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Title: कांग्रेस नेता तक नहीं पहुंच पाई एसआईटी
Author: Young Flame
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लिंग जांच मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल  चौदह दिनों में दो कदम बढ़ पाई पुलिस #dabwalinews.com डबवाली । लिंग जांच मामले म...
लिंग जांच मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल 
चौदह दिनों में दो कदम बढ़ पाई पुलिस

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डबवाली । लिंग जांच मामले में पुलिस दो सप्ताह में दो कदम ही बढ़ पाई है। मामला एसआईटी देख रही है। इंचार्ज का दावा है कि जल्द आरोपी गिरफ्त में होंगे। पुलिस ने एक आरोपी को अदालत में पेेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
गत 19 जुलाई 2015 को शहर थाना पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से मोगा में छापामारी के अस्पताल संचालक डॉ. सुनीत मित्तल तथा घुकांवाली निवासी जगदीश गोदारा को लिंग जांच करते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। चार दिन की रिमांड अवधि के दौरान आरोपियों ने चौंकाने वाले नामों का खुलासा किया था। शहर डबवाली के एक कांग्रेस नेता और चिकित्सक के साथ-साथ कई नामी हस्तियों के नाम शामिल आरोपी ने बताए। पुलिस अब तक उन तक नहीं पहुंच पाई है। कुछ दिन पहले पुलिस ने दमदमा निवासी संदीप को गिरफ्तार किया था। संदीप ने एक दिन की रिमांड अवधि के दौरान अपने ही गांव के एक व्यक्ति का नाम उगला था। संदीप ने कहा था कि उसने जगदीश की मदद से संबंधित व्यक्ति की साली की लिंग जांच करवाई थी। जगदीश ने उसे लड़का होने की रिपोर्ट दी थी। आरोपी तथा महिला के नाम का खुलासा होने के बावजूद पुलिस दोनों को पकड़ नहीं पाई। शनिवार को पुलिस ने लिंग जांच के आरोप में रामां मंडी निवासी संजीव उर्फ गोरा को गिरफ्तार कर लिया। दो हफ्तों में पुलिस ने दूसरा मुलजिम गिरफ्तार किया है। इससे पुलिस की जांच पर भी सवाल उठ रहे हैं।
आखिर चौदह दिनों में पुलिस दो कदम ही बढ़ पाई है। जबकि पहुंच वाले लोगों से पूछताछ तक शुरू नहीं हुई है। रविवार को पुलिस ने आरोपी संजीव को उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी परवेश सिंगला की अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। गौरतलब है कि पंजाब तथा राजस्थान में हो रहे लिंग जांच का असर साथ लगते हरियाणा पर पड़ रहा है। आरोपियों ने पूछताछ के दौरान ऐसे कई लोगों के नामों का खुलासा किया था, जो इस धंधे में संलिप्त हैं। आरोपी पंजाब तथा राजस्थान के रहने वाले हैं। यह भी पता चला था कि प्रति लिंग जांच 12 से 15 हजार रुपये तक वसूले जाते थे।
भ्रूण लिंग जांच कराने वाली महिलाओं को भी जांच में शामिल किया जाएगा, ताकि गिरोह से जुड़े सभी लोगों को बेनकाब किया जा सके। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस छापामारी जारी है।
-कुलदीप बैनीवाल, डीएसपी और इंचार्ज, एसआईटी
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