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Title: 45 साल बाद पंजाब में बड़े पैमाने पर खाली कराए जा रहे गांव, 8 लाख लोग हटाए गए, PAK के गांवों में ब्लैकआउट
Author: Young Flame
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#dabwalinews.com   पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पंजाब में 1971 की जंग के बाद सबसे ज्यादा खराब हालात बन गए हैं। छह सरहदी जिलों से ...
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 पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पंजाब में 1971 की जंग के बाद सबसे ज्यादा खराब हालात बन गए हैं। छह सरहदी जिलों से लोगों का निकलना जारी है। 1000 से ज्यादा गांवों के कुल 8.66 लाख लोगों ने नए ठिकाने तलाश लिए हैं। ऐसा 1965 और 1971 की जंग में पंजाब के पाक सीमा से सटे इलाकों में हुए नुकसान को देखते हुए किया गया है। राहत कैम्प बनाए जा रहे हैं। उधर, अमृतसर में गांववालों ने सेना के साथ बंकर में रात गुजारी। 
बॉर्डर पर ब्लैकआउट, पाकिस्तान के गांवों में नहीं जली बिजली...
- खबर है कि पाकिस्तान आर्मी की 5 बटालियन एलओसी की ओर मूव कर रही हैं। जवानों की छुट्टियां कैंसल कर दी गई हैं।
- बॉर्डर पर ब्लैकआउट है। पाकिस्तान के सभी गांवों में रात को बिजली नहीं रहती। बॉर्डर पर फेंसिंग की मरम्मत का काम भी रोक दिया गया है।
- सीमा के दोनों तरफ तनाव बढ़ता ही जा रहा है। दोनों ओर 10 किमी के दायरे में रहने वाले लोग अपना घर छोड़ रहे हैं।
- बता दें कि अमृतसर जिले के 'चक अल्लाह बख्श गांव' में लोगों ने सेना के साथ बंकर में रात गुजारी। अब तक सीमा से सटे पंजाब के एक हजार गांव खाली हो चुके हैं।
- नाजुक हालात को देखते हुए फिरोजपुर, फाजिल्का, तरनतारण, पठानकोट व गुरदासपुर में रिलीफ कैम्पों का जायजा लेने के लिए सीनियर अफसरों की टीमें पहुंच गई हैं।
- खबरें आ रही हैं कि रात के वक्त गांवों में कुछ बुजुर्ग और युवा चोरी की आशंका के चलते पहरा दे रहे हैं।
- वैसे तो लोग जरूरी सामान साथ ले गए हैं, लेकिन पशुओं की देख-रेख के लिए गांव अब भी अपने गांव आ-जा रहे हैं।
सेना के आने की खुशी; लेकिन 24 गांव अड़े, लड़ेंगे-मरेंगे पर अपनी मिट्‌टी नहीं छोड़ेंगे
- पंजाब में बॉर्डर पर 987 गांवों को खाली कराने का ऑर्डर था। लेकिन फिरोजपुर सेक्टर में ममदोट बॉर्डर के कुछ गांव ऐसे हैं, जहां लोग घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं।
- इसी तरह, बटाला और गुरदासपुर के कुछ गांवों के लोग भी अड़े हुए हैं। अमृतसर, पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारण, फिरोजपुर, फाजिल्का में ऐसे 24 से ज्यादा गांव हैं।
- ममदोट सेक्टर में फेंसिंग से सटे गांव चक्क दोना रहीमे के और गट्टी मस्ता में शुक्रवार को किसी के चेहरे पर जंग का खौफ नहीं दिखा।
- महिलाएं बॉर्डर पर कंटीली तार के पास खेती करती नजर आईं। वहीं, कुछ बुजुर्ग गांव में ताश खेलते दिखे।
- सेना के अलावा, 1500 पुलिस जवान भी सिक्युरिटी के लिए तैनात किए गए हैं। 267 स्कूलों पर ताले लग गए हैं।
- किसी को बॉर्डर एरिया में आने की इजाजत नहीं है। जगह-जगह नाकेबंदी की गई है।
-सरकारी व्यवस्था के अलावा तीन दर्जन गुरुद्वारों में दिन-रात लंगर चल रहा है। यहां बनाए गए हर एक मेडिकल कैम्प में एक एम्बुलेंस तैनात किया गया है।
सौ गांवों में कर्फ्यू जैसे हालात; दहशत में लोग, पर नहीं खाली करेंगे गांव
- उधर, राजस्थान के बाड़मेर से सटे 227 किमी. के बॉर्डर इलाके के 100 से अधिक गांवों में धारा 144 लागू करने के बाद रात के समय कर्फ्यू जैसे हालात हैं। 
- यहां कई गांव तारबंदी से महज 50 मीटर दूर हैं। यहां के लोग गांव छोड़ने को तैयार नहीं हैं। हालांकि, आर्मी और सेना इलाके की सिक्युरिटी में मुस्तैद है।
- शुक्रवार को थार एक्सप्रेस से पाकिस्तान जा रहे कुछ पाकिस्तानी यात्रियों ने भास्कर से बातचीत में आतंकियों पर कार्रवाई को जायज ठहराया है।
PAK से किस राज्य की कितनी सीमा?
3323 km - लंबा टोटल भारत- पाकिस्तान बॉर्डर
1225 km - जम्मू-कश्मीर-पाक बॉर्डर (LoC शामिल)
1037 km - राजस्थान-पाक बॉर्डर 
553 km - पंजाब-पाक बॉर्डर
508 km - गुजरात-पाक बॉर्डर
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