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Title: पार्षदों ने नगर परिषद पर जड़ा ताला, प्रशासन व सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
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डबवाली । नगर परिषद के मुख्य गेट पर मंगलवार को तालाबंदी कर नगर पार्षदों  ने सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्षा सुमन जोइया, पूर्व प्रधान एवं पार्षद टेक चंद छाबड़ा, विनोद बांसल, रमेश बागड़ी, रविन्द्र बबलू, युद्धवीर रंगीला, रविन्द्र बिंदू, अंजु बाला, रेखा शर्मा, मधु बागड़ी, पवन बांसल सहित अन्य पार्षद मौजूद थे। पार्षद विनोद बांसल ने कहा कि जब से भाजपा सरकार अस्तित्व में आई है तब से लेकर अब तक डबवाली शहर के विकास मामले में भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार परिषद को तकनीकी अधिकारी मुहैया नहीं करवा पा रही जिसके कारण शहर के काम नही हो पा रहे हैं। बांसल ने बताया कि सात पर आम बैठकों का आयोजन किया जा चुका है लेकिन किसी भी बैठक को एसडीएम द्वारा स्वीकृति प्रधान नहीं की गई जिसके कारण छोटे-मोट कार्य भी  नहीं हो पा रहे। उन्होंने कहा कि एसडीएम द्वारा जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ भानी राम को बतौर एमई नियुक्त किया था लेकिन उन्होंने एक बार ज्वाईनिंग करने के बाद नगर परिषद में आना जरूरी नहीं समझा। उन्होंने कहा कि अंडर ओवर ब्रिज व अनाज मंडी रोड का कार्य बिना स्थाई तकनीकी अधिकारी के हो पाना संभव नहीं है जिसके चलते यह दोनों मुख्य काम सिरे नहीं चढ़ रहे। इसके अतिरिक्त शहर की स्ट्रीट लाईट सहित बंदरों को पकडऩे व मृत पशु उठाने के ठेके तक नही हो पा रहे। उन्होंने कहा कि काम न हो पाने की वजह से पार्षदों को आमजन के प्र्रति जवाबदेह होना मुश्किल हो गया है। वहीं पूर्व प्रधान टेक चंद छाबड़ा ने कहा कि भाजपा के नेता नगर परिषद का सहयोग नहीं कर रहे हंै और मंत्रियों और उच्चाधिकारियाों से मिलने की बात कही जाती है। रमेश बागड़ी ने कहा कि 5 से 10 लाख रूपये की लागत से होने वाले कार्य को एमई स्वयं मंजूर कर सकता है लेकिन एमई नगर परिषद में अपनी डयूटी ज्वाईन नहीं कर रहे जिसके कारण आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पार्षदों ने सरकार व प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तब तक वह नगर परिषद का ताला नहीं खोलेंगे।  नगर परिषद पर कांग्रेस समर्थित पार्षदों कब्जा होने के बाद से अब तक दूसरी बार तालाबंद की गई है। वहीं किसी भी स्थिति से बचने के लिए पुलिस कर्मी तैनात किए गए थे।
तहसीलदार की एक न सुनी
 नगर परिषद को तालाबंदी कर धरने पर बैठे पार्षदों को समझाने के लिए सांझ को आए तहसीलदार को बिना किसी नतीजे के बैंरग लौटने को मजबूर होना पड़ा। पार्षदों ने उनकी एक न सुनी और प्रदर्शन जारी रखने पर अड़े रहे। पार्षदों ने बताया कि आगे की रणनीति तैयार की जाएगी और सभी पार्टियों के नेताओं से संपर्क कर धरने प्रदशर्न तक लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी समस्या का  समाधान नहीं होता तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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