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Title: ढाई साल के बाद नगर परिषद से प्रशासक हटा, जनप्रतिनिधि ने संभाली शहर की सत्ता
Author: Young Flame
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समस्याएं ज्यादा, बजट कम, विकास करवाना चेयरपर्सन के लिए चुनौती   #dabwalinews.com शहर की सत्ता में करीब ढाई साल के बाद प्रशास...

समस्याएं ज्यादा, बजट कम, विकास करवाना चेयरपर्सन के लिए चुनौती

 
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शहर की सत्ता में करीब ढाई साल के बाद प्रशासनिक राज की जगह जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि ने सत्ता संभाली है। चेयरपर्सन के नेतृत्व में नए बने कांग्रेस समर्थित हाउस के लिए शहरवासियों की उम्मीदों पर खरा उतरने की कड़ी चुनौती है। कारण है बजट का कम होना, समस्याएं अधिक हैं और दूसरी ओर सत्ता में भाजपा का होना।
मंगलवार नगर परिषद बनने के बाद पहली चेयरपर्सन के तौर पर महिला सुमन जोइया वाइस चेयरमैन कृष्ण बोबी ने पदभार ग्रहण किया। संयोग से महिला प्रशासक कम एसडीएम संगीता तेत्रवाल ने पहली महिला को कार्यभार ग्रहण कराया। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2014 में 23 मार्च को नगर पालिका के हाउस की टर्म पूरी होने से प्रशासक ने कार्यभार संभाला था। इसके बाद नगर पालिका नई वोट संख्या के आधार पर वार्डों की संख्या 19 से 21 होने पर नगर परिषद का दर्जा मिल गया। इसके बाद 2 साल तक नप के चुनाव अटके रहे। बीते मई माह 22 तारीख को चुनाव में जनप्रतिनिधि मिले जबकि जून में पार्षदों को शपथ दिलाई गई। इसके बाद बीती 21 जुलाई को कांटेदार चुनाव में कांग्रेस समर्थित चेयरपर्सन  सुमन वाइस चेयरमैन कृष्ण बॉबी चुने गए थे। इससे नोटिफिकेशन के बाद अब नप चेयरपर्सन  ने कार्यभार संभाल लिया है।
चेयरपर्सन जिम्मेदारी को समझें और गरिमा कायम रखें, प्रशासन पूरा सहयोग करेगा: एसडीएम 
नगर परिषद में मंगलवार को नवनिर्वाचित चेयरमैन सुमन जोइया को एसडीएम डा. संगीता तेत्रवाल ने कहा कि प्रशासन की ओर से उन्हें पूरा स्पोर्ट किया जाएगा। शहर में लोगों की जरूरतों को समझते हुए कार्यों को आगे बढ़ाएं। जिस पद पर बने हैं उसकी महत्ता को समझें और हमेशा गरिमा को बनाए रखें। चुने गए लोगों के लिए शहर का विकास प्रमुखता रहे। जो भी नप को फंड मिलेगा उसे उचित प्रक्रिया के तहत ईमानदारी से खर्च करें। इसके अलावा उन्होंने शहरवासियों से भी सहयोग की अपील की और कहा कि अगर शहर में कोई भी मेंटनेंस का कार्य करें तो नप से परमिशन लेकर करें ताकि नप को कुछ राजस्व प्राप्त हो। पूर्व सीएम के ओएसडी रहे डॉ. केवी सिंह ने कहा कि जनता के फैसले से ही यह संभव हुआ है भले ही सत्ता में भाजपा सरकार है लेकिन जनहितैषी कार्यों के लिए पूरे प्रयास से काम किया जाएगा। इस मौके पर नायब तहसीलदार कम कार्यकारी सचिव जगदीश चंद्र, कांग्रेस नेता जग्गा सिंह बराड़, मदन लाल भांभू, पवन, विनोद बंसल अन्य मौजूद थे।
करना इन चुनौतियों का होगा सामना 
नप की पहली महिला चेयरमैन को शहर में 2 सालों से अटके कामों को पूरा कराते हुए शहरवासियों की उम्मीदों पर खरा उतरने की चुनौतियों को सामना करना होगा। इसमें कांग्रेस समर्थित हाउस होने से भाजपा सरकार में बड़े कार्य करवा पाना मुश्किल होगा जबकि शहर में वर्तमान में कोई ऐसी गली नहीं है जो टूटी हो। इसके अलावा शहर में सफाई व्यवस्था बनाने की चुनौती रहेगी जबकि भ्रष्टाचार के मामलों में चल रही कार्रवाई से रिपेयरिंग नवनिर्माण में बाधाएं आएगी। वहीं शहरवासियों की सुुविधा के लिए रोजमर्रा के होने वाले काम कराने में नप में कर्मचारियों अधिकारियों की अधिकतर पोस्टें खाली होने से समस्या से उभरना मुश्किल होगा। उल्लेखनीय है कि नप में ईओ, सचिव, एमई जेई की पोस्टें खाली हैं जबकि क्लर्क सफाई कर्मचारी भी आधे ही हैं।
पार्षद बोले, शहर में सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़े 
पार्षदों ने एसडीएम से नगर परिषद में सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने स्थायी तौर पर जेई एमई की नियुक्ति करवाने की मांग भी की। नवनियुक्त चेयरमैन वाइस चेयरमैन हुए कहा कि ने कहा कि नप के पास सफाई कर्मचारियों की कमी है पर देखना यह है कि नप के पास फंड कितना है ताकि उसी हिसाब से इनकम बढ़ाकर ही नए सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने सभी शहरवासियों से अपने-अपने क्षेत्र में सफाई रखने प्रशासन का सहयोग करने की अपीलकी और कहा कि वह शहरवासियों की समस्या के समाधान के लिए हर समय उपलब्ध रहेंगी। 
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