Young Flame Young Flame Author
Title: डेढ़ साल से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को ऑन कराने के लिए 7वें एसडीएम से शहरवासियों की उम्मीद
Author: Young Flame
Rating 5 of 5 Des:
  आशा |7वेंएसडीएम और प्रशासक के हाथ में कमान, दिसंबर 2014 से खराब चल रही लाइटें, कान्ट्रेक्ट भी नहीं हुआ रिन्यू  #dabwalinews.c...


 
आशा |7वेंएसडीएम और प्रशासक के हाथ में कमान, दिसंबर 2014 से खराब चल रही लाइटें, कान्ट्रेक्ट भी नहीं हुआ रिन्यू 
#dabwalinews.com
शहर में नगर परिषद क्षेत्र में हाईवे पर लगी स्ट्रीट लाइटें डेढ़ साल से बंद हैं लेकिन उपमंडल में 5 एसडीएम और इतने ही नगर परिषद प्रशासक बदल जाने के बावजूद इन्हें कोई दुरुस्त नहीं करा पाया। जबकि बिजली निगम नगर परिषद को लाखों रुपये के बिजली बिल भेज रहा है। हालांकि आर्थिक तंगी झेल रही नगर परिषद ने 4 माह से बिलों का भुगतान नहीं किया है। इससे अब 7वें एसडीएम और प्रशासक से लाइटें ऑन होने की उम्मीद भी है।
शहर में गोल चौक से चौटाला हाईवे पर सचिवालय परिसर तक स्ट्रीट लाइटें लगी हुई हैं जबकि सिरसा रोड पर बिजलीघर के आगे तक स्ट्रीट लाइटें थीं। लेकिन पिछले डेढ़ साल में नगर परिषद के पास इलेक्ट्रिशियन होने से इन्हें दुरुस्त नहीं किया गया। रात को शहर में स्ट्रीट लाइटें होने पर भी हाईवे पर चारों ओर अंधेरा छाया रहता है। पिछले डेढ़ साल से चल रही इस परेशानी से उपमंडल में आने वाले हर एसडीएम को नगर परिषद में बतौर प्रशासक चार्ज संभालने पर समस्याओं की फाइल में यह समस्या जरूर मिलती है। लेकिन 7वें प्रशासक के आने पर भी यह परेशानी कायम है। नगर परिषद को स्ट्रीट लाइटों की मेंटिनेंस और रिपेयरिंग के लिए कॉन्ट्रेक्ट पर या परमानेंट इलेक्ट्रिशियन टीम की जरूरत है।
बिजली का बिल भी बढ़ रहा 
भले ही शहर में हाईवे पर स्ट्रीट लाइटें महीनों से बंद हो लेकिन इनका बिल लगातार रहा है। सिरसा रोड पर 61-61 हजार रुपये के दो बिल जबकि चाैटाला हाईवे पर कुल 2 लाख 45 हजार रुपये से अधिक का बिजली बिल आए हुए हैं लेकिन आर्थिक तंगी के चलते नगर परिषद ने भुगतान नहीं किया। इससे अब लाइटों के बिजली कनेक्शन भी कट होने की स्थिति बनी हुई है। लेकिन बंद लाइटों के बिल मिलने से बिजली निगम भी मूक दर्शक बना हुआ है। हालांकि इससे पहले के बिल निगम को जमा करा दिए गए। इससे चंद स्ट्रीट लाइटें जलने पर ही लाखों रुपये का भेजा गया बिल भर दिया गया।
समस्या का समाधान किया जाएगा 
हाइवे पर स्ट्रीट लाइटें बंद होने का पता चला है। इसकी रिपोर्ट ली जाएगी और उचित समाधान किया जाएगा। प्रतिदिन शहर में सुधार नजर आएगा। शहरवासियों के लिए नगर परिषद सदस्यों आमजन के सुझाव पर काम होगा। प्रशांतअटकान, कार्यकारी एसडीएम।
रेगुलर इलेक्ट्रिशियन टीम की जरूरत 
एमई जयवीर डूडी बिल्डिंग इंस्पेक्टर सुमित ढांडा ने बताया कि स्ट्रीट लाइटें ऑन रखने के लिए नगर परिषद को इलेक्ट्रिशियन टीम की जरूरत है लेकिन इनका कॉन्ट्रेक्ट डेढ़ साल से अनुमति के इंतजार में अटका हुआ है। इससे बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें सुचारू नहीं हो रही हैं। बीच में एक दो बार इन्हें रिपेयर कराया गया लेकिन रेगुलेटर मिस्त्री की जरूरत है।
प्रतिक्रियाएँ:

About Author

Advertisement

एक टिप्पणी भेजें

 
Top