिलाफ तीसरी जांच शुरू
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डबवाली । वर्ल्ड बैंक से मिली ग्रांट का दुरुपयोग होने का मामला सामने आया है। इसके साथ ही नगर परिषद के खिलाफ सीएम फ्लाइंग, एडीसी कार्यालय के बाद तीसरी जांच शुरू हो गई है। आरोप है कि नगर परिषद ने बिना मंजूरी तथा नियमों को ताक पर रखते हुए ग्रांट प्रयोग की है। एसडीएम डबवाली ने मामले की जांच नायब तहसीलदार डबवाली को सौंपी है।
ठेकेदार गोपाल मित्तल ने एसडीएम डबवाली सुरेश कस्वां को शिकायत देकर कहा है कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत कचरा प्रबंधन प्लांट लगाने के लिए नगर परिषद डबवाली को करोड़ों रुपये की राशि मिली थी। वर्षों तक अधिकारी इस ग्रांट पर कुंडली मारे बैठे रहे। ग्रांट बार-बार लैप्स होती रही। अधिकारी कचरा प्रबंधन प्लांट की योजना बनाने के नाम पर सरकार तथा प्रशासन को गुमराह करके इसकी स्वीकृति की तिथि बढ़ाते गए। वर्ष 2011 में उपरोक्त राशि का प्रयोग करने के लिए प्रशासनिक अनुमति मांगी। उपायुक्त ने चार फरवरी 2011 को ग्रांट से रिफ्यूज कंपेक्टर, दो ट्रेक्टर-ट्रॉली, 150 क्यूबिक क्षमता के डस्टबिन, ट्रेक्टर माउंटेड जेसीबी खरीदने की स्वीकृति दे दी। नगर परिषद ने अपने हितों को सर्वोपरि रखते हुए उपायुक्त के आदेशों को दरकिनार कर दिया। मनमाने ढंग से करीब 26 लाख रुपये कीमत के पांच मिनी टैंपू खरीद लिए। जिसमें नगर परिषद के अधिकारी, ऑडिट शाखा, लेखा शाखा शामिल है।
खरीद में घपला
शिकायतकर्ता का आरोप है कि नियमों की बलि देने के साथ-साथ वर्ल्ड बैंक की ग्रांट से खरीदे गए उपकरणों में घपला हुआ है। 50 डस्टबिन खरीदे गए हैं। जिन पर करीब 13 लाख रुपये का खर्च आया है। एक डस्टबिन की कीमत करीब 26 हजार रुपये है। जबकि मार्केट में इसी स्तर के डस्टबिन कम मूल्य पर उपलब्ध हैं। यहीं नहीं रिफ्यूज कंपेक्टर पर नगर परिषद ने 28 लाख 71 हजार रुपये खर्च किए। कंपेक्टर जब से आया है, तब से सामुदायिक केंद्र में सफेद हाथी बना खड़ा है। यहां तक की बिलों में उसका चेसिस नंबर, इंजन नंबर न ही कोई सेल टैक्स, आय टैक्स, सर्विस टैक्स दिखाया गया है। मित्तल के अनुसार अगर मामले की तरह तक जाया जाए तो लाखों रुपये का घपला सामने आएगा।
नायब तहसीलदार दस दिन में देंगे अपनी रिपोर्ट, जांच में सामने आ सकता है बड़ा घपला
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत आई ग्रांट के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। गोपाल मित्तल की शिकायत पर जांच का कार्य नायब तहसीलदार को दिया गया है। 10 दिन के भीतर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।
-सुरेश कस्वां, एसडीएम, डबवाली
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