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Title: सीएम ने किसानों की मांगें अनसुनी कीं तो आया गुस्सा, तहसील परिसर में पुतला फूंका
Author: Young Flame
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16 दिनों से चल रहा धरना समाप्त कर गांवों में जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया  #dabwalinews.com सीएम मनोहर लाल खट्टर द्वारा...


16 दिनों से चल रहा धरना समाप्त कर गांवों में जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया 
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सीएम मनोहर लाल खट्टर द्वारा कालांवाली में किसान प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के बाद उनकी सुनवाई किए जाने से किसानों का रोष तीव्र हो गया है। शुक्रवार को गुस्साए किसानों ने तहसील कॉम्पलेक्स के बाहर सीएम का पुतला फूंका सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष जताया। साथ ही पिछले 16 दिनों से चल रहे धरने का समाप्त कर गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर किसानों को सरकार की किसान विरोधी नीतियों बारे जानकारी देने का निर्णय लिया।
किसान यूनियनों की बैठक शुक्रवार को डबवाली के तहसील कार्यालय प्रांगण में हुई। इसमें वीरवार को कालांवाली आए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर किसान प्रतिनिधि मंडल के साथ बदसलूकी करने के आरोप लगाते हुए इसकी निंदा की मुख्यमंत्री का पुतला फूंककर रोष जताया। अपने संबोधन में राष्ट्रीय किसान संगठन के प्रदेशाध्यक्ष जसवीर सिंह भाटी ने बताया कि वीरवार को जिस समय कालांवाली में मुख्यमंत्री की रैली थी उसी समय किसान सभा में फसल बीमा योजना के खिलाफ रोष प्रकट करने के लिए गांवों से हजारों किसान वहां पहुंचे हुए थे।
किसानों ने बैंकों द्वारा जबरदस्ती बीमा राशि काटने स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू नहीं करने बारे नाराजगी जताई। इस पर प्रशासन ने किसानों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मिलवाया। इसमें जसवीर सिंह भाटी के साथ विकल पचार, गुरदास सिंह, प्रकाश ममेरा जसवंत सिंह पटवारी थे। जब किसानों ने मुख्यमंत्री से पूछा कि बीमा राशि किसानों के क्रेडिट खातों में से क्यों काटी जा रही है तो मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि जिन किसानों ने बैंकों से लोन ले रखा है उनकी जमीन चाहे खाली ही क्यों हो उसका भी बीमा काटा जाएगा। जसवीर सिंह भाटी अन्य किसान प्रतिनिधियों के मुताबिक सीएम ने कहा किसान महंगे कपड़े भी तो पहनते हैं, खातों से बीमा राशि काटने पर उन्हें फर्क नहीं पड़ता।
जसवीर सिंह भाटी ने कहा कि किसानों ने शांतिपूर्ण आंदोलन करते हुए सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाई है। किसानों के प्रतिनिधिमंडल को सीएम से ऐसे जवाब की अपेक्षा नहीं थी। उन्होंने कहा कि अब किसान प्रतिनिधि गांव-गांव जाकर किसानों को सरकार की ऐसी नीतियों के खिलाफ जागरूक लामबंद करेंगे। बैठक में धरना समाप्त करने का भी फैंसला लिया। इस मौके पर विकल पचार, प्रकाश सिहाग, दलीप कस्वां, मलकीत सिंह खालसा, बलबीर नंबरदार, देवेंद्र भोभिया, वकील सिंह, ओम प्रकाश, तोता सिंह, परमजीत माखा, ओम प्रकाश पाटलिया, जगसीर सिंह, लीलाधर, लाभ सिंह, देवेंद्र धर्मवीर, कृष्ण दास, जयदयाल नंबरदार काफी संख्या में किसान मौजूद थे।
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