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शनिवार, जनवरी 19, 2019

स्वच्छता व एकता में अग्रणी है गांव रघुआना,महिला सरपंच कुलविंद्र कौर की प्रगतिशील सोच ने दिलाई गांव को नई पहचान

#dabwalinews
सिरसा -
जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर बसा गांव रघुआना निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में इस गांव में विभिन्न योजनाओं के तहत 53 लाख 57 हजार रुपये की ग्रांट से अनेकों विकास कार्य किए गए हैं जिससे ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हुई है। यह कहना है गांव की प्रगतिशील सोच की धनी महिला सरपंच कुलविंद्र कौर एवं पूर्व सरपंच जगतार सिंह चट्ठा का। उन्होंने गांव को विकास कार्यों एवं अन्य सामाजिक कार्यों में नई पहचान दिलवाई है।

गांव की महिला सरपंच कुलविंद्र कौर व पूर्व सरपंच जगतार सिंह चट्ठा के अनुसार गांव रघुआना जहां विकास की राह पर बढ़ रहा है वहां करीब 3200 की आबादी वाला यह गांव पूर्णत: खुले में शौच मुक्त एवं शांति प्रिय, सौहार्दपूर्ण गांव है।
गांव का स्वर्ण जयंती गौरव पट्ट गांव के स्वर्णीम इतिहास तथा देश व समाज में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले स्वतंत्रता सैनानी, खिलाड़ी व दानवीर व्यक्तियों के नामों से सुसज्जित है। गांव रघुआना ने देश की स्वतंत्रता व रक्षा में अपना अमूल्य योगदान दिया है। देश की रक्षा करते हुए स्वतंत्रता सेनानी सरदार करनैल सिंह ने सेना में लड़ते-लड़ते अपनी शहादत दी थी। गांव रघुआना के खिलाड़ी रहे गोल्ड मैडलिस्ट एवं पंजाब पुलिस से रिटायर्ड डीएसपी स्व. सरदार बाबू सिंह ने एथलीट में एशिया के नक्शे पर अपने गांव, जिले, प्रदेश व देश का नाम चमकाया।

गांव के अमरजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, भीम सिंह, सुभाष चंद्र व अन्य ग्रामीणों एवं बुजुर्गों का मानना है कि गांव रघुआना लगभग 220 वर्ष पूर्व बसाया गया था। इस गांव का नाम श्री रन्धु नाम के बुजुर्ग व्यक्ति के नाम पर रखा गया। जो सिधू वंश से संबंध रखता था बाद में मुगलू व भानी नाम के दो व्यक्ति आकर गांव में रहने लगे, जो चट्ठा वंश से संबंधित थे। इसलिए गांव में चट्ठा व सिधू नामक दो पतियां हैं। गांव में भिन्न भिन्न जातियों के लोग रहते हैं जिनमें अधिकतर अनुसूचित जाति, जट सिख व सामान्य जाति के लोग एक-दूसरे के साथ आपसी भाईचारे से रहते हैं। इस गांव में गुरुद्वारा, डेरा बाबा टीला साहब, रामदेव मंदिर, पीर खाना जैसे ऐतिहासिक स्थल है।
इस गांव में एक पुराना कुआं है, गांव में अतिसुंदर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय है, जिसका मुख्य द्वार आकर्षण का केंद्र है और दीवारों पर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, स्वच्छता है जहां, जिंदगी है वहां के साथ-साथ शहीद सरदार भगत सिंह, स्वामी विवेकानंद जैसे महापुरुषों के चित्र एवं विचार अंकित हैं,
जो विद्यार्थियों एवं अन्य लोगों को सभ्य नागरिक बनने का संदेश दे रहे हैं। गांव में स्टेडियम के साथ-साथ जलघर, पशु औषधालय, आंगनवाड़ी केंद्र व अन्य जन सुविधाएं भी हैं। गांव के लोगों का मुख्य व्यवसाय कृषि, पशुपालन और व्यापार है।

