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Title: जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह को बादल सरकार का नुमाइंदा बताकर फेंके टमाटर और की नारेबाजी , चार घायल, मौके पर पहुंचा पुलिस बल
Author: Young Flame
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झड़प में घायल चारों लोग पंजाब के, विरोध करवाने वाले का नहीं अभी सुराग  #dabwalinews.com गांव दादू के गुरुद्वारा में संत बाबा गुर...
झड़प में घायल चारों लोग पंजाब के, विरोध करवाने वाले का नहीं अभी सुराग 
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गांव दादू के गुरुद्वारा में संत बाबा गुरदेव सिंह की 19वीं बरसी पर हुए बवाल की पटकथा विरोधी गुट ने दो दिन पहले ही तैयार कर रखी थी। गुरुद्वारा में अमृतसर से आए जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह का विरोध होते ही सिख समाज के लोगों ने कुछ प्रदर्शनकारियों को वहीं पर दबोच लिया और उनकी लाठी, डंडों से पिटाई शुरू कर दी।
गुरुद्वारा में अचानक हुए बवाल के चलते सिख संगत में हड़कंप मच गया। सिख समाज के दो गुटों में हुई झड़प के चलते चार लोग बुरी तरह घायल हो गए। उसके बाद कालांवाली पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। भारी पुलिस बल मौके पर बुलाया गया। तब जाकर माहौल कुछ शांत हुआ।
सिख समाज के लोगों द्वारा पीटे गए चारों ही लोग पंजाब से आए हुए थे। इससे अंदाजा लगता है कि योजना पूर्वक विरोध सुनिश्चित किया गया होगा। लाठी डंडों की चपेट में आए चारों घायलों की पहचान परमजीत सिंह निवासी जीरा फिरोजपुर, गुरमेल सिंह कोटशमीर, गुरमुख सिंह और गुरदयाल सिंह निवासी कोट शमीर पंजाब के रहने वाले हैं। उन्हें यहां किसने भेजा और विरोध किस वजह से किया गया। यह अभी साफ नहीं हो पाया है। बाकी पुलिस ने कुछ लोगों की पहचान भी की है। पुलिस को देखकर बाकी प्रदर्शनकारी भागने में कामयाब हो गए।
जत्थेदार को बादल सरकार का नुमाइंदा बताकर फेंके टमाटर और की नारेबाजी 
संत बाबा गुरदेव सिंह की 19 बरसी पर अमृतसर से पहुंचे जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह का विरोधी गुट ने विरोध करते हुए उन्हें बादल सरकार का एजेंट करार दिया। उनके जत्थेदार के पद को मानने से इंकार करते हुए उनकी गाड़ियों के काफिले पर टमाटर फेंके गए। काले झंडे दिखाए गए। उसके बाद गुरू द्वारा में पहुंचने पर उनका विरोध किया गया। इस घटना से रोषित सिख समाज ने प्रदर्शनकारियों पर हमला बोल दिया। समागम के अंतिम दिन हुई इस घटना ने सिख समाज में रोष पैदा कर दिया। किसी तरह सुख शांति से समागम पूरा करवाने के लिए भारी पुलिस सुरक्षा गुरू द्वारा के आसपास लगाई गई। पुलिस सुरक्षा के दौरान भोग डाला गया।
पहले से तैनात पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की योजना को नहीं होने दिया सफल 
कालांवाली में आयोजित तीन दिवसीय समागम में पंजाब क्षेत्र से भारी संख्या में संगत शिरकत कर रही है
बाबा की बरसी पर आयोजित किए गए तीन दिवसीय समागम में कालांवाली और पंजाब क्षेत्र से भारी संख्या में संगत शिरकत कर रही थी। इसलिए कालांवाली थाना प्रभारी ने सुरक्षा की दृष्टि से पहले ही वहां पर पुलिस तैनात कर रखी थी। जैसे ही सिख समाज के दो गुट आपस में भिड़े। पुलिस ने मौके पर ही मोर्चा संभालते हुए। मामले को तूल पकड़ने से रोका। भारी पुलिस सुरक्षा पहुंचने के कारण दोनों पक्ष आपस में टकराने से बच गए। वरना वहां पर बड़ा खून खराबा होने की संभावना थी। गुरुद्वारा में बवाल होने की सूचना मिलते ही डबवाली, बड़ागुढ़ा, रानियां सिरसा से पुलिस की टीमें मौके पर पहुंची और गांव में तैनात की गई। पुलिस देर शाम तक गांव में तैनात रही।
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