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Title: आईएएस अजय कुमार ने एसडीएम डबवाली के तौर कार्यभार संभाला
Author: Young Flame
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#dabwalinews.com उपमंडल को 370 दिन बाद शुक्रवार को स्थाई एसडीएम मिले हैं। आईएएस अजय कुमार ने कार्यभार संभालाते हुए लघु सचिवालय म...
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उपमंडल को 370 दिन बाद शुक्रवार को स्थाई एसडीएम मिले हैं। आईएएस अजय कुमार ने कार्यभार संभालाते हुए लघु सचिवालय में व्यवस्थाएं देखीं। इससे पहले उन्होंने गुरुवार को डीसी कार्यालय में एसडीएम डबवाली के तौर पर ज्वाइन किया। इसके साथ ही शहरवासियों को भ्रष्टाचार रहित प्रशासन और स्वच्छ एवं विकसित शहर की मांगें पूरी होने की उम्मीद बंधी है। उल्लेखनीय है कि 30 नंवबर 2014 को तत्कालीन एसडीएम सतीश कुमार के ट्रांस्फर के बाद कोई स्थाई एसडीएम नहीं रहे हैं।
शुक्रवार को सुबह 10 बजकर 15 मिनट पर नवनियुक्त एसडीएम अजय कुमार कार्यालय में पहुंचे। इससे पहले राेजाना लेटलतीफ पहुंचने वाले कार्यालय के सभी कर्मचारी वहां पहुंच गए लेकिन आमजन कोई नहीं पहुंचा था। इससे एसडीएम ने कार्यालय में बैठक व्यवस्थाएं देखीं और दिनभर में सभी विभागों के मुखियाओं से उपमंडल की स्थिति जानी। साथ ही बतौर प्रशासक नगर परिषद, मार्केट कमेटी, पंचायत समिति सहित प्रशासन के कार्यभार संभाले। इसके साथ ही नायब तहसीलदार डबवाली और गोरीवाला को बैठक लेते हुए आमजन की सुविधाओं के लिए त्रुटिरहित तत्परता से कार्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही कर्मचारियों को ड्यूटी पर पाबंद रहते हुए समय के अनुरूप कार्य पूरे कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। एसडीएम अजय कुमार ने बताया कि सभी विभागों के अधिकारियों कर्मचारियों की सामुहिक बैठक के लिए भी पत्र जारी कर दिया गया है। जिसमें उपमडल में तमाम व्यवस्थाओं को सुचारू बनाते हुए आमजन की सुविधा के काम पूरे किए जाने की कार्ययोजना पूरी की जाएगी।
आईएएस से पहले आईपीएस और आईटी एक्सपर्ट रहे हैं अजय कुमार
नव नियुक्तएसडीएम अजय कुमार आइएएस हैं जबकि इससे पहले हिमाचल में बतौर आईपीएस ट्रेनिंग पूरी कर चुके हैं। उनके पिता भी हिमाचल में पीडब्ल्यूडी में क्लर्क रहे हैं। जिससे उन्हें प्रशासनिक कार्यप्रणाली का बेहतर ज्ञान होने के साथ पिता से कार्ययोजनाओं का अनुभव भी प्राप्त हैं। वर्ष 2012 में ट्रेनी आईपीएस से पहले अजय कुमार आईटी एक्सपर्ट थे और देश की नामी कंपंनियों में काम करते थे। आईटी सैक्टर से होने के कारण एसडीएम अजय कुमार सोशल मीडिया सहित ऑनलाइन सुविधाओं के भी अच्छे जानकार हैं। इससे उपमंडल में विशेषकर दिशा केंद्र में रहने वाले सर्वर की समस्याओं के समाधान को लेकर भी वे गंभीरता से कदम उठाएंगे।
लघु सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में पहुंचे एसडीएम अजय कुमार ने पहले ही दिन अधिकारियों से व्यवस्था सुधारने को लेकर अधिकारियों से विचार-विमर्श किया। विशेषकर तय समय में काम निपटाने के आदेश अधिकारियों को दिए गए। उन्होंने कहा कि आम जनता से जुड़े सभी कामों की सुनवाई तुरंत होनी चाहिए। इसमें किसी तरह की कोताही सहन नहीं की जाएगी। शहर के मुख्य परेशानी अवैध कब्जों और साफ सफाई पर उन्होंने ध्यान देने की बात कही।
