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गुरुवार, अक्तूबर 29, 2015

सावधान! ‘मीठा जहर’ बनाने के लिए बाजार में मिलावट का खेल शुरू


विभाग ने मिठाइयों के सैंपल भरने के लिए टीमें गठित की 

बाजार में बढ़ी दूध की डिमांड, नकली बनने शुरू

dabwalinews.com त्योहार के सीजन में नकली मिठाइयों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सैंपल भरने के लिए तो टीमें गठित कर दी हैं। लेकिन जब तक सैंपल की रिपोर्ट आएगी तब तक दिवाली का पर्व निकल चुका होगा। लोग मीठा जहर खा चुके होंगे, तो भला इस टीम और उसकी कार्यवाही का क्या फायदा।
दशहरा गया और दिवाली आने में मात्र दो सप्ताह शेष हैं। ऐसे में शहर के हर छोटे-बड़े दुकानदार में अधिक से अधिक मिठाई बनाने की होड़ में जुटे हुए हैं। दूध की मांग बढ़ गई है, जब दूध प्रर्याप्त मात्रा में न मिलेगा तो मिलावट का खेल शुरू होना लाजमी है।
बता दें कि त्योहार के सीजन में गत वर्ष भरे गए सैंपलों में से सात सैंपल फेल हुए थे। हर वर्ष त्योहारों पर ग्राहकों को लुभाने के लिए दुकानदार रंगों का भी खूब इस्तेमाल करते हैं। जो स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। जिसे आमजन की जागरूकता से ही रोका जा सकता है। 
इस साल भरे गए 53 सैंपल
असिस्टेंट केमिकल एग्जामिनर बृजलाल ने बताया कि गत वर्ष दिवाली के अवसर पर 87 सैंपल भरे गए थे, जिनमें से सात सैंपल फेल हुए थे। उन्होंने बताया कि फेल हुए सैंपलों के आधार पर दुकानदारों पर कार्रवाई के लिए लिखा गया था। इसके अलावा भी रूटीन में सैंपल भरे जाते हैं। इस वर्ष रूटीन में 53 सैंपल भरे गए हैं। जिनमें से सात सैंपल फेल हो गए हैं।
छिपकर बनता है नकली दूध और मावा
मिठाइयों में प्रयोग करने के लिए नकली दूध और नकली मावा छिपकर तैयार किया जाता है। इसकी भनक किसी को नहीं लगने दी जाती यहां तक कि अधिकतर दुकानदारों को भी नहीं पता होता कि जो दूध या मावा वे खरीद रहे हैं वह नकली है या असली। रिहायशी क्षेत्रों में खाली घरों को किराए पर लेकर इस प्रकार का धंधा होता है।
त्योहारी सीजन में मिलावटी मिठाइयों की आशंका बढ़ जाती है। प्रशासन ने स्पेशल टीम का गठन किया है। टीम में तहसीलदार को भी शामिल किया गया है। शिकायत मिलने वाली दुकानों से तो सैंपल भरे ही जाएंगे, सैंपल रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मिठाई साबित हुई तो कार्रवाई के लिए कोर्ट में मामले को भेजा जाएगा।
सूरजभान कंबोज, सीएमओ सिरसा

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