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शुक्रवार, फ़रवरी 22, 2019

मिलेनियम स्कूल डबवाली ने बताया सकारात्मक सोच का महत्व

डबवाली न्यूज़ 
मिलेनियम स्कूल डबवाली में आज एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया जिसमें सकारात्मक सोच के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा गया कि सकारात्मक सोच से मनुष्य का जीवन खुशहाल हो जाता है इस अवसर पर स्कूल के अध्यक्ष डॉ दीप्ति शर्मा जी ने कहा सकारात्मक सोच एक शक्ति, एक शस्त्र है, जो भगवान् ने हमें दिया. इसका प्रयोग कर हम बड़े से बड़े युध्य में विजय प्राप्त कर सकते है. जीवन में हमें कई तरह की परेशानियाँ आती है, ऐसा कोई नहीं है, जिसके जीवन में कोई कठिनाई, परेशानी न हो. हर इन्सान के पास परेशानी है, लेकिन हर इन्सान परेशान, रोता हुआ तो नहीं दिखता. परेशानी के समय भी जो अपनी सोच में काबू रखते है, वे ही उससे लड़कर आगे सफल हो पाते है. मनुष्य के मन में 2 तरह के विचार होते है, सकारात्मक और नकारात्मक. सकारात्मक विचार भगवान की ओर से आते है, जबकि नकारात्मक सोच शैतान का काम है. आप माने या न माने लेकिन इस दुनिया में जैसे भगवान है, वैसे ही शैतानी ताकत भी है. मन में गलत विचार लाना, अपने ही बारे में बुरी सोच ये शैतानी शक्ति ही देती है. ऐसा कौन इन्सान है जो अपने व अपने लोगों के लिए बुरा करना या सोचना चाहेगा. लेकिन शैतान ऐसा ही है, वो चाहता है, मनुष्य की सोच उसके हिसाब से चले, इसलिए वो हर वो बात जो हमारी भलाई के लिए नहीं है, हमारे मन में डालेगा.कहते है पॉजिटिव थिंकिंग वाले लोग ही जीवन में सफल हो पाते है. आपके मन के विचार आपके स्वाभाव के द्वारा सबके सामने आते है. सकारात्मक सोच वालों के आस पास सभी लोग रहना पसंद करते है. सकारात्मक सोच के लिए सुबह उठते ही आईने के सामने खड़े होकर ये प्रक्रिया अपनाएं मुस्कराओ
आज मेरा दिन है
मुझे पता है, मैं आज सबसे बेस्ट जगह में हूँ.
मुझे पता है, मैं विजेता हूँ.
मैं अपने लिए खुद ज़िम्मेदार हूँ.
अपनी डेस्टिनी मै खुद चुन सकता हूँ.
मुझे पता है, ये मैं कर सकता हूँ, और मैं पक्के से कर सकता हूँ.
भगवान हमेंशा मेरे साथ है.
आप सोच रहे है, ऐसा करने से क्या बदलाव आएगा, मेरी परेशानी ऐसे ठीक नहीं होगी. लेकिन आप विश्वास करें और इस प्रक्रिया को अपनाएं. कहते है शब्दों में बहुत ताकत होती है, अगर आप पॉजिटिव बोलोगे तो वैसा ही होगा, क्यूंकि पॉजिटिव किरणें हमारे आस पास आएँगी. जितना हो सके, अपनी परिस्थति पर पॉजिटिव बोलें. अच्छा सोचें (Think positive) – हमारी सोच जैसी रहेगी, हम वैसा व्यव्हार करेंगे, और अच्छा सोचेंगे तो अच्छा होगा, और बुरा सोचेगें हो बुरा. हर बात के दो पहलु होते है, एक अच्छा एक बुरा. आप सोच रहे होंगें ये सब बातें सिर्फ कहने की है, इन्सान की परिस्थति वही समझ सकता है, जिस पर बीतती है. हाँ ये सच है, लेकिन आपको अपनी लड़ाई खुद लड़नी है. जैसे पानी से भरी आधी गिलास को कोई बोलेगा ये आधी भरी, तो कोई बोलेगा ये आधी खाली है. परिस्थति वही है, बस इसे देखने व सोचेने का तरीका अलग है.
एक गेम खेलते है – आप एक जीवन की बहुत कठिन स्थति में है, जहाँ आगे आपको कुछ भी अच्छाई नहीं दिखाई दे रही है. लेकिन इस परिस्थति में आपको एक भलाई, एक अच्छाई ढूढनी है, इसे आप एक चैलेंज की तरह लें. बुरी स्थति में भी सोचो की परमेश्वर की आशीष क्या है, क्या अच्छा हो रहा है इस समय. शुरू में कठिनाई महसूस होगी, लेकिन धीरे धीरे ये आपकी आदत में आ जायेगा.


नजरिया बदलो (Change your attitude) – हमारी परेशानीयों से हमारी ख़ुशी या गम नहीं जुड़ा होता है, हम किस नाजिरिये से इसे देखते है, ये उससे तय होता है. दुनिया में कई ऐसे लोग है, जो जीवन की कठिन परिस्थति में होंगें, लेकिन फिर भी वे सदा मुस्कराते रहेंगें. और कई ऐसे भी लोग होंगें जिनके पास सब कुछ होगा, उनके जीवन की सबसे बड़ी जीत उन्हें मिली होगी तब भी वे परेशान होंगें. आपको तय करना होगा, आप अपनी लाइफ को किस तरह से देखते हो.
शिकायत मत करो (Limit your complaints) – किसी भी बात के लिए शिकायत मत करो, चिड़चिड़ाओ नहीं. बेकार परिस्तिथि में भगवान्, या किसी इन्सान या आपकी किस्मत को मत कोसो, बल्कि उस परिस्थति का दूसरा पहलु देखो.मोटीवेट (motivate) करें – किसी इन्सान की मदद करने से भी हमारे अंदर सकारात्मकता आती है. आपके आस पास कोई परेशान है, तो उसका उत्साहवर्धन करे, उसे जीवन की अच्छी बातें बताएं. इसके अलावा किसी को कोई चीज की जरुरत हो, तो उसकी मदद करें.
हमेशा हँसते रहें
एक्सरसाइज करें
ध्यान करें
अच्छे गाने सुनो, किताबें पढ़ो साथ ही पॉजिटिव सकारात्मक वाले अनमोल वचन पढ़ो.
सकारात्मक लोगों के साथ ज्यादा से ज्यादा बातें करे, उन्हें अपनी परेशानी बताएं, उनकी सोच को अपनाने की कोशिश करें.
कई बार ऐसा होता है कि पॉजिटिव बातें सुनकर, उनको पढ़कर तुरंत तो हम अच्छा महसूस करते है, लेकिन जैसे जैसे अपनी लाइफ में व्यस्त होते जाते है, इन बातों को भुलाकर वापस बुरे ख्यालों में चले जाते है. इससे बचने के लिए आप उपर बताई गई बातों को जितना हो सकें याद रखें और अपने जीवन में उतारने की कोशिश करें. आप पॉजिटिव बातों के पोस्टर, नोट को अपने रूम में, मिरर बाथरूम के दरवाजे, वाश्बेसन के उपर लगायें. सुभ उठते ही ये बातें आपके सामने होंगी. जिससे दिन की शुरुवात ही पाजिटिविटी से होगी.

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