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Title: मंजूरी के बावजूद मनरेगा काम नहीं होने दिया तो कालुआना पंचायत ने दिया धरना, भाजपा नेता गांव के विकास को सहन नहीं कर पा रहे
Author: Young Flame
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बीडीपीओ कार्यालय के बाहर मंगलवार को राष्ट्रपति अवार्डी कालुआना पंचायत ने महिला सरपंच के नेतृत्व में धरना देकर मनरेगा कार्य शुरू कराने की ...

बीडीपीओ कार्यालय के बाहर मंगलवार को राष्ट्रपति अवार्डी कालुआना पंचायत ने महिला सरपंच के नेतृत्व में धरना देकर मनरेगा कार्य शुरू कराने की मांग की। पंचायत के धरना देने पर बीडीपीओ ने मामले की जांच करवाई तो पता चला कि महीना पहले प्रस्तावित मनरेगा कार्य की मंजूरी के बावजूद एक भाजपा नेता के निर्देश पर एबीपीआे ने मामले को दबा लिया और मस्टररोल तक छुपा लिया। पंचायत सदस्यों को जब यह जानकारी मिली तो ग्रामीणों ने भाजपा नेता के दबाव में अवैध काम कर रहे एबीपीओ को बर्खास्त करने की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया और काम का बहिष्कार किया।
बीडीपीओ कार्यालय के बाहर मंगलवार को गांव कालुआना की सरपंच गीता देवी सहारण के नेतृत्व में सैकड़ों मनरेगा कर्मचारी पंचायत सदस्य पहुंचे। जहां लोगों ने धरना देकर बीडीपीओ के खिलाफ रोष जाहिर किया। ग्रामीणों ने कहा कि डेढ़ माह से उनके गांव में मनरेगा काम नहीं हुआ है जबकि कालुआना पंचायत पिछले 10 सालों में इस योजना के तहत सबसे ज्यादा कार्य करने का रिकॉर्ड कायम कर चुकी है।
पंचायत सदस्यों ने बताया कि गांव में जलघर की डिग्गी सफाई के लिए मई मनरेगा कार्य चलाए जाने का प्रस्ताव भेजा गया था और तत्कालीन बीडीपीओ बलराज सिंह ने कार्य की जरूरत को समझते हुए 306 लोगों के लिए काम की मंजूरी के लिए प्रस्ताव आगे बढ़ाया था। लेकिन इसके बाद डेढ़ माह से एबीपीआे विजय कुमार कालुआना पंचायत को काम शुरू करने के लिए मस्टररोल जारी नहीं कर रहे। इससे पिछले डेढ़ माह से चक्कर काट रही सरपंच अौर मनरेगा मजदूरों गांव में सोमवार को बैठक कर धरना देने का फैसला लिया।
धरनारत लोगों ने बीडीपीओ कार्यालय में एक भाजपा नेता के दबाव में अवैध काम करने और पंचायतों के विकास में बाधा पैदा करने के आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की और रोष जताया। ग्रामीणों के विरोध के चलते बीडीपीओ वेदपाल ने एबीपीओ विजय कुमार को धरनारत लोगों से बातचीत के लिए भेजा। एबीपीओ विजय कुमार ने ग्रामीणों को बताया कि उनके काम की मंजूरी चुकी है आैर काम शुरू कर दें लेकिन ग्रामीणों ने एबीपीओ के ऑफिस में जाकर देखा की काम की मंजूरी 26 जून को मिल चुकी है लेकिन पंचायत को देने की बजाय एबीपीओ ने मस्टररोल दबा कर रखे हुए है। एबीपीओ की इस हरकत का पता चलने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
पंचायत ग्रामीणों ने एबीपीओ को बर्खास्त नहीं किए जाने तक मनरेगा कार्य करने का बहिष्कार कर दिया और इसकी उच्चाधिकारियों तक शिकायत करने की बात कही। बाद में बीडीपीओ वेदपाल धरने पर पहुंचे और धरनारत लोगों के सामने एबीपीओ को 3 दिन का नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। उन्होंने दोष के आधार पर कड़ी कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजने का वादा भी किया। इससे ग्रामीणों ने चेतावनी के साथ धरना समाप्त किया।
भाजपा नेता के दबाव में मस्टररोल नहीं दबाए
मैंन हीं जानता कि भाजपा नेता देव कुमार शर्मा कौन है और उनका ग्रामीणों के साथ क्या बात है। मै ही किसी भाजपा नेता के दबाव में हूं। मैने मस्टररोल दबाव में नहीं दबाया है। बल्कि सरपंच ने ज्यादा लोगों का काम पास करने की मांग की थी। इसलिए अनुमति के बाद भी इसे रोक लिया। 
विजयकुमार, एबीपीओ, डबवाली
भाजपा नेता गांव के विकास को सहन नहीं कर पा रहे
हमने डेढ़ माह पहले प्रस्ताव भेजा, जलघर में तीन डिग्गी दो माह से सफाई के लिए खाली पड़ी है। लोग परेशान हो गए काम मिल रहा और पानी। भाजपा नेता देव कुमार गांव के विकास को सहन नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए उनकी तरफ से ग्रामीणों को जानबूझ कर परेशान किया जा रहा है। वे अपना नाम भी नहीं आने देना चाहते और गांव का विकास भी नहीं होने देना चाहते। ग्रामीण उनकी सब चाल समझते हैं और कोई राजनीति सहन नहीं करेंगे। गीतासहारण, सरपंच, कालुआना 


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