BREAKING NEWS

Post Top Ad

Your Ad Spot
�� Dabwali न्यूज़ है आपका अपना, और आप ही हैं इसके पत्रकार अपने आस पास के क्षेत्र की गतिविधियों की �� वीडियो, ✒️ न्यूज़ या अपना विज्ञापन ईमेल करें dblnews07@gmail.com पर अथवा सम्पर्क करें मोबाइल नम्बर �� 9354500786 पर

रविवार, फ़रवरी 03, 2019

बीजेपी सरकार जनविरोधी होने के साथ-साथ घोर किसान विरोधी है- जसवीर सिंह भाटी

डबवाली

एसडीएम कार्यालय के समक्ष चल रहे किसान धरने के 40वे दिन जसंवत जोगेवाला, भेाला सिंह डबवाली, रिछपाल सिंह नीलांवाली, चरणजीत सिंह देसू, गुरसेवक सिंह देसूजोधा ने क्रमिक भूखहड़ताल पर बैठ कर सरकार के खिलाफ रोष जताया।
धरने को संबोधित करते हुए किसान नेता जसवीर सिंह भाटी ने कहा कि मोदी सरकार ने धरने व भूखहड़ताल पर बैठे किसानों की अनदेखी करके साबित कर दिया है कि यह सरकार जनविरोधी होने के साथ-साथ घोर किसान विरोधी है। इस सरकार को किसानों के हितों से कोई लेना-देना नही है।
भाजपा ने सरकार बनने से पहले डा. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने का वायदा किया था लेकिन अब सरकार किसानों को 2 हजार रुपए में वोटों के लिए खरीदना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस बात का जवाब देना चाहिए कि डा. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट क्यों नहीं लागू की जा रही। देश भर के सभी किसान भाजपा सरकार की नीतियों से तंग व परेशान हैं। अगर सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट नहीं लागू की तो आने वाले लोकसभा चुनावों में किसान मजदूर भाजपा का पुरजोर विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को केंद्रीय बजट से उम्मीद थी लेकिन सरकार ने बजट में भी किसानों के हित में कोई कदम न उठाकर किसान की आखिरी उम्मीद भी तोड़ दी है। इसके बाद देश के किसानों को सरकार से कोई उम्मीद नहीं बची है। सरकार ने नुमाइदों ने भी आकर किसानों से बात की थी लेकिन उनकी बात भी सरकार ने नहीं सुनी और किसानों की मांगें नहीं मानी गई। ऐसे में किसान निराश होकर डबवाली में 40 दिन से धरने पर बैठे किसानों को अपना धरना स्थािगत करना पड़ रहा हैं। इसके बाद किसानों ने चौटाला रोड़ पर पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रियों अरूण जेटली, पीयूष गोयल, राधा मोहन व नीति आयेाग का पुतला फंूक कर अपना गुस्सा निकाला। इसके साथ ही धरने को स्थगित करने की घोषणा कर दी गई। किसानों ने कहा कि अब सरकार का विरोध करने की आगामी रणनीति बनाई जाएगी। इस मौके पर अमरीक बिश्रोई, सुरेश पूनिया, राजा राम पारीक , हनुमान मुंड, नछतर सिंह, साहब सिंह, गुरमेल सिंह, बलकौर सिंह, साधु सिंह, धीरा सिंह, मिठ्ठु सिंह, बिल्लु सिंह, सुखराज बराड़, लीलाधर बलिहारा सहित अन्य किसान मौजूद थे।

कोई टिप्पणी नहीं:

Post Top Ad

पेज