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मंगलवार, फ़रवरी 16, 2016

सरकार की वायदाखिलाफी, किसान मजबूरन अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल व धरने पर

#dabwalinews.com
डबवाली  
सफेद मक्खी व पीले रतुए के कारण बर्बाद हुई नरमा कपास व अन्य खरीफ फसलों का 6 माह बाद भी सरकार द्वारा मुआवजा नहीं दिए जाने के रोषस्वरूप मंगलवार को एसडीएम कार्यालय के बाहर किसानों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल व धरना शुरू कर दिया। राष्ट्रीय किसान संगठन के बैनर तले किए जा रहे इस आंदोलन में आसपास के गांवों से भारी संख्या में किसान पहुंचे व सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। पहले दिन गांव पन्नीवाला से किसान मलकीत सिंह खालसा के नेतृत्व में गांव देसूजोधा के किसान कुलदीप सिंह चेयरमैन, निर्मल सिंह खालसा,  गुरमीत सिंह, मटदादू से गुरमेल सिंह, अलीकां से गुरमीत सिंह ने भूख हड़ताल की। 
इस अवसर पर संबोधन के दौरान राष्ट्रीय संगठन के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जसवीर सिंह भाटी ने कहा कि सफेद मक्खी व पीले रतुए के कारण खराब हुई फसलों का मुआवजा पाने के लिए किसान पिछले 6 महीने से आंदोलन कर रहे हैं लेकिन सरकार अब तक टालमटोल की नीति अपनाए हुए है। किसानों की आर्थिक हालत खराब हो चुकी है और वे बर्बादी के कगार पर पहुंच चुके हैं। एक तरफ सरकार किसान हितैषी होने का दम भरती है और दूसरी तरफ बर्बाद फसल के मुआवजे के लिए भी किसानों को आंदोलन करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री व अन्य मंत्रियों के बदलते बयानों से लगता है कि सरकार किसानों को मुआवजा देना ही नहीं चाहती। इस दौरान डा. केवी सिंह ने भी पहुंचकर किसानों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को मुआवजा न देकर उनके साथ वायदा खिलाफी एवं अन्याय कर रही है। बाद में किसान प्रतिनिधियों ने एसडीएम अजय कुमार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें राष्ट्रीय किसान संगठन व अन्य किसान मजदूर यूनियनों की ओर से मांग उठाई कि किसानों को गिरदावरी के अनुसार 30 हजार प्रति एकड़ मुआवजा जल्द दिया जाए। डा. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू की जाए व सभी बैंकों के कर्ज माफ किए जाएं। किसानों व मजदूरों के बिजली बिल माफ किए जाए व मनरेगा को खेती के साथ जोड़ा जाए। खेती किसानी का बजट अलग से बनाया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार किसानों की मांगे मान नहीं लेती तब तक अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल व धरना जारी रहेगा। एक सप्ताह बाद आंदोलन को तेज कर दिया जाएगा। इस मौके पर कुलदीप सिंह गदराना, दरबारा सिंह, लीला धर शेरगढ़, का. ओम प्रकाश, लीलाधर बलिहारा, परमजीत सिंह माखा, मास्टर हरिंद्र सिंह, अमरजीत सिंह पन्नीवाला व हल्का डबवाली के 60 गांवों के किसानों ने उपस्थिति दर्ज करवाई।  

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