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गुरुवार, फ़रवरी 18, 2016

किसानों का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल व धरना तीसरे दिन भी जारी,20 फरवरी से बठिंडा चौक में धरना देकर करेंगे रोड जाम

#dabwalinews.com 
डबवाली-
सफेद मक्खी के कारण बर्बाद हुई नरमा कपास व अन्य खरीफ फसलों का सरकार द्वारा मुआवजा देने में की जा रही देरी को लेकर एसडीएम कार्यालय के बाहर किसानों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल व धरना तीसरे दिन भी जारी रखा। 
राष्ट्रीय किसान संगठन के बैनर तले किए जा रहे इस आंदोलन में काफी संख्या में किसान शामिल हो रहे हैं।  किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। तीसरे दिन वीरवार को जगर सिंह गोरीवाला, प्रेम कुमार गोरीवाला, लछमन दास गोरीवाला, कृष्ण कुमार गोरीवाला, गुरमीत सिंह अलीकां, ओम प्रकाश नंबरदार लखुआना, जसवंत सिंह जोगेवाला, मंगल सिंह जोगेवाला, बुध सिंह अलीकां ने भूख हड़ताल की। इस दौरान पूर्व सांसद आत्मा सिंह गिल, कांग्रेस नेता कुलदीप सिंह गदराना, पूर्व विधायक डा. सीता राम, भारतीय किसान मजदूर संगठन के प्रधान भाला राम भारूखेड़ा, कांग्रेस सेवादल नेता डा. आरके वर्मा ने भी धरने पर पहुंचकर किसानों की मांगों का समर्थन किया। 
इस अवसर पर संबोधन के दौरान राष्ट्रीय संगठन के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जसवीर सिंह भाटी ने कहा कि सफेद मक्खी से खराब हुई फसलों का मुआवजा 6 महीने बाद भी सरकार ने नहीं दिया है जिस कारण उन्हें भूख हड़ताल व धरने को मजबूर होना पड़ा है। धरने में किसानों की तादाद बढ़ती जा रही है मगर सरकार के कानों पर अभी तक इसका कोई असर नहीं हुआ है। सरकार अब तक टालमटोल की नीति अपनाए हुए है। किसानों की आर्थिक हालत खराब हो चुकी है और वे बर्बादी के कगार पर पहुंच चुके हैं। एक तरफ सरकार किसान हितैषी होने का दम भरती है और दूसरी तरफ बर्बाद फसल के मुआवजे के लिए भी किसानों को आंदोलन करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री व अन्य मंत्रियों के बदलते बयानों से लगता है कि सरकार किसानों को मुआवजा देना ही नहीं चाहती। इसे देखते हुए किसानों ने फैंसला लिया है कि आगामी 20 फरवरी से एसडीएम कार्यालय की बजाए शहर के बठिंडा चौक में धरना देकर रोड जाम किया जाएगा। इसके साथ किसानों की भूख हड़ताल भी जारी रहेगी।  
उन्होंने राष्ट्रीय किसान संगठन व अन्य किसान मजदूर यूनियनों की ओर से मांग उठाई कि किसानों को गिरदावरी के अनुसार 30 हजार प्रति एकड़ मुआवजा जल्द दिया जाए। डा. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू की जाए व सभी बैंकों के कर्ज माफ किए जाएं। किसानों व मजदूरों के बिजली बिल माफ किए जाए व मनरेगा को खेती के साथ जोड़ा जाए। खेती किसानी का बजट अलग से बनाया जाए। 
इस मौके पर मलकीत सिंह खालसा, रणजीत सिंह मान, परमजीत सिंह माखा, दरबारा सिंह शेरगढ़, मलकीत सिह सूच, बलराम जाखड़, अमरजीत सिंह पन्नीवाला, मक्खन सिंह पन्नीवाला, अजय बिश्रोई सक्ताखेड़ा, सतकरतार डबवाली व अन्य किसान भारी संख्या में उपस्थित थे। 

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