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गुरुवार, फ़रवरी 14, 2019

लिंगानुपात में अव्वल है गांव रिसालियाखेड़ा, सरपंच की प्रगतिशील सोच ने दिलवाई गांव को नई पहचान

* गांव रिसालियाखेड़ा विकास की राह पर

डबवाली (सिरसा),
14 फरवरी। डबवाली खंड का गांव रिसालियाखेड़ा निरंतर विकास की राह पर अग्रसर है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में इस गांव में विभिन्न विकास कार्यों के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत लगभग 437 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है। इससे गांव में 70 प्रतिशत धनराशि खर्च कर विभिन्न विकास कार्य पूर्ण किए गए हैं और अनेक विकास कार्य प्रगति पर हैं। यह कहना है गांव की प्रगतिशील सोच के धनी सरपंच आजाद सिंह का। उन्होंने गांव को नई पहचान दिलवाई है।
सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के डीआईपीआरओ सुरेंद्र कुमार वर्मा ने गांव रिसालियाखेड़ा का दौरा किया और गांव के सरपंच से विकास कार्यों पर चर्चा की। सरपंच आजाद सिंह के अनुसार गांव रिसालियाखेड़ा जहां विकास की राह में आगे बढ रहा है, वहीं इस गांव की जिला सिरसा में लिंगानुपान में भी अव्वल स्थान के साथ महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
आंकड़ों के अनुसार इस गांव का लिंगानुपात 1037 है। शिक्षा के मामले में भी यह गांव महत्वपूर्ण उपलब्धि हांसिल किये हुए है।
गांव के स्कूल राजकीय वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय की 10वीं की परीक्षा में इस गांव की बेटी पूनम पुत्री स्व. ओम प्रकास साहू ने 82.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया, गीतिका पुत्री राम प्रताप ने 76.2 प्रतिशत अंको के साथ द्वितीय तथा ममता पुत्री नंदराम ने 73.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान प्राप्त किया है। गांव की टॉपर रही बेटी पूनम के अनुसार उन्हें फरवरी, 2018 में लिंगानुपात में इसी वर्ष जिला नागरिक अस्ताल सिरसा में सम्मानित भी किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि वह अपनी दादी नारायणी देवी व माता कांता देवी की प्रेरणा से अव्वल स्थान प्राप्त कर पाई।
गांव के सरपंच आजाद सिंह ने बताया कि इस गांव में दूसरे गांवों की तरह अनेक समस्याएं थी, लेकिन वर्तमान सरकार द्वारा शिक्षित सरपंचों के निर्वाचन के फैसले के चुनाव के बाद जब उन्होंने सरपंच का कार्यभार संभाला तो उन्होंने गांव की तस्वीर बदलने की कोशिशें शुरु की। उन्होंने बताया कि गांव में पीने के पानी की समस्या का समाधान करने के लिए वाटर वर्कस अपग्रेड करने के लिए सरकार से 250 लाख रुपये प्राप्त हुए हैं और कार्य प्रगति पर है। इसी प्रकार गांव में आईबीपी योजना के तहत लगभग 10 गलियों के निर्माण पर सरकार से प्राप्त 66 लाख रुपये की राशि खर्च की गई है। एसएफसी स्कीम के तहत 20 लाख रुपये खर्च कर आईबीपी गलियों के निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है। डी-प्लान के तहत गलियों व खाल के निर्माण पर 20 लाख रुपये खर्च कर कार्य पूर्ण किये गए हैं। 
इसके अलावा गांव में 15 लाख रुपये खर्च कर सामुदायिक केंद्र, 12 लाख रुपये की राशि से पंचायत की दुकानें, 10 लाख रुपये खर्च कर पीने के पानी की डिग्गी, 8 लाख रुपये की लागत से आंगनवाड़ी केंद्र भवन का निर्माण, 8 लाख रुपये की लागत से पेयजल पाईप लाईन डालने, 7 लाख 85 हजार रुपये की लागत से गौ स्वामी शमशान भूमि की चार दिवारी का निर्माण, 6 लाख रुपये की राशि से खेतों के आम रास्तों की पुलियां, 4 लाख रुपये खर्च कर उप स्वास्थ्य केंद्र की मुरम्मत का कार्य पूर्ण किया गया है। गांव में 10 लाख रुपये की राशि से श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क का निर्माण कार्य किया गया है।
7 हजार के करीब आबादी वाले इस गांव में 6800 एकड़ सिंचाई युक्त भूमि है, लोगों का मुख्य धंधा खेतीबाड़ी है। गांव में बिजली घर, जल घर, पीएनबी बैंक, उप स्वास्थ्य केद्र, सहकारी मिनी बैंक, ग्राम सचिवालय, वॉलीवाल खेल का मैदान, राजकीय वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय, राजकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय व अन्य सुविधाएं भी है जिनका ग्रामीण भरपूर लाभ उठा रहे हैं। गांव में आपसी भाईचारें के कारण इन विकास कार्यों को बढ़ावा मिला है और आगे भी मिलता रहेगा। सूचना, जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग के लीडर भजन पार्टी जुगती राम इसी गांव से हैं, जो सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों एवं उपलब्धियों के बारे में भजनों व रागनियों के माध्यम से जन-जन को अवगत करवाते हैं।

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