सालभर में तीन बार बदले गए उपमंडल के एसडीएम 
एक नवंबर को एसडीएम सतीश कुमार की जगह तत्कालीन नवनियुक्त एसडीएम संजय रॉय ने ज्वाइन किया लेकिन फिर वे डेढ़ माह के अवकाश पर चले गए। जिसके बाद ऐलनाबाद के एसडीएम अाइएएस धीरेंद्र खड़गटा ने कार्यभार ज्वाइन किया। इसके बाद फरवरी में फिर से संजय राय की ट्रांस्फर पर फिर से एसडीएम की पोस्ट खाली हो गई और बाद में रोडवेज के जीएम सुरेश कस्वां को उपमंडल का कार्यभार दिया गया लेकिन दोहरा कार्यभार होने से वे शहरवासियों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाए। जिससे अब एसडीएम सतीश कुमार के ट्रांस्फर के ठीक 370 दिन बाद उपमंडल को नए एसडीएम आइएएस अजय कुमार की ज्वाइनिंग से समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी है।
ये हैं चुनौतियां 
पहले ही दिन सख्ती | कर्मचारियों को ड्यूटी पर पाबंद रहते हुए समय पर काम पूरा कर रिपोर्ट देने के निर्देश 
सफाई व्यवस्था | शहर की सरकार यानी नगर परिषद में चुने हुए जनप्रतिनिधि नहीं होने से एसडीएम ही बतौर प्रशासन नप की व्यवस्थाएं देख रहे हैं। इससे शहर में टूटी सड़कों के निर्माण के साथ सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाना भी चुनौति रहेगा। शहर में कूड़ा उठाने के लिए ऑटो चालक नहीं है जबकि कूड़ा डालने को भी जगह का अभाव है। साथ ही शहर को ठोस कूड़ा निष्पादन मृत पशु डालने के जगह की जरूरत है। साथ ही शहर के अधिकतर पार्कों में नशेड़ियों को खदेड़कर उन्हें हराभरा बनाना होगा। 
अतिक्रमण हटाना | शहर के बाजारों और हाइवे पर अतिक्रमण का मुद्दा पिछले एक साल से शहरवासियों के लिए परेशानी बना हुआ है। इससे पहले दशकों से यह समस्या गंभीर रही थी लेकिन अक्टूबर नवंबर 2014 में शहर में जनसहयोग से जनसमस्याओं के समाधान अभियान के तहत इसका निदान किया गया था। इसी प्रकार शहर में मकानों दुकानों के आगे अवैध निर्माण कर किया गया अतिक्रमण हटाना भी चुनौति रहेगा। साथ ही आवारा पशुओं और रेहड़ियों को बाजार रोड से हटाने का काम पूरा करना होगा।
सुगम यातायात | शहर में बन रहे आरओबी के चलते बाजारों और पीएनबी फाटक पर दिनभर रहने वाले जाम की स्थिति से भी शहरवासी परेशान हैं। इससे उपमंडल अधिकारी को पुलिस नगर परिषद सहित विभागों के कर्मचारियों को पाबंद कर ट्रेफिक व्यवस्था को सुगम बनाना होगा। इसके लिए काॅलोनी रोड को वन वे रखने के साथ साथ बस स्टैँड के पीछे की पार्किंग शुरू करने के अधूरे काम को पूरा करना होगा। साथ ही रेलवे लाइनों के पास बनी टालों और शहर की पशु डेयरियों को आबादी क्षेत्र से बाहर करना होगा।
जनसमस्याओं का समाधान | उपमंडल में पिछले एक साल से एसडीएम के अभाव में अधिकतर समस्याओं को समाधान नहीं हो पाया है। जिसमें कई गांवों में राशन वितरण, 100 गज प्लॉटों का कब्जा, जमीनों के पैमाइश संबंधी मामले, शहर गांवों की खस्ताहाल सड़कों का सुधार और सीएम घोषणा के तहत अस्पताल को 300 बैड का करना गंगा में शिलान्यास किए गए पीएचसी कालुआना तक घग्घर से खरीफ चैनल के निर्माण कार्यों को कराना नवनियुक्त एसडीएम के लिए चुनौतिपूर्ण रहेगा।






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