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Title: शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह, राजगुरू व सुखदेव के शहीदी दिवस पर लड्डू बांटे जाना निंदाजनक : इकबाल शांत
Author: Young Flame
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पुण्य तिथि पर नहीं, जन्मदिन या खुशी पर बांटे जाते हैं लड्डू #dabwalinews.com डबवाली,23 मार्च स्वतंत्रता सेनानी गुरदेव सिंह शांत के ...
पुण्य तिथि पर नहीं, जन्मदिन या खुशी पर बांटे जाते हैं लड्डू
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डबवाली,23 मार्च स्वतंत्रता सेनानी गुरदेव सिंह शांत के सुपुत्र इकबाल सिंह शांत ने शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह, राजगुरू व सुखदेव के शहीदी दिवस पर आयोजित समारोह में अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन द्वारा लड्डू बांटे जाने की सख्त शब्दों में निंदा की है। उन्होने कहा कि मौजूदा दौर में मौकाप्रस्ती व सस्ती शोहरत के लिऐ भारत के स्वतंत्रता संग्राम को अपनी शहादत से नई दिशा देने वाले सरदार भगत सिंह, राजगुरू व सुखदेव के शहीदी दिवस को मजाक बना कर रख दिया है। उन्होने कहा कि 23 मार्च का दिन देशवासियों के लिऐ राष्ट्रीय शोक दिवस है। इस दिन राष्ट्रीय शहीदों की कुर्बानी दिवस उनकी विचाराधारा से प्रेरणा से लेकर मौजूद समय में उसको लागू करने हेतू प्रण लिया जाता है, ना कि लड्डू बंाटेे जाते हैं। इकबाल सिंह शांत ने कहा कि गुलामी के दौर में तब शहादत की जरूरत थी ओर आज उनकी विचाराधारा को हकीकत में उतार कर काले अंग्रेजों से देश व समाज को आजाद करवाने की लडाई है। उन्होने कहा कि शहीदों के बुत स्थापित करवाना व शहीदी दिवस मनाना अच्छी बात है पर इसे मनमाना रूप देने वाले लोग इस गुमान में ना रहे कि पत्थर के बुत नहीं बोलते, वे भूल रहें हैं कि भगत सिंह के मौलिक विचार आज भी आम जनता की आत्मा में समाऐ हुऐ हैं। उन्होने कहा कि डबवाली में शहीदी चौंक पर अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन द्वारा आयोजित श्रद्धांजली समारोह में लड्डू बांटने से लोक मनों को गहरी ठेस पहुंची है। उन्होने कहा कि लड्डू जन्मदिन या खुशी के अवसर पर बांटे जाते हैं ना कि पुण्य तिथि के अवसर पर।
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PRINCIPAL HPS SR SEC SCHOOL ने कहा… 23 मार्च 2016 को 9:26 pm

हद हो गई
क्या मतलब है ऐसे अवसर पर लडडू बांटने का?
आयोजकों का क्या कहना है?

 
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