गांव में स्थापित गौरव पट्ट से साफ झलकता है कि यह गांव प्रतिष्ठित व दानवीर व्यक्तियों की भूमि है। इसी गांव के राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित सरदार प्यारा सिंह व पूर्व सरपंच श्रीमती गुरुदेव कौर, दानवीर सरदार परमजीत सिंह, सरदार बाबू सिंह, सरदार बाबू सिंह रिटायर्ड डीएसपी, सरदार बलजीत सिंह रिटायर्ड एसडीओ, सरदार जगतार सिंह पूर्व सरपंच, सुरेंद्र नेहरू व सुभाष जिंदल ने समय-समय पर गांव के स्कूल के मुख्य द्वार के निर्माण, इनवर्टर सुविधा, पीने के पानी की टंकी का निर्माण, वाटर कूलर लगवाना, स्कूल में पंखों की सुविधा मुहैया करवाना आदि कार्यों हेतु लाखों रुपए खर्च कर अपना सहयोग प्रदान किया है।


पूर्व सरपंच जगतार सिंह ने बताया कि बड़ागुढा खंड के गांव रघुआना में स्कूल के निर्माण कार्यों पर 85 लाख रुपये खर्च कर आधुनिक व आकर्षक ढंग से सुंदर बनाया गया है। यह राशि ग्राम पंचायत व दानवीर सज्जनों और ग्रामीणों के सहयोग से एकत्रित की गई है। उन्होंने स्कूल अपग्रेडेशन के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल व हरियाणा सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके गांव को सौगात देकर शिक्षा को बढावा देने का सराहनीय काम किया है।

गांव की प्रगतिशील सोच रखने वाली सरपंच श्रीमती कुलविंदर ने अपने कार्यकाल वर्ष 2014-15 से अबतक गांव में लाखों रुपए की ग्रांट से अनेकों विकास कार्य करवाए हैं, जिनमें 4.79 लाख रुपये की लागत से एससी चौपाल की मरम्मत करवाना, 8 लाख रुपये की लागत से आईपीबी गली का निर्माण, 2.50 लाख रुपये की लागत से आरसीसी पाईप डलवाना, 4.41 लाख रुपये की लागत से जलकर के लिए आरसीसी पाइप डलवाना, 4.96 लाख रुपये की लागत से गंदे पानी की निकासी के लिए आरसीसी पाईप डलवाना, 4.20 लाख रुपये की लागत से स्कूल में आईपीबी गली का निर्माण करवाना, 2.67 लाख रुपये की लागत से एससी चौपाल की मरम्मत, 3.60 लाख रुपये की लागत से गऊघाट का निर्माण करवाना, 5 लाख रुपये की लागत से सरकारी स्कूल के गेट का निर्माण करवाना, 3.50 लाख रुपये की लागत से श्मशान घाट में डेड बॉडी शैड व आईपीबी गली का निर्माण, 6.73 लाख रुपये की लागत से आईपी भी गली का निर्माण, एक लाख रुपये की लागत से शौचालय का निर्माण, एक लाख रुपये की लागत से स्कूल में पौधारोपण करवाना व 1.21 लाख रुपये की लागत से सरकारी स्कूल में ग्रीन गेट का निर्माण करवाया जाना आदि कार्य शामिल है।
उल्लेखनीय है कि हरियाणा राज्य भारत स्काउट एंड गाईड जिला सिरसा के तत्वावधान में गत दिनों आयोजित हुए पांच दिवसीय नेशनल इंटीग्रेशन कैंप जहां देश की एकता, अखंडता, प्रेम एवं आपसी भाईचारे की अमिट छाप छोड़ गया वहीं सिरसा जिला के लोगों में भारतीय संस्कृति एवं कला को बढावा देने का प्रेरणादायक संदेश दे गया। इससे गांव रघुआना की राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बनी है। गांव के पूर्व सरपंच जगतार सिंह एवं अन्य ग्रामीणों ने राष्ट्रीय एकता कैम्प के सफल आयोजन के लिए उपायुक्त प्रभजोत सिंह, एस डीएम कालांवाली बिजेंद्र सिंह, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सन्तकुमार,डी आई पी आर ओ सुरेन्द्र कुमार वर्मा, सुखदेव सिंह ढिल्लो व अन्य आर्गेनाइजरों का आभार व्यक्त किया।

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