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Title: होप- एक उम्मीद एनजीओ बनी जरूरत मंदों के लिए उम्मीद की किरण,अब तक करीब 500 को एनजीओ ने किये नये व पुराने कपड़े वितरित
Author: Young Flame
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डबवाली, -होप एक उम्मीद एनजीओ द्वारा चलाई की कपड़ा बैंक मुहिम के तहत आज इंदिरा नगर में गरीब व जरूरतमंद जनों को एकत्रित नये व पुराने कपड़े ...
डबवाली, -होप एक उम्मीद एनजीओ द्वारा चलाई की कपड़ा बैंक मुहिम के तहत आज इंदिरा नगर में गरीब व जरूरतमंद जनों को एकत्रित नये व पुराने कपड़े वितरित किये गये। डबवाली सिविल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम के भादू ने इंदिरा नगर में जरूरतमंद महिला, बच्चों और पुरूषों को कपड़े वितरित कर आज की इस मुहिम का आगाज किया। उन्होंने अपनी ओर से भी लाये हुए कपड़े कपड़ा बैंक के माध्यम से वितरित किये। इसके उपरांत एनजीओ की टीम इंद्रजीत सिंह, अमन भरद्वाज, गुलशन सेठी, डॉ. सुखपाल सिंह, रिशी सरदाना, रवि मोंगा, मनदीप जौड़ा, सुरजीत सिंह, इंद्रजीत कुमार व राजीव वढेरा ने घर घर जा कर जरूरतमंदों को उनकी जरूरत के हिसाब से कपड़े वितरित किये।     एनजीओ की टीम ने ज्यादातर झुग्गी झोपडिय़ों में जीवन यापन कर रहे महिला पुरूषों और बच्चों को कपड़े दिये ताकि वे अपने तन ढाप कर आने वाली सर्दी की मार से बच सके। एनजीओं की टीम कुष्टआश्रम के सामने खाली पड़े स्थान पर झुग्गी डाल कर बैठे नाथ समुदाय के परिवारों के बीच भी पहुंची और उन्हें कपड़े दिये। इस मौके पर नाथ समुदाय की महिला ने होप की टीम को कि सरकार को देते सुना था लेकिन ये पहला मौका है कि इस तरह से लोग उनके बीच आये और उन्हें कपड़े दिये लेकिन आज के ज़माने में लोग मांगने पर भी नहीं देते। इसके लिए उन्होंने एनजीओं की पूरी टीम को आशीर्वाद दिया। होप के सदस्य इंद्रजीत सिंह ने बताया कि एनजीओ के सदस्य लोगों से उनके घरों में अच्छी अवस्था में पड़े पुराने व नये कपड़े एकत्रित कर जरूरमंदों को वितरित किये जा रहे है आज से पूर्व दो बार संस्था द्वारा अलग-अलग मुहल्लों में घर-घर जा कर जरूरतमंदों को कपड़े वितरित किये जा चुके है। अब तक करीब पांच सौ जनों को संस्था नये व पुराने कपड़े वितरित कर चुकी है। उन्होंने बताया कि सर्दीयों में जरूरमंद परिवारो को गर्म कपड़ों के साथ-साथ कम्बल भी वितरित किये जायेंगे। उन्होंने इलाके के लोगों से अपील की है कि घर की अलमारियों में बंद पड़े पुराने कपड़े किसी को गर्मी और सर्दी की मार से बचा सकते है। वे अपने पूराने और बेकार पड़े कपड़ों को एनजीओं के कपड़ा बैंक में जमा करवाये। जिससे उनके बेकार पड़े कपड़े किसी की जरूरत पूरी कर सकते है।
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बच्चों ने देखा कैसे एकत्रित होने के बाद बंटते है कपड़े
होप एक उम्मीद की इस मुहिम में एनजीओं के सदस्यो के परिजन भी कायल है और बढ़ चढ़ कर उनका साथ दे रहे है। होप के सदस्य रवि मोंगा के सपुत्र रितीक मोंगा ने आज इस मुहिम की चर्चा सुन कर कपड़े एकत्रित होने से लेकर उनकी पैकिंग इसके बाद बांटे जाने की पूरी प्रक्रिया देखी और स्वयं भी जरूरतमंदों को कपड़े बांटे। इसके बाद मंत्रमुग्ध रितीक ने भी इस एनजीओं के साथ जुड़ते हुए सहयोग करने का इरादा जताया है।


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