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Title: आस्ट्रेलिया में छा गया पन्नीवाला मोरिकां
Author: Young Flame
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dabwalinews.com कुछ दिन पहले तक डबवाली उपमंडल  के गांव पन्नीवाला मोरिकां को सिर्फ जिले के लोग ही जानते थे। पंजाब के बॉर्डर से सटे इस गांव ...
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कुछ दिन पहले तक डबवाली उपमंडल  के गांव पन्नीवाला मोरिकां को सिर्फ जिले के लोग ही जानते थे। पंजाब के बॉर्डर से सटे इस गांव में सुविधाओं के नाम पर कुछ ज्यादा नहीं है। टूटे-फूटे रास्ते से होकर गांव जाना पड़ता है मगर अब यह गांव सिरसा से लेकर आस्ट्रेलिया के पर्थ तक छा गया है। यहां के एक छोरे बरिंद्र सरां ने भारतीय क्रिकेट टीम के सहारे इंटरनेशनल क्रिकेट में करियर की शुरुआत कर गांव का नाम रोशन कर दिया है। गांव के बच्चों से लेकर बुजुर्गो तक में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। 
गांव के क्रिकेट प्रेमियों ने मुख्य चौक में बनी सथ (चौपाल) में सुबह बड़ी स्क्रीन लगा दी। थोड़ी ही देर में अनेक बुजुर्ग व युवा वहां इकट्ठे होने शुरू हो गए। मैच शुरू होते ही ग्रामीणों ने एक साथ बैठकर लुत्फ उठाया और गांव के बेटे की उपलब्धि पर खुशियां मनाईं। ग्रामीणों का कहना था कि अब तक तो वो ज्यादा क्रिकेट नहीं देखते थे मगर अब अपने गांव के बेटे को देखने के लिए उनमें खूब उत्साह है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी बरिंद्र अपने गेंदबाजी के बल पर विरोधी टीमों के छक्के छुड़ाएगा और अगली बारी जीत में मुख्य भूमिका निभाएगा।
हर गेंद पर बजाईं तालियां : चौपाल में बैठे ग्रामीणों ने बरिंद्र सरां की हर गेंद पर जमकर तालियां बजाईं। जैसे ही बरिंद्र ग्रामीणों को स्क्रीन पर दिखा तो दर्शकों में बैठे पिता से लेकर हर गांव वासी का सीना चौड़ा हो गया। पहली गेंद फेंकने आए बरिंद्र का ग्रामीणों ने झूमकर स्वागत किया। बुजुर्गो ने स्क्रीन की तरफ ही हाथ कर उसे आशीर्वाद प्रदान किया। जैसे-जैसे बरिंद्र ने बॉलिंग की वैसे-वैसे ग्रामीण तालियां बजाते रहे। जैसे ही बरिंद्र को पहला विकेट मिला, दर्शक दीर्घा एक साथ खड़े होकर जश्न मनाने लगी।बरिंद्र की मां जसप्रीत कौर ने बताया कि बरिंद्र जब छोटा था तो कैंदा सी वो वड्डा होके आकाश च उड़ेगा, तब वो पायलट बनने की बात करता था। मगर आकाश में उड़ने का सपना तो सच हो गया, पायलट तो नहीं बना, मगर अब क्रिकेटर बन गया है। कभी-कभार यह भी कहता था कि फौज में भर्ती होउंगा। जसप्रीत कौर ने कहा कि उनके लिए तां अज नवां दिन चढ़ गया सी। बरिंद्र की बहन रूपिंद्र कौर ने कहा कि उन्हें तो लगता था कि उसका भाई अच्छी क्रिकेट खेलेगा। यहां गांव में जब भी खेलता था तो सभी उसके अच्छा खेलने की जानकारी परिजनों को देते थे। 
भावुक हुए सरा के पिता 
बेटे बरिंद्र ने जैसे ही पर्थ के क्रिकेट मैदान में पहुंचकर भारतीय क्रिकेट टीम की कैप पहनी, तो उसी क्षण गांव पन्नीवाला मोरिकां की चौपाल में ग्रामीणों के साथ स्क्रीन पर मैच देखने बैठे बरिंद्र के पिता बलबीर सिंह भावुक हो गए। उनकी आंखों में खुशी के आंसू निकले, जिन्हें उन्होंने हंसी में छुपा लिया। पिता ने अपने व बेटे के सपने को साकार होता देखा। बेटे को भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, पूर्व क्रिकेटर रवि शास्त्री जैसे दिग्गजों के साथ खड़ा देखकर बलबीर सिंह ने गर्व महसूस किया।